योगी के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालते ही छिनी सभी नेताओं की लालबत्ती
प्रदेश में सत्ता की कमान संभलने के दूसरे दिन ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर सभी दर्जा प्राप्त मंत्रियों की लालबत्ती छीन ली गई। मुख्यमंत्री ने इसके लिए मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के कड़े फैसले के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मचा हुआ है।
मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सोमवार को लिखित में आदेश करते हुए कहा कि शासन द्वारा तत्कालनी सरकार में कतिपय विभागों/ सार्वजनिक निगमों, परिषद व समिति आदि में प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत नियुक्त ऐसे सभी कार्यरत गैर सरकारी सलाहकारों, अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों की सेवाओं को तत्कालिक प्रभाव से समाप्त करते हुए उन्हें कार्यमुक्त किए जाने के आदेश पारित किए गये हैं।
इन आदेशों का तत्काल प्रभाव से पालन कराया जायेगा
सपा सरकार में सत्ता की धमक दिखाकर सुख भोगने के लिए नेताओं ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। कई नेताओं ने तो लालबत्ती के नाम पर अफसरों पर खूब रोब गालिब किया था। मेरठ के प्रमुख नेताओ में जिन्हें लालबत्ती मिली थी उनमें बीज निगम के उपाध्यक्ष राजपाल सिंह, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग सलाहकार रफीक अंसारी, मद्य निषेध विभाग के चेयरमैन कुलदीप उज्जवल, एससीएसटी आयोग के उपाध्यक्ष मुकेश सिद्घार्थ, रेशम विभाग के सलाहकार सदस्य भूषण त्यागी, कारागार विभाग सलाहकार सदस्य अयूब अंसारी, राज्य योजना आयोग के सदस्य आकिल मुर्तजा, क्रियान्वयन विभाग के सलाहकार सदस्य इसरार सैफी, श्रम विभाग के सलाहकार सदस्य मोहम्मद अब्बास, हस्तशिल्प विभाग के सलाहकार सदस्य फारूख हसन, संगीत नाटय अकादमी के सदस्य यासीन पहलवान, प्रशासनिक सुधार विभाग सलाहकार शकील सैफी समेत 14 नेताओं को लालबत्ती बांटी गई थी।