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एमएसपी से 375 रुपये कम है बाजार में गेहूं के दाम
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एमएसपी से 375 रुपये कम है बाजार में गेहूं के दाम
बिजनौर। गेहूं की फसल तैयार है, सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू कर दी गई है। बाजार और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर को लेकर ही किसान संगठन एमएसपी पर खरीद की गारंटी मांग रहे हैं। यह अंतर फसल आते ही साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य दाम सरकार ने 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, लेकिन बाजार में 325 से 375 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम मिल रहे हैं।
जिले में इस बार करीब एक लाख 47 हजार हेक्टेयर जमीन में गेहूं की फसल बोई गई है। गेहूं की कटाई और गहाई शुरू हो गई है। क्रय केेंद्रों को एक अप्रैल से गेहूं की खरीद के लिए खोल दिया गया है। सरकार की ओर से क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद के सरकारी दाम 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए गए हैं। लेकिन बाजार में स्थिति अलग ही दिखाई दे रही है। बाजार में गेहूं के दाम 1600 से 1650 रुपये प्रति क्विंटल तक ही चल रहे हैं। गेहूं के दाम कम होने से किसानों को बाजार में गेहूं बेचने में नुकसान उठाना होगा। भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार सरकार का एमएसपी केवल सरकारी क्रय केंद्रों पर ही लागू होता है। किसान को बाजार में भी एमएसपी पर ही गेहूं बेचना चाहिए। भाकियू की ओर से कलक्ट्रेट में एक कांटा लगवाया जाएगा, किसान यहां लाकर गेहूं बेचें।
तेज हवाओं ने जल्द पकाई फसल
कालागढ़। गर्म हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। दो दिनों से चल रही तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल तैयार हो गई है। किसानों ने फसलों की कटाई शुरू कर दी है। कटाई कर रहीं महिला किसान मेनका बिष्ट, मीना रावत, गुड्डी गुसाई, जशोदा गुसाई, शालू आदि का कहना है कि खेतों में इस बार फसल कुछ जल्दी ही तैयार हो गई है। संवाद
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बिजनौर। गेहूं की फसल तैयार है, सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू कर दी गई है। बाजार और समर्थन मूल्य के बीच के अंतर को लेकर ही किसान संगठन एमएसपी पर खरीद की गारंटी मांग रहे हैं। यह अंतर फसल आते ही साफ दिखाई दे रहा है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य दाम सरकार ने 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, लेकिन बाजार में 325 से 375 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम मिल रहे हैं।
जिले में इस बार करीब एक लाख 47 हजार हेक्टेयर जमीन में गेहूं की फसल बोई गई है। गेहूं की कटाई और गहाई शुरू हो गई है। क्रय केेंद्रों को एक अप्रैल से गेहूं की खरीद के लिए खोल दिया गया है। सरकार की ओर से क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद के सरकारी दाम 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए गए हैं। लेकिन बाजार में स्थिति अलग ही दिखाई दे रही है। बाजार में गेहूं के दाम 1600 से 1650 रुपये प्रति क्विंटल तक ही चल रहे हैं। गेहूं के दाम कम होने से किसानों को बाजार में गेहूं बेचने में नुकसान उठाना होगा। भाकियू युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार सरकार का एमएसपी केवल सरकारी क्रय केंद्रों पर ही लागू होता है। किसान को बाजार में भी एमएसपी पर ही गेहूं बेचना चाहिए। भाकियू की ओर से कलक्ट्रेट में एक कांटा लगवाया जाएगा, किसान यहां लाकर गेहूं बेचें।
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तेज हवाओं ने जल्द पकाई फसल
कालागढ़। गर्म हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। दो दिनों से चल रही तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल तैयार हो गई है। किसानों ने फसलों की कटाई शुरू कर दी है। कटाई कर रहीं महिला किसान मेनका बिष्ट, मीना रावत, गुड्डी गुसाई, जशोदा गुसाई, शालू आदि का कहना है कि खेतों में इस बार फसल कुछ जल्दी ही तैयार हो गई है। संवाद
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