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हस्तशिल्प का बाजार गढ़ेगा कामयाबी की इबारत
अमित मुदगल/मेरठ
Updated Mon, 29 Aug 2016 02:32 AM IST
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नौचंदी मैदान का मुख्य गेट।
- फोटो : अमर उजाला
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। एतिहासिक मेला नौचंदी को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट तथा लखनऊ अवध मार्ट से लिंक करने की तैयारी है। मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने इसकी हरी झंडी दे दी है। वहीं, 4.50 करोड़ रुपये मेला नौचंदी परिसर को चमकाने के लिए मंजूर किए जा चुके हैं, जिसमें हस्त शिल्पियों के लिए एक बड़ा शिल्प गृह बनने जा रहा है।
पश्चिमी उप्र हस्तकला का बड़ा केंद्र है। लेकिन सही बाजार एवं सुविधाएं न मिलने के कारण यह कला परवान नहीं चढ़ रही है। हालांकि सरकार विभिन्न स्तर पर कदम उठा रही है, लेकिन ये कदम फिलहाल नाकाफी साबित हो रहे हैं। मेला नौचंदी हस्त शिल्पियाें को बड़ा बाजार मुहैया कराता है। मेरठ के अलावा मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा, सहारनपुर, खुर्जा, बुलंदशहर और बिजनौर समेत आसपास के विभिन्न जिलों में हस्त शिल्पकला न केवल जीवित है बल्कि काफी कलाकारों के स्वरोजगार का आधार बनी है। इन्हीं स्थानों के कारीगर अपनी कला के जरिए तैयार किए गए उत्पादों को मेला नौचंदी में लेकर आते हैं। इससे आय के साथ इस कला को पहचान भी मिलती है। बावजूद इसके यह मुहिम नाकाफी है। बड़ा मंच, बड़ा बाजार और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने की कवायद जारी है।
एक्सपो मार्ट खोलेगा नई राहें
गत दिवस मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने हेलीकॉप्टर से ग्रेटर नोएडा का सर्वे किया। उन्होंने एशिया का सबसे बड़ा फूड पार्क यमुना सिटी में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बनाने की घोषणा की। यह खास निर्देश भी दिए कि ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपोमार्ट से नौचंदी मेले को लिंक किया जाए। हस्त शिल्पियों को बढ़ावा के लिए एक्सपो मार्ट और लखनऊ के अवध मार्ट को एक साथ लिंक करने के निर्देश दिए हैं। इससे शिल्पकारों को एक्सपो मार्ट के जरिए बाजार मिलेगा तो अवध मार्ट के साथ लिंक राह को और आगे तक ले जाएगा। इससे बिखरा बाजार समेटा जा सकेगा।
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यहां तैयारी शुरू
मेरठ में इस पर काम शुरू हो चुका है। एमडीए ने अपनी अवस्थापना निधि से चार करोड़ 47 लाख रुपये मेला नौचंदी के लिए स्वीकृत किए हैं। जिससे पटेल मंडप को नया लुक दिया जाएगा। इसके अलावा ओपन एयर और मल्टी परपज थियेटर आदि बनेंगे। कियोस्क बनाए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि ढाई करोड़ की लागत से यहां आर्टिजंस होम यानी शिल्प गृह बनेगा। कलाकारों के लिए बनाए जाने वाले इस होम में हस्त शिल्पकारों की कला को प्रोत्साहन मिलेगा। जब एक मुकम्मल मंच शिल्पियों को मिलेगा तो वे यहां से एक्सपो मार्ट और अन्य ऐसे केंद्रों से सीधा टच में रह सकेंगे।
रोजगार के अवसर खुलेंगे
हैंडीक्राफ्ट में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं का सही क्रियान्वयन होगा और बिजनेस बढ़ेगा तो तय है कि इससे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्वयं सहायता समूहों को इससे जोड़ा जाएगा और बिखरे हुए व्यवसाय को व्यवस्थित किया जा सकेगा।
कोट
4:50 करोड़ रुपये अवस्थापना निधि से एमडीए ने मेला नौचंदी परिसर के लिए मंजूर किए हैं। जिसमें ढाई करोड़ की लागत से आर्टिजंस होम बनेगा, जो अहम है। इससे हस्त शिल्पियों को अपनी कला के प्रोत्साहन का नया मंच मिलेगा। - शबीह हैदर, अधीक्षण अभियंता एमडीए
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पश्चिमी उप्र हस्तकला का बड़ा केंद्र है। लेकिन सही बाजार एवं सुविधाएं न मिलने के कारण यह कला परवान नहीं चढ़ रही है। हालांकि सरकार विभिन्न स्तर पर कदम उठा रही है, लेकिन ये कदम फिलहाल नाकाफी साबित हो रहे हैं। मेला नौचंदी हस्त शिल्पियाें को बड़ा बाजार मुहैया कराता है। मेरठ के अलावा मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा, सहारनपुर, खुर्जा, बुलंदशहर और बिजनौर समेत आसपास के विभिन्न जिलों में हस्त शिल्पकला न केवल जीवित है बल्कि काफी कलाकारों के स्वरोजगार का आधार बनी है। इन्हीं स्थानों के कारीगर अपनी कला के जरिए तैयार किए गए उत्पादों को मेला नौचंदी में लेकर आते हैं। इससे आय के साथ इस कला को पहचान भी मिलती है। बावजूद इसके यह मुहिम नाकाफी है। बड़ा मंच, बड़ा बाजार और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने की कवायद जारी है।
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एक्सपो मार्ट खोलेगा नई राहें
गत दिवस मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने हेलीकॉप्टर से ग्रेटर नोएडा का सर्वे किया। उन्होंने एशिया का सबसे बड़ा फूड पार्क यमुना सिटी में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बनाने की घोषणा की। यह खास निर्देश भी दिए कि ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपोमार्ट से नौचंदी मेले को लिंक किया जाए। हस्त शिल्पियों को बढ़ावा के लिए एक्सपो मार्ट और लखनऊ के अवध मार्ट को एक साथ लिंक करने के निर्देश दिए हैं। इससे शिल्पकारों को एक्सपो मार्ट के जरिए बाजार मिलेगा तो अवध मार्ट के साथ लिंक राह को और आगे तक ले जाएगा। इससे बिखरा बाजार समेटा जा सकेगा।
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यहां तैयारी शुरू
मेरठ में इस पर काम शुरू हो चुका है। एमडीए ने अपनी अवस्थापना निधि से चार करोड़ 47 लाख रुपये मेला नौचंदी के लिए स्वीकृत किए हैं। जिससे पटेल मंडप को नया लुक दिया जाएगा। इसके अलावा ओपन एयर और मल्टी परपज थियेटर आदि बनेंगे। कियोस्क बनाए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि ढाई करोड़ की लागत से यहां आर्टिजंस होम यानी शिल्प गृह बनेगा। कलाकारों के लिए बनाए जाने वाले इस होम में हस्त शिल्पकारों की कला को प्रोत्साहन मिलेगा। जब एक मुकम्मल मंच शिल्पियों को मिलेगा तो वे यहां से एक्सपो मार्ट और अन्य ऐसे केंद्रों से सीधा टच में रह सकेंगे।
रोजगार के अवसर खुलेंगे
हैंडीक्राफ्ट में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं का सही क्रियान्वयन होगा और बिजनेस बढ़ेगा तो तय है कि इससे नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। स्वयं सहायता समूहों को इससे जोड़ा जाएगा और बिखरे हुए व्यवसाय को व्यवस्थित किया जा सकेगा।
कोट
4:50 करोड़ रुपये अवस्थापना निधि से एमडीए ने मेला नौचंदी परिसर के लिए मंजूर किए हैं। जिसमें ढाई करोड़ की लागत से आर्टिजंस होम बनेगा, जो अहम है। इससे हस्त शिल्पियों को अपनी कला के प्रोत्साहन का नया मंच मिलेगा। - शबीह हैदर, अधीक्षण अभियंता एमडीए