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मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक सौहार्द्र की अनूठी मिसाल, हिंदू-मुस्लिम साथ मिलकर रख रहे रोजे

Tue, 30 May 2017 01:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 30 May 2017 01:43 PM IST
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The unique mishra of communal harmony, roza kept in Hindu-Muslim prison
फाइल फोटो

मुजफ्फरनगर में रमजान माह में कारागार के भीतर मुस्लिमों के अलावा हिंदू महिला और पुरुष बंदियों ने रोजा रखकर सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल पेश की है। जेल अफसरों ने इस दौरान बंदियों के लिए दूध, चीनी और फल आदि की व्यवस्था की है। रमजान माह में बंदियों को इस्तेमाल होने वाली सभी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं।       

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आपको बता दें कि जेल के भीतर बंद मुस्लिम और हिंदू बंदी एक-साथ रोजे रखकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं। हिंदू महिला बंदी भी दो दिन से रोजे रख रही हैं। जेल अधीक्षक राकेश सिंह के मुताबिक जिला कारागार में करीब 2600 बंदी हैं।
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रविवार से रमजान का महीना शुरू हुआ, तो बंदियों ने रोजे रखने प्रारंभ किए। दोनों दिन कुल 1226 बंदियों ने रोजे रखे। 1174 मुस्लिम, 32 हिंदू पुरुष बंदी, 18 महिला मुस्लिम और दो हिंदू महिला बंदी रोजे रख रही हैं।
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अधीक्षक ने बताया कि रोजा रखने वाले सभी बंदियों को जेल प्रशासन की ओर से दूध, चीनी, खजूर, बिस्कुट और मौसमी फल दिया जा रहा है। सहरी और इफ्तार के समय पर बंदियों को सभी सामान दिया जा रहा है। सभी बंदियों को रमजान में इस्तेमाल की जाने वाली सभी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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