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लड़कियों ने कब्जाए 29 गोल्ड
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Sun, 24 Apr 2016 01:48 AM IST
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सुभारती विवि के दीक्षांत समारोह में सेल्फी लेतीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय का शनिवार को चौथा दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। गोल्ड मेडल हासिल करने में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ दिया। 37 गोल्ड मेडल में 29 लड़कियों ने हासिल किए। लड़कों को मात्र आठ गोल्ड मिले। दीक्षांत में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और पीएचडी के 1470 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी गई। आकांक्षा और गरिमा ने पांच-पांच गोल्ड मेडल जीते। मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कम्यूनिटी हेल्थ सर्विस के डायरेक्टर डॉ. डीसी जोशी रहे।
समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से की गई। मुख्य अतिथि डॉ. डीसी जोशी, सुभारती विवि के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण और डॉ. मुक्ति भटनागर, सुभारती केकेबी चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. शल्य राज, कुलाधिपति डॉ. जीसी श्रीवास्तव, कुलपति डॉ. एनके आहूजा, प्रतिकुलपति डॉ. वीके भटनागर और रजिस्ट्रार पीके गर्ग को बुके भेंट कर स्वागत किया गया।
कुलपति डॉ. एनके आहूजा ने विवि की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा सुभारती विवि सिर्फ डिग्री नहीं देता। उनका मकसद शिक्षा के साथ संस्कार और सेवा भाव पैदा करना भी है। डॉ. मुक्ति भटनागर ने छात्रों से कहा वह आज डिग्री लेकर जा रहे हैं। विवि का मान रखना। इस मौके पर डॉ. जेपी सूरी, डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. आलोक भटनागर, डॉ. रोहित, डॉ. देशराज, डॉ. ओपी सिंह मौजूद रहे।
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आजाद हिंद गान से समापन
दीक्षांत समारोह का समापन आजाद हिंद गान के साथ हुआ। आमतौर पर समापन राष्ट्रगान से होता है। डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा राष्ट्रगान को लेकर कंट्रोवर्सी रही है। राष्ट्रगान में भारत का नाम नहीं आता। इसे बदलने की जरूरत है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके दो साथियों ने आजाद हिंद फौज के लिए राष्ट्रगान लिखा था।
आकांक्षा ने झटके पांच गोल्ड
बीडीएस की छात्रा आकांक्षा बिस्वाल बेस्ट गर्ल और बीडीएस के ही छात्र मोहम्मद मुस्तकीम बेस्ट ब्वॉय चुने गए। एमबीबीएस की छात्रा अफीफा जमशेद और पीयूष कौशिक को नगद पुरस्कार दिया गया। एमबीबीएस 2014 की छात्रा आकांक्षा तेवतिया और बीडीएस 2011 की छात्रा गरिमा ने पांच-पांच गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। 24 छात्रों को सर्टिफिकेट फोर एक्सीलेंस दिए गए। आठ छात्रों को पीएचडी की डिग्री अवार्ड की गई।
बड़ा सोचोगे, बड़ा बनोगे : डॉ. जोशी
मुख्य अतिथि डॉ. डीसी जोशी ने छात्र-छात्राओं को प्रेरणादायक भाषण दिया। उन्होंने अपने संघर्ष का हवाला देते हुए कहा जितना ज्यादा सोचोगे उतना पाओगे। बड़ा सोचो और बड़े सपने देखो। एमबीबीएस कर लिया। एक छोटा सा क्लिनिक खोल लेंगे। जिंदगी बढ़िया चलेगी। ऐसा सोचने से बस उतना ही हो पाएगा। उन्होंने कहा महान लोगों की खासियत होती है कि वह सरल होते हैं। सरलता से इंसान बड़ा बनता है।
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समारोह की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से की गई। मुख्य अतिथि डॉ. डीसी जोशी, सुभारती विवि के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण और डॉ. मुक्ति भटनागर, सुभारती केकेबी चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. शल्य राज, कुलाधिपति डॉ. जीसी श्रीवास्तव, कुलपति डॉ. एनके आहूजा, प्रतिकुलपति डॉ. वीके भटनागर और रजिस्ट्रार पीके गर्ग को बुके भेंट कर स्वागत किया गया।
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कुलपति डॉ. एनके आहूजा ने विवि की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा सुभारती विवि सिर्फ डिग्री नहीं देता। उनका मकसद शिक्षा के साथ संस्कार और सेवा भाव पैदा करना भी है। डॉ. मुक्ति भटनागर ने छात्रों से कहा वह आज डिग्री लेकर जा रहे हैं। विवि का मान रखना। इस मौके पर डॉ. जेपी सूरी, डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. आलोक भटनागर, डॉ. रोहित, डॉ. देशराज, डॉ. ओपी सिंह मौजूद रहे।
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आजाद हिंद गान से समापन
दीक्षांत समारोह का समापन आजाद हिंद गान के साथ हुआ। आमतौर पर समापन राष्ट्रगान से होता है। डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा राष्ट्रगान को लेकर कंट्रोवर्सी रही है। राष्ट्रगान में भारत का नाम नहीं आता। इसे बदलने की जरूरत है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके दो साथियों ने आजाद हिंद फौज के लिए राष्ट्रगान लिखा था।
आकांक्षा ने झटके पांच गोल्ड
बीडीएस की छात्रा आकांक्षा बिस्वाल बेस्ट गर्ल और बीडीएस के ही छात्र मोहम्मद मुस्तकीम बेस्ट ब्वॉय चुने गए। एमबीबीएस की छात्रा अफीफा जमशेद और पीयूष कौशिक को नगद पुरस्कार दिया गया। एमबीबीएस 2014 की छात्रा आकांक्षा तेवतिया और बीडीएस 2011 की छात्रा गरिमा ने पांच-पांच गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। 24 छात्रों को सर्टिफिकेट फोर एक्सीलेंस दिए गए। आठ छात्रों को पीएचडी की डिग्री अवार्ड की गई।
बड़ा सोचोगे, बड़ा बनोगे : डॉ. जोशी
मुख्य अतिथि डॉ. डीसी जोशी ने छात्र-छात्राओं को प्रेरणादायक भाषण दिया। उन्होंने अपने संघर्ष का हवाला देते हुए कहा जितना ज्यादा सोचोगे उतना पाओगे। बड़ा सोचो और बड़े सपने देखो। एमबीबीएस कर लिया। एक छोटा सा क्लिनिक खोल लेंगे। जिंदगी बढ़िया चलेगी। ऐसा सोचने से बस उतना ही हो पाएगा। उन्होंने कहा महान लोगों की खासियत होती है कि वह सरल होते हैं। सरलता से इंसान बड़ा बनता है।