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Meerut News: तूफान ने मचाई तबाही, सड़कें बंद, बिजली व्यवस्था ध्वस्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बुधवार रात करीब 10 बजे आए 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाले आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं और बारिश के चलते सड़कें बंद हो गईं और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। विभागीय अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद 24 घंटे बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं।
तारापुर, सराय खादर, फाजलपुर, कुन्हेड़ा, रठौरा कला और बड़ी चामरौध समेत करीब एक दर्जन गांव तूफान से प्रभावित हुए। हस्तिनापुर से रामराज जाने वाला मुख्य मार्ग कई स्थानों पर पेड़ गिरने से पूरी तरह बाधित हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को रातभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार सुबह तक भी मार्ग पर यातायात सुचारू नहीं हो सका। दोपहर बाद संपर्क मार्गों से पेड़ हटाए जाने के बाद आवागमन शुरू कराया जा सका।
ग्रामीणों के अनुसार तूफान करीब 20 मिनट तक चला। इस दौरान बड़े स्तर पर नुकसान हुआ। सुबह होते ही सड़कों, खेतों और बिजली लाइनों पर तबाही का मंजर दिखाई दिया। किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। तूफान से कई गांवों में बिजली के करीब 35 खंभे टूट गए, जबकि चार ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए। तेज हवाओं से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र में पिछले 12 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। विभागीय कर्मचारी लाइनें दुरुस्त करने में जुटे हैं। कुन्हेड़ा विद्युत उपखंड केंद्र की रामराज से आने वाली मुख्य सप्लाई लाइन पर पेड़ गिरने से पूरे उपखंड की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई।
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अवर अभियंता बिजेंद्र कुमार ने बताया कि तूफान में करीब 35 खंभे टूटे हैं और चार ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त लाइनें और खंभे बदलने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। शुक्रवार शाम तक कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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बरगद का पेड़ धराशायी, हाईटेंशन लाइन के दो खंभे टूटे
-18 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं, रातभर बंद रहा मार्ग
बहसूमा। बुधवार रात करीब 10:20 बजे आई तेज आंधी-बारिश ने रामराज-हस्तिनापुर मार्ग पर कहर बरपाया। दशकों पुराना विशाल बरगद का पेड़ हवा के थपेड़ों से जड़ समेत उखड़कर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर जा गिरा। पेड़ के साथ ही एचटी लाइन के दो खंभे भी टूटकर सड़क पर आ गिरे। हादसे में बिजली के तार टूटते ही रामराज क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। वहीं मुख्य मार्ग पर पेड़ व पोल गिरने से रामराज-हस्तिनापुर मार्ग रातभर के लिए बंद हो गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
ग्रामीण रोहित बंसल, श्रीपाल कोहली व सतीश चौहान ने बताया रात 10:20 बजे अचानक मौसम बदला। तेज हवा के साथ ऐसी आवाज आई जैसे बम फटा हो। देखा तो बरगद का पेड़ एचटी लाइन पर गिरा हुआ था। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से रात में ही मार्ग का एक हिस्सा खोलकर वाहनों को निकाला। बृहस्पतिवार सुबह विद्युत विभाग की टीम अवर अभियंता रामलाल के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। ट्रैक्टर की मदद से पेड़ हटाने का काम शुरू हुआ। टूटे पोल बदलने का कार्य जारी है।
अवर अभियंता रामलाल ने बताया कि पोल टूटने से तीन स्पैन की लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। नए पोल लगाए जा रहे हैं। शाम 4:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। इसके अलावा मेरठ-पौड़ी राजमार्ग पर भी कई जगह पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध रहा। कस्बे से अकबरपुर को जाने वाले मार्ग पर गिरे यूकेलिप्टिस के पेड़ों से मार्ग बाधित रहा। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी मार्ग सुचारू कराए।
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पूरी रात विद्युत आपूर्ति बाधित रही
फलावदा। तेज आंधी के कारण विद्युत पोल उखड़ कर सड़क पर गिर गए। इस कारण पूरी रात विद्युत आपूर्ति बाधित रही। कई स्थान पर तेज हवा से खंभे उखड़ गए। बिजली बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रवाहित हो गई। 33 हजार की लाइन में फाल्ट आने के कारण फलावदा बिजली घर की आपूर्ति ठप हो गई। चरला बिजली घर से सप्लाई होने वाली 33 हजार की विद्युत लाइन में फाल्ट आने के कारण पूरी रात पूरे क्षेत्र की लाइट गुल हो गई। पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई।
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काॅलेज के कमरों पर गिरे पेड, दो कमरों की छत क्षतिग्रस्त
मवाना। बुधवार रात आंधी बारिश से गांव मवाना खुर्द स्थित जवाहर इंटर काॅलेज के सामने खोदे गए कच्चे नाले के कारण सड़क किनारे खडे यूकेलिप्टिस के दो पेड़ गिरने से दो कमरों का शेड क्षतिग्रस्त हो गया और दीवारों में भी दरारें आ गई। काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में स्थानीय प्रशासन से लेकर सीएम पोर्टल तक पर शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रधानाचार्य केपी सिंह ने बताया कि पीडब्लूडी द्वारा काॅलेज के सामने कच्चा नाला खोद दिया है। जिसके पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिस कारण पानी खोदे गए नाले व कालेज के खेल के मैदान में भरा रहता है। खोदे गए नाले के किनारे पर ही बड़े-बड़े यूकेलिप्टिस के पेड़ खड़े हैं। जो नाला खोदे जाने से कमजोर हो गए हैं और जड़ों ने मिट्टी छोड़ दी है। संवाद
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विद्युत आपूर्ति पूरी रही ठप
मवाना। बुधवार की रात आई आंधी से हस्तिनापुर रोड स्थित बिजलीघर से आधे नगर को होने वाली विद्युत आपूर्ति पूरी रात ठप रही। बृहस्पतिवार को सुबह 9:00 बजे के आसपास आपूर्ति सुचारु हो सकी। बुधवार 9:30 बजे के आसपास आई आंधी और बारिश से नगर की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। मेरठ रोड स्थित बिजलीघर से होने वाली आपूर्ति 11 बजे के आसपास सुचारु हो गई, लेकिन हस्तिनापुर रोड स्थित बिजली घर से होने वाली आपूर्ति पूरी रात ठप रही। आपूर्ति ठप रहने से गोवर्धन एनक्लेव, हरिहर विहार, पक्का तालाब, तहसील बाईपास आदि इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि रात आंधी से आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे सुबह सुचारु कर दिया गया। संवाद
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आंधी और बारिश से बिगड़ी बिजली व्यवस्था, कई गांवों में अंधेरा
सरधना। बुधवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ उखड़कर बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे सरधना देहात क्षेत्र के अनेक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी के कारण बिजली के तार टूटने और खंभों के क्षतिग्रस्त होने से ऊर्जा निगम को भारी नुकसान पहुंचा है। छुर, कपसाड़, झिटकरी और मंढियाई जंगल क्षेत्र समेत कई गांवों में रातभर बिजली गुल रही। अंधेरे के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहरा गया। ऊर्जा निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात से ही फॉल्ट खोजकर आपूर्ति बहाल करने में जुट गईं। तेज हवा और बारिश का असर आम की फसल पर भी पड़ा। बागों में बड़ी संख्या में कच्चे आम टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों और बाग ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ऊर्जा निगम के एक्सईएन दुर्गेश कुमार जायसवाल का कहना है कि देहात क्षेत्र में विद्युत लाइन की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए टीम लगी हुई है।
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मंडी में आठ रुपये किलो बिका आंधी में टूटा आम
किठौर। बुधवार शाम आई तेज आंधी और बारिश से फिर बागवानों की कमर तोड़ दी है। आंधी और बारिश से आम बागवानों को लाखों का नुकसान हुआ है। बागवानों का कहना है कि आंधी से टूटा आम मंडी में मात्र आठ रुपये किलो अचार फैक्टरी वालों को बेचा जा रहा है। जबकि अब से 15 दिन बाद अगर आम टूटता तो यही आम 40 रुपये किलो मंंडी में बिकता। लोगो का कहना है कि मार्च-अप्रैल में आई बारिश से आम का बोर गिरने से फसल पहले ही कमजोर थी। वहीं अब लगातार आ रही आंधी-बारिश से भारी नुकसान हुआ है।
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हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बुधवार रात करीब 10 बजे आए 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाले आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं और बारिश के चलते सड़कें बंद हो गईं और बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। विभागीय अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद 24 घंटे बाद भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं।
तारापुर, सराय खादर, फाजलपुर, कुन्हेड़ा, रठौरा कला और बड़ी चामरौध समेत करीब एक दर्जन गांव तूफान से प्रभावित हुए। हस्तिनापुर से रामराज जाने वाला मुख्य मार्ग कई स्थानों पर पेड़ गिरने से पूरी तरह बाधित हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को रातभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार सुबह तक भी मार्ग पर यातायात सुचारू नहीं हो सका। दोपहर बाद संपर्क मार्गों से पेड़ हटाए जाने के बाद आवागमन शुरू कराया जा सका।
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ग्रामीणों के अनुसार तूफान करीब 20 मिनट तक चला। इस दौरान बड़े स्तर पर नुकसान हुआ। सुबह होते ही सड़कों, खेतों और बिजली लाइनों पर तबाही का मंजर दिखाई दिया। किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। तूफान से कई गांवों में बिजली के करीब 35 खंभे टूट गए, जबकि चार ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए। तेज हवाओं से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र में पिछले 12 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। विभागीय कर्मचारी लाइनें दुरुस्त करने में जुटे हैं। कुन्हेड़ा विद्युत उपखंड केंद्र की रामराज से आने वाली मुख्य सप्लाई लाइन पर पेड़ गिरने से पूरे उपखंड की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई।
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अवर अभियंता बिजेंद्र कुमार ने बताया कि तूफान में करीब 35 खंभे टूटे हैं और चार ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त लाइनें और खंभे बदलने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। शुक्रवार शाम तक कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
बरगद का पेड़ धराशायी, हाईटेंशन लाइन के दो खंभे टूटे
-18 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं, रातभर बंद रहा मार्ग
बहसूमा। बुधवार रात करीब 10:20 बजे आई तेज आंधी-बारिश ने रामराज-हस्तिनापुर मार्ग पर कहर बरपाया। दशकों पुराना विशाल बरगद का पेड़ हवा के थपेड़ों से जड़ समेत उखड़कर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर जा गिरा। पेड़ के साथ ही एचटी लाइन के दो खंभे भी टूटकर सड़क पर आ गिरे। हादसे में बिजली के तार टूटते ही रामराज क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। वहीं मुख्य मार्ग पर पेड़ व पोल गिरने से रामराज-हस्तिनापुर मार्ग रातभर के लिए बंद हो गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
ग्रामीण रोहित बंसल, श्रीपाल कोहली व सतीश चौहान ने बताया रात 10:20 बजे अचानक मौसम बदला। तेज हवा के साथ ऐसी आवाज आई जैसे बम फटा हो। देखा तो बरगद का पेड़ एचटी लाइन पर गिरा हुआ था। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से रात में ही मार्ग का एक हिस्सा खोलकर वाहनों को निकाला। बृहस्पतिवार सुबह विद्युत विभाग की टीम अवर अभियंता रामलाल के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। ट्रैक्टर की मदद से पेड़ हटाने का काम शुरू हुआ। टूटे पोल बदलने का कार्य जारी है।
अवर अभियंता रामलाल ने बताया कि पोल टूटने से तीन स्पैन की लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। नए पोल लगाए जा रहे हैं। शाम 4:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। इसके अलावा मेरठ-पौड़ी राजमार्ग पर भी कई जगह पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध रहा। कस्बे से अकबरपुर को जाने वाले मार्ग पर गिरे यूकेलिप्टिस के पेड़ों से मार्ग बाधित रहा। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी मार्ग सुचारू कराए।
पूरी रात विद्युत आपूर्ति बाधित रही
फलावदा। तेज आंधी के कारण विद्युत पोल उखड़ कर सड़क पर गिर गए। इस कारण पूरी रात विद्युत आपूर्ति बाधित रही। कई स्थान पर तेज हवा से खंभे उखड़ गए। बिजली बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रवाहित हो गई। 33 हजार की लाइन में फाल्ट आने के कारण फलावदा बिजली घर की आपूर्ति ठप हो गई। चरला बिजली घर से सप्लाई होने वाली 33 हजार की विद्युत लाइन में फाल्ट आने के कारण पूरी रात पूरे क्षेत्र की लाइट गुल हो गई। पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई।
काॅलेज के कमरों पर गिरे पेड, दो कमरों की छत क्षतिग्रस्त
मवाना। बुधवार रात आंधी बारिश से गांव मवाना खुर्द स्थित जवाहर इंटर काॅलेज के सामने खोदे गए कच्चे नाले के कारण सड़क किनारे खडे यूकेलिप्टिस के दो पेड़ गिरने से दो कमरों का शेड क्षतिग्रस्त हो गया और दीवारों में भी दरारें आ गई। काॅलेज प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में स्थानीय प्रशासन से लेकर सीएम पोर्टल तक पर शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रधानाचार्य केपी सिंह ने बताया कि पीडब्लूडी द्वारा काॅलेज के सामने कच्चा नाला खोद दिया है। जिसके पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिस कारण पानी खोदे गए नाले व कालेज के खेल के मैदान में भरा रहता है। खोदे गए नाले के किनारे पर ही बड़े-बड़े यूकेलिप्टिस के पेड़ खड़े हैं। जो नाला खोदे जाने से कमजोर हो गए हैं और जड़ों ने मिट्टी छोड़ दी है। संवाद
विद्युत आपूर्ति पूरी रही ठप
मवाना। बुधवार की रात आई आंधी से हस्तिनापुर रोड स्थित बिजलीघर से आधे नगर को होने वाली विद्युत आपूर्ति पूरी रात ठप रही। बृहस्पतिवार को सुबह 9:00 बजे के आसपास आपूर्ति सुचारु हो सकी। बुधवार 9:30 बजे के आसपास आई आंधी और बारिश से नगर की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। मेरठ रोड स्थित बिजलीघर से होने वाली आपूर्ति 11 बजे के आसपास सुचारु हो गई, लेकिन हस्तिनापुर रोड स्थित बिजली घर से होने वाली आपूर्ति पूरी रात ठप रही। आपूर्ति ठप रहने से गोवर्धन एनक्लेव, हरिहर विहार, पक्का तालाब, तहसील बाईपास आदि इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि रात आंधी से आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे सुबह सुचारु कर दिया गया। संवाद
आंधी और बारिश से बिगड़ी बिजली व्यवस्था, कई गांवों में अंधेरा
सरधना। बुधवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के चलते कई जगह पेड़ उखड़कर बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे सरधना देहात क्षेत्र के अनेक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी के कारण बिजली के तार टूटने और खंभों के क्षतिग्रस्त होने से ऊर्जा निगम को भारी नुकसान पहुंचा है। छुर, कपसाड़, झिटकरी और मंढियाई जंगल क्षेत्र समेत कई गांवों में रातभर बिजली गुल रही। अंधेरे के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहरा गया। ऊर्जा निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात से ही फॉल्ट खोजकर आपूर्ति बहाल करने में जुट गईं। तेज हवा और बारिश का असर आम की फसल पर भी पड़ा। बागों में बड़ी संख्या में कच्चे आम टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों और बाग ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान हुआ है। ऊर्जा निगम के एक्सईएन दुर्गेश कुमार जायसवाल का कहना है कि देहात क्षेत्र में विद्युत लाइन की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है। जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए टीम लगी हुई है।
मंडी में आठ रुपये किलो बिका आंधी में टूटा आम
किठौर। बुधवार शाम आई तेज आंधी और बारिश से फिर बागवानों की कमर तोड़ दी है। आंधी और बारिश से आम बागवानों को लाखों का नुकसान हुआ है। बागवानों का कहना है कि आंधी से टूटा आम मंडी में मात्र आठ रुपये किलो अचार फैक्टरी वालों को बेचा जा रहा है। जबकि अब से 15 दिन बाद अगर आम टूटता तो यही आम 40 रुपये किलो मंंडी में बिकता। लोगो का कहना है कि मार्च-अप्रैल में आई बारिश से आम का बोर गिरने से फसल पहले ही कमजोर थी। वहीं अब लगातार आ रही आंधी-बारिश से भारी नुकसान हुआ है।