महिला ने एक साथ दिया पांच बेटियों को जन्म, पांचों ने अस्पताल में तोड़ा दम

यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 16 Feb 2018 01:41 PM IST
The woman gave birth to five daughters together, crowd of viewers
पांच बच्चियों को जन्म दिया - फोटो : अमर उजाला
कुदरत के खेल निराले हैं। बृहस्पतिवार को मेरठ में परीक्षितगढ़ के गांव बागवाला में देवीराम की पत्नी ने प्रसव के दौरान पांच बच्चियों को जन्म दिया। यह इलाके में चर्चा का विषय बन गया। करीब साढ़े छह माह में प्री मैच्योर डिलीवरी होने कारण बच्चियां स्वस्थ नहीं थीं। हालांकि कुछ घंटे बाद उनकी एक-एक कर मौत हो गई। एक साथ पांच बच्चियां पैदा होने का मेरठ का यह पहला मामला बताया जा रहा है।
देवीराम मजदूरी करता है। उसकी पत्नी पिंकी घरेलू महिला है। उनके पहले से दो बेटियां हैं। पिंकी करीब साढ़े छह माह की गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर देवीराम पत्नी को नगर के मवाना बस स्टैंड पर महिला चिकित्सक के पास पहुंचा। जहां पिंकी ने पांच बच्चियों को जन्म दिया। यह जानकारी मिलने पर पिता परेशान हो गया। खबर लगने पर काफी संख्या में लोग बच्चियों को देखने क्लीनिक पहुंच गए। उपचार न मिलने पर नवजात की हालत बिगड़ने लगी। लोगों की सूचना पर 108 एंबुलेंस से बच्चियों को महिला जिला अस्पताल लाया गया। महिला अस्पताल की एसआईसी मंजू मलिक ने बताया कि तीन बच्चियों को भर्ती करने से पहले मृत घोषित कर दिया गया। जबकि दो बच्चियों को रेडिएट वार्मर में रखा गया। यहां वेंटीलेटर सुविधा न होने के कारण दोनों बच्चियों को मेडिकल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सीएचसी प्रभारी संदीप गौतम ने बताया कि गर्भवती महिला को उसका पति देवीराम सुबह सात बजे सीएचसी लेकर पहुंचा था। महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। लेकिन वह निजी चिकित्सक के पास चले गए। 

प्री मैच्योर थी डिलीवरी
एसआईसी मंजू मलिक ने बताया कि नार्मल डिलीवरी में बच्चा करीब ढाई किलो का रहता है। जबकि ये पांचों बच्चियां प्री मैच्योर पैदा हुई थीं। आमतौर पर प्री मैच्यौर बच्चों का वजन भी 800 से 900 ग्राम के आसपास होता है। मगर इनका वजन 470, 540, 580, 570 और 600 ग्राम था।

सुपर ओव्यूलेशन में होता है ऐसा
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम सिरोही ने बताया कि इस तरह के मामले सुपर ओव्यूलेशन में होते हैं। इसमें मल्टीफर्टिलाइज्ड होने के कारण कई बच्चे हो जाते हैं। प्री मैच्योर डिलीवरी होने पर बच्चे के ऑर्गन विकसित नहीं हो पाते, खासकर फेफड़े। ऐसे में इन्हें बचा पाना मुश्किल होता है। ऐसे मामले ज्यादातर टेस्ट ट्यूब बेबी के तहत आते हैं। सामान्य तौर पर ऐसा मामला चौंकाने वाला है। उनके संज्ञान में पांच बच्चों का एक साथ होने का मामला पहले प्रकाश में नहीं आया है।
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अल्ट्रासाउंड में दिखे थे चार बच्चे

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