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आश्वासन के बाद ही सीआरपीएफ के जवान का अन्तिम संस्कार

Sun, 28 Feb 2021 02:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 02:04 AM IST
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The jawan was cremated seven hours after coming the dead body
शव आने के सात घंटे बाद किया जवान का अंतिम संस्कार
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किठौर। क्षेत्र के छुछाई निवासी सीआरपीएफ के जवान की झारखंड में मौत के बाद शनिवार को शव गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर लेने थाने पहुंचे परिजनों और अधिकारियों के बीच मामला शहादत और आत्महत्या को लेकर फंस गया। परिजनों ने पार्थिव शरीर ताबूत में नही होने पर आपत्ति जताई। उन्होंने मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच, शहीद का दर्जा देने समेत पांच मांगे पूरी होने पर ही अंतिम संस्कार करने की बात कही। करीब सात घंटे बाद तहसीलदार के गांव पहुंचने पर जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
छुछाई निवासी सोमपाल (38) पुत्र ब्रह्म सिंह सीआरपीएफ बिशनपुर-बनारी 158 पिकेट में सिपाही के पद पर तैनात थे। बृहस्पतिवार को संदिग्ध हालात में गोली लगने से उसकी मौत हो गई। कमांडिंग ऑफिसर ने परिजनों को फोन पर आत्महत्या करना बताया था। शनिवार तड़के करीब 2:30 बजे सीआरपीएफ की प्लाटून शव लेकर किठौर थाना पहुंची। तीन बजे परिजन व ग्रामीण थाने पहुंचे। यहां जवान का पार्थिव शरीर बिना ताबूत देख परिजनों ने आपत्ति जताई। मौजूद सीआरपीएफ इंस्पेक्टर ने जवान को शहीद का दर्जा नही दिए जाने की जानकारी दी। इस पर बात बढ़ी और सुबह होते-होते थाने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। किसी तरह इंस्पेक्टर किठौर ने पार्थिव शरीर गांव पहुंचाया।
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शहीद का दर्जा न मिलने पर आक्रोश
ग्राम प्रधान समेत कई ग्रामीणों का कहना था कि सोमपाल हंसमुख और मिलनसार था। वह आत्महत्या नही कर सकता। अधिकारियों की ओर से कही जा रही आत्महत्या की बात गलत है। ग्रामीणों ने सैनिक की मौत की निष्पक्ष जांच, शहीद का दर्जा देने, परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, बच्चों को मुफ्त शिक्षा के साथ डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने के आश्वासन पर ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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शव देखकर तड़पते रहे परिजन
सूचना पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान और निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह गांव पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने डीएम के. बालाजी और एसडीएम कमलेश कुमार को फोन कर मौके पर आने को कहा। अधिकारियों ने किसान महापंचायत की बात कहकर तहसीलदार अजय कुमार और सीओ बृजेश सिंह को मौके पर भेज दिया। मांगे पूरी किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद दोपहर करीब तीन बजे सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
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