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आईपीएस बोले, खुल रही एक के बाद एक परते, पुलिस लाइन में तीन दिन से पसरा है सन्नाटा
गजेंद्र चौधरी /मेरठ
Updated Mon, 12 Sep 2016 12:29 PM IST
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पुलिस की गाड़ी से तेल निकालता युवक।
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस लाइन से सरकारी तेल बेचने का धंधा कई अर्से से चल रहा है। मेरठ पुलिस प्रदेश सरकार और महकमे को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुकी है। इसका खुलासा सन 2012 में बनी तेल चोरी की वीडियो में साफ नजर आया है। यह वीडियो रविवार को ‘अमर उजाला’ को मिली है। इस वीडियो की सच्चाई का खुलासा पुलिस जांच में होगा।
‘अमर उजाला’ के स्टिंग में पुलिस के तेल की कालाबाजारी होने का खुलासा हुआ। तेल बेचने की पोल खुली तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला लखनऊ तक गूंज चुका है। डीजीपी खुद इस मामले की रिपोर्ट तलब कर चुके है। रविवार को पुलिस के तेल चोरी का एक और कारनामा सामने आया है। 2012 में बनी पुलिस के तेल चोरी की ‘अमर उजाला’ के हाथ लगी। जिसमें एक के बाद एक पुलिस की 19 गाड़ियां तेल निकलवाती दिखाई दे रही हैं। अगर इस वीडियो पर यकीन किया जाए तो कई वर्षों से पुलिसकर्मी सरकारी तेल दुकान पर बेच रहे हैं।
इससे यह भी बात साफ हो रही है कि पुलिस करोड़ों रुपये का तेल प्राइवेट दुकानों पर बेच चुकी है। आश्चर्य की बात तो यह है कि 2012 की वीडियो में लोकेशन मवाना बस स्टैंड स्थित पेट्रोल पंप के पीछे नगर निगम की दुकानें हैं। जिसका स्टिंग ऑपरेशन पांच दिन पहले ही ‘अमर उजाला’ ने किया है।
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एक के बाद एक दुकान पर लगती गाड़ी
वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि एक के बाद एक पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी दुकान पर लेकर आते हैं और दुकानदार गाड़ी में पाइप लगाकर तेल निकाल रहा है। इनमें पुलिस अधिकारियों की भी कई गाड़ियां शामिल हैं। बड़ा सवाल है कि पुलिस अफसरों को अब तक इसकी जानकारी नहीं हुई या फिर इस खेल को जानबूझकर चलने दिया गया।
भूमिगत हुआ तेल ‘माफिया’ दुकानदार
अमर उजाला के स्टिंग में पुलिस तेल बेचती साफ दिखाई दे रही है। इसका खुलासा होते ही पुलिस का तेल खरीदने वाला ‘माफिया’ दुकानदार भूमिगत हो गया है। तीन दिन से उसकी दुकान पर ताला लगा है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि अमर उजाला में पुलिस तेल चोरी का समाचार प्रकाशित होने के बाद से दुकानदार ने दुकान नहीं खोली।
खुलने लगी पुलिस तेल चोरी की परतें
पुलिस की तेल चोरी के मामले की जांच एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने नवागत आईपीएस अंकित मित्तल को सौंपी है। आईपीएस अंकित मित्तल का कहना है कि तेल चोरी में एक के बाद एक परतें खुलती जा रही हैं। जांच अभी चल रही है। एमटी विभाग से डीजल, पेट्रोल और गाड़ियों की मरम्मत का लेखा-जोखा लिया जा रहा है। इस मामले की जांच जल्द पूरी हो जाएगी।
लखनऊ तक खलबली
मेरठ पुलिस के सरकारी तेल चोरी के मामले ने लखनऊ तक खलबली मचा रखी है। पुलिसकर्मी एक-दूसरे को फोन करके जांच पड़ताल की जानकारी जुटा रहे है। पुलिसकर्मियों की चिंता सता रही है कि पता नहीं किस-किस पर गाज गिरेगी। तीन दिन से पुलिस लाइन में सन्नाटा पसरा है। तेल चोरी में पुलिस लाइन के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
कोट
पुलिसकर्मियों द्वारा सरकारी तेल बेचने का मामला संज्ञान में है। इसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। किसी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। सन 2012 की वीडियो में भी पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी से तेल निकलवा रहे है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।- अजय आनंद, आईजी जोन
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‘अमर उजाला’ के स्टिंग में पुलिस के तेल की कालाबाजारी होने का खुलासा हुआ। तेल बेचने की पोल खुली तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामला लखनऊ तक गूंज चुका है। डीजीपी खुद इस मामले की रिपोर्ट तलब कर चुके है। रविवार को पुलिस के तेल चोरी का एक और कारनामा सामने आया है। 2012 में बनी पुलिस के तेल चोरी की ‘अमर उजाला’ के हाथ लगी। जिसमें एक के बाद एक पुलिस की 19 गाड़ियां तेल निकलवाती दिखाई दे रही हैं। अगर इस वीडियो पर यकीन किया जाए तो कई वर्षों से पुलिसकर्मी सरकारी तेल दुकान पर बेच रहे हैं।
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इससे यह भी बात साफ हो रही है कि पुलिस करोड़ों रुपये का तेल प्राइवेट दुकानों पर बेच चुकी है। आश्चर्य की बात तो यह है कि 2012 की वीडियो में लोकेशन मवाना बस स्टैंड स्थित पेट्रोल पंप के पीछे नगर निगम की दुकानें हैं। जिसका स्टिंग ऑपरेशन पांच दिन पहले ही ‘अमर उजाला’ ने किया है।
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एक के बाद एक दुकान पर लगती गाड़ी
वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि एक के बाद एक पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी दुकान पर लेकर आते हैं और दुकानदार गाड़ी में पाइप लगाकर तेल निकाल रहा है। इनमें पुलिस अधिकारियों की भी कई गाड़ियां शामिल हैं। बड़ा सवाल है कि पुलिस अफसरों को अब तक इसकी जानकारी नहीं हुई या फिर इस खेल को जानबूझकर चलने दिया गया।
भूमिगत हुआ तेल ‘माफिया’ दुकानदार
अमर उजाला के स्टिंग में पुलिस तेल बेचती साफ दिखाई दे रही है। इसका खुलासा होते ही पुलिस का तेल खरीदने वाला ‘माफिया’ दुकानदार भूमिगत हो गया है। तीन दिन से उसकी दुकान पर ताला लगा है। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि अमर उजाला में पुलिस तेल चोरी का समाचार प्रकाशित होने के बाद से दुकानदार ने दुकान नहीं खोली।
खुलने लगी पुलिस तेल चोरी की परतें
पुलिस की तेल चोरी के मामले की जांच एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने नवागत आईपीएस अंकित मित्तल को सौंपी है। आईपीएस अंकित मित्तल का कहना है कि तेल चोरी में एक के बाद एक परतें खुलती जा रही हैं। जांच अभी चल रही है। एमटी विभाग से डीजल, पेट्रोल और गाड़ियों की मरम्मत का लेखा-जोखा लिया जा रहा है। इस मामले की जांच जल्द पूरी हो जाएगी।
लखनऊ तक खलबली
मेरठ पुलिस के सरकारी तेल चोरी के मामले ने लखनऊ तक खलबली मचा रखी है। पुलिसकर्मी एक-दूसरे को फोन करके जांच पड़ताल की जानकारी जुटा रहे है। पुलिसकर्मियों की चिंता सता रही है कि पता नहीं किस-किस पर गाज गिरेगी। तीन दिन से पुलिस लाइन में सन्नाटा पसरा है। तेल चोरी में पुलिस लाइन के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
कोट
पुलिसकर्मियों द्वारा सरकारी तेल बेचने का मामला संज्ञान में है। इसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। किसी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। सन 2012 की वीडियो में भी पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी से तेल निकलवा रहे है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।- अजय आनंद, आईजी जोन