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बैंकों की हड़ताल से लगा 450 करोड़ का फटका, प्राइवेट बैंक खुले

Wed, 01 Mar 2017 05:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 01 Mar 2017 05:00 PM IST
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The strike began with 450 million Banks Shot, private bank open
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल

यूनाइटेड फोरम और ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर जिले के सरकारी बैंक कर्मी मंगलवार को हड़ताल पर रहे। जिले के करीब 400 बैंकों में ताले लटके रहे। जिससे करीब 450 करोड़ का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों ने अलग-अलग स्थानों पर धरने प्रदर्शन किए। छोटे कस्बों में यूनियन के पदाधिकारियों ने कुछ प्राइवेट बैंकों को भी बंद करा दिया था।

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सुबह से ही सरकारी बैंकों में ताले लटके थे। कुछ बैंक खुले थे। लेकिन स्टाफ अपना काम निपटा रहा था। जिले में एसबीआई, सिंडिकेट बैंक, पीएनबी, यूनियन बैंक, केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूबीआई, आदि करीब 28 सरकारी बैंकों की 400 से अधिक शाखाओं में ग्राहकों का काम नहीं हुआ और उन्हें वापस लौटना पड़ा। बैंकों की विभिन्न यूनियनों से जुडे़ पदाधिकारियों ने जिले में घूमकर कुछ प्राइवेट बैंक शाखाओं को भी बंद कराने की कोशिश की। कुछ कस्बों में उन्होंने प्राइवेट बैंकों की शाखाओं को भी बंद करा दिया।
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हालांकि शहर में प्राइवेट बैंकों की शाखाएं खुली रहीं। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई आदि प्राइवेट बैंकों में सामान्य दिनों की तरह काम हुआ। सिंडिकेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के जोनल काउंसिल सदस्य और पूर्व एलडीएम विनय शर्मा ने बताया कि एक दिन की हड़ताल से जनपद के सरकारी बैंकों में करीब 450 करोड़ का लेनदेन प्रभावित होता है।

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नोटबंदी में घंटों काम लिया, दिया कुछ नहीं 

The strike began with 450 million Banks Shot, private bank open
बैंक में मिले ताले लगे

यूपी बैंक एंपलाइज यूनियन की जिला इकाई ने इलाहाबाद बैंक की कैंट ब्रांच पर धरना प्रदर्शन किया। यूनियन अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, जिला मंत्री प्रशांत शर्मा ने कहा कि नोटबंदी के दौरान कर्मियों ने कई-कई घंटे अतिरिक्त काम किया। लेकिन उन्हें इसका कोई अतिरिक्त लाभ नहीं दिया गया। सीएम गौतम ने आरोप लगाया कि सरकार बैंक गठित कर राजनेताओं, पूंजीपतियों और कॉरपोरेट घरानों द्वारा डकारे गए लोन को इसमें समायोजित करना चाहती है, यह कृत्य देशद्रोह होगा। सरकार को ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई के लिए कानून में संशोधन कर सख्त कानूनी कार्रवाई कर वसूली करनी चाहिए। इस मौके पर महेंद्र पाल, मोहित, सुशील, ब्रिजेश, अरविंद त्रिपाठी, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

वहीं, गढ़ रोड स्थित स्टेट बैंक के  आंचलिक कार्यालय में एसबीआई कर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। बैंक अधिकारी संगठन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी आईपी सिंह और उप महासचिव शशि भूषण अग्रवाल ने कहा कि हर बार केवल सरकार से आश्वासन मिलता है। केंद्रीय कर्मियों की तुलना में उनकी पेंशन, ग्रेच्युटी, फैमिली पेंशन आदि तमाम सुविधाएं बहुत कम हैं। मृतक आश्रित को नौकरी नहीं मिलती। इन मांगों को पूरी कराकर ही यूनियन दम लेगा। इस दौरान विपिन, हर्ष शर्मा आदि मौजूद रहे।

स्केल 4 के अफसर हड़ताल से दूर
हड़ताल से बैंकों के स्केल-4 के अधिकारी दूर रहे। ईव्ज चौराहा स्थित सिंडिकेट बैंक की ब्रांच में चीफ  मैनेजर डीके गुप्ता ड्यूटी पर थे। कैशियर अजय सैनी, सुनीता और अशरफ और अमर भी कामकाज करते मिले। बैंक प्रबंधक ने बताया कि स्केल-4 से ऊपर के अफसर हड़ताल में शामिल नहीं है।

जिले के बैंकिंग आंकडे़

The strike began with 450 million Banks Shot, private bank open
हड़ताल के कारण बंद पड़ा यूनियन बैंक

बैंक शाखाएं     450
सरकारी बैंक    400
एटीएम    410
बैंक कर्मी    5000
लेनदेन प्रभावित    4500 करोड़, अनुमानित 
चेक क्लीयरिंग    2500 करोड़, अनुमानित 

ये हैं बैंक कर्मियों की मांगें 
नोट बंदी में अतिरिक्त काम का ओवरटाइम भत्ता
ग्रेच्युटी भुगतान सीमा 20 लाख की जाए
आईबीए से 11वें वेतन की प्रक्रिया शुरू कराई जाए 
केंद्रीय कर्मियों की तरह बैंकों में भी अनुकंपा नियुक्ति हो
पेंशन और फैमिली पेंशन में बढ़ोत्तरी 
बैंकों के खाली स्टाफ के पदों पर नियुक्ति
बैंकों में आउट सोर्सिंग बंद होनी चाहिए।
बैंक लोन न देने वालों पर कानूनी कार्रवाई 
खराब लोन वसूली के लिए उच्चाधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो

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