बिजली का संकट: गर्मी से बेहाल हुए लोग, कई कॉलोनियों में चार घंटे आपूर्ति नहीं, जानें क्या है बड़ी वजह
यहां बिजली की आपूर्ति नहीं होने से शहरवासियों का बुरा हाल है। जानिए आखिर बिजली कटौती के पीछे बड़ी वजह क्या है।
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जून महीने में गर्मी में बिजली की बढ़ती मांग के बीच शहरवासियों को अघोषित कटौती झेलनी पड़ रही हैं। कहीं फॉल्ट ठीक होने में देरी के चलते कटौती हो रही है तो कहीं सिस्टम को बचाने के लिए ऐहतियातन बिजली गुल की जा रही है। बिना बिजली के जहां लोगों का बुरा हाल है, वहीं पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
ऐसा कोई दिन नहीं जा रहा, जब ट्रांसफार्मर और वीसीबी दम न तोड़ रही हों और लाइनों में फॉल्ट न हो रहे हों। गुरुवार को भी शहर के दो दर्जन बिजलीघरों से आपूर्ति का बुरा हाल रहा। नौंचदी बिजलीघर पर मेंटींनेस के चलते सुबह पांच बजे से आठ बजे तक का शटडाउन लिया गया था। काम तय समय में पूरा नहीं होने पर इसे नौ बजे तक कर दिया गया। क्षेत्र की दर्जनों कॉलोनियों के करीब बीस हजार उपभोक्ताओं को चार घंटे तक बिजली नहीं मिल सकी।
उधर, पल्लवपुरम फेज वन और टू में तीसरे दिन भी लोगों को राहत नहीं मिल पाई। यहां अमित पार्क में रखा 400 केवीए का ट्रांसफार्मर फूंकने से क्षेत्र के लोगों को पूरी रात बिजली नहीं मिल सकी। इसके अलावा बेगमपुल, जागृति विहार, शास्त्री नगर, मेडिकल, काजीपुर, एमईएस, शारदा रोड, हापुड़ रोड बाईपास, टीपी नगर, टाउन हाल, लेडीज पार्क, सेंट लुक्स, रेलवे रोड, विकास पुरी, लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड, अमन विहार, अम्हैड़ा, डिफेंस एन्क्लेव, पुराना आरटीओ और रोहटा रोड आदि बिजलीघरों पर भी तीन से चार घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
मैनपावर की कमी से बढ़ रहा संकट
बिजली कर्मियों के बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से मेंटीनेंस और फॉल्ट अटेंड करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। मैनपावर की कमी के चलते न तो समय से फॉल्ट ढूंढे जा रहे हैं और न ही तेजी से ठीक हो पा रहे हैं। हालात ये हैं कि एक जगह लाइन स्टाफ फॉल्ट ढूंढ रहा होता है तो दूसरी जगह पर भी फॉल्ट होने की सूचना आ जाती है। सीमित स्टाफ पहला फॉल्ट ठीक करने के बाद ही दूसरे फॉल्ट को ठीक करने जा पाता है।
एमडी ने दी शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति की हिदायत
बिजली आपूर्ति के संकट पर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने गुरुवार को अधिकारियों की मैराथन बैठक ली। बैठक में बिजली की बढ़ी मांग और उसके सापेक्ष आपूर्ति और आने वाले समय में मांग को पूरा करने के लिए तैयारियों की समीक्षा की गई। एमडी ने कहा कि शहर और गांव को हर हाल में शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति की जाए। इस दौरान अभियंताओं ने मैनपावर और संसाधनों की कमी की तरफ ध्यान दिलाया। इसके लिए एमडी ने स्टोर और वर्कशॉप को अलर्ट करते हुए फुंके ट्रांसफार्मर तुरंत बदलने और जरूरी सामान की आपूर्ति करने के निर्देश दिए।