पूर्व पार्षद ने दम तोड़ा तो उबला किन्नरों का गुस्सा, अस्पताल में तोड़फोड़ कर पुलिस को दी चेतावनी
मेरठ में गोली लगने से घायल पूर्व पार्षद किन्नर फाको उर्फ तासी ने बृहस्पतिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। किन्नरों ने फाको का ठीक से इलाज न करने का आरोप लगाकर पहले जिला अस्पताल में हंगामा किया और फिर आनंद हॉस्पिटल पहुंचकर तोड़फोड़ कर दी। पुलिस और अस्पताल कर्मियों को भी दौड़ा लिया।
पूर्व पार्षद किन्नर फाको उर्फ तासी को मंगलवार दोपहर उनके घर श्यामनगर, लिसाड़ी गेट में घुसकर दो शूटरों ने पांच गोलियां मारी थीं। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे फाको ने आनंद हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी लगते ही शहर और देहात के सैकड़ों किन्नर अस्पताल पहुंच गए। किन्नर के शव को एक्सरे के लिए पोस्टमार्टम हाउस से जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां किन्नरों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद किन्नर फाको के शव को आनंद हॉस्पिटल ले आए और शव हॉस्पिटल के सामने रखकर खुद अंदर घुस गए। किन्नरों ने हॉस्पिटल परिसर में तोड़फोड़ के अलावा इमरजेंसी ओर आईसीयू तक में धावा बोला। सूचना पर एसओ मेडिकल फोर्स लेकर पहुंचे तो किन्नर पुलिस और अस्पताल के कर्मचारियों से भिड़ गए। जिस पर मरीजों और तीमारदारों में भी अफरातफरी फैल गई। बाद में मौके पर पहुंचे एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने किसी तरह किन्नरों को समझाकर शांत किया। एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम ने बताया कि हॉस्पिटल में मारपीट और तोड़फोड़ करने के मामले में 150 किन्नरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो चक्का जाम
किन्नरों ने ऐलान कर दिया कि फाको के हत्यारे 24 घंटे में पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किए तो वह शहर में जाम लगाकर हंगामा करेंगे। एसपी सिटी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। किन्नरों का आरोप है कि पुलिस अभी तक हत्यारों का पता तक नहीं लगा सकी है। पुलिस मामले में लीपापोती करने में जुटी है। किन्नरों ने यहां तक धमकी दे दी कि देशभर के किन्नरों को एकत्र कर बड़ी पंचायत कर पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
दो थानों में भी हंगामा
किन्नरों ने थाना मेडिकल और थाना लिसाड़ी गेट पहुंचकर भी जमकर हंगामा किया। पुलिस किन्नरों को समझने लगी कि आरोपी जल्द सलाखों के पीछे होंगे। लेकिन किन्नरों ने पुलिस को खरीखोटी सुना दी। पुलिस अफसरों ने किसी तरह उन्हें शांत किया।
पुलिस फोर्स के बीच शव सुपुर्द-ए-खाक
भारी पुलिस फोर्स के बीच फाको के शव को श्यामनगर स्थित घर पर ले जाया गया तो परिजनों में कोहराम मच गया। देर रात किन्नरों ने कचहरी पुल के पास कब्रिस्तान में पुलिस की मौजूदगी में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया।
गैंगवार के पुख्ता सुबूत, फिर भी हत्यारोपी दूर
पूर्व पार्षद किन्नर फाको की हत्या गैंगवार में हुई। पुख्ता सुबूत होने के बावजूद भी फाको के हत्यारोपी कोसो दूर हैं। आरोपियों की स्कूटी भी मौके से बरामद हुई थी। लेकिन पुलिस उनका पता नहीं लगा सकी।
हत्यारोपी के सरेंडर करने के पीछे भी साजिश
कोतवाली निवासी हिस्ट्रीशीटर सलमान और फाईक में गैंगवार चल रही है। जिसमें दो किन्नरों और तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। दोनों पक्षों में किन्नर भी शामिल हैं। कुछ किन्नर इलाके के बंटवारे के विवाद में अपराधियों से जुड़ गए, जिसके चलते दूसरे किन्नरों को निशाना बनाया जा रहा है। पूर्व पार्षद फाको की हत्या के पीछे यही गैंगवार बताई जा रही है। फाको पर हमले से एक दिन पहले गैंगवार से जुड़े एक हत्यारोपी के सरेंडर करने के पीछे भी साजिश बताई जा रही है। सब कुछ जानकारी में होने के बावजूद भी पुलिस चुप्पी साधकर बैठी हैं। फाको पर हमले के दौरान बदमाशों की स्कूटी मौके पर छूट गई थी। पुलिस का दावा है कि स्कूटी तीन बार अलग-अलग लोगों को बेची गई। स्कूटी से एक लाइन पुलिस को मिली है, जिसकी जांच चल रही है। पुलिस का मानना है कि फाको पर हमला भाड़े के शूटरों ने किया हैं। हमला से पहले सटीक मुखबिरी हुई है। उनका टारगेट फाको ही था।
कई जगहों पर दबिश
पुलिस के मुताबिक फाको की हत्या के पीछे गहरी साजिश हैं। हत्या में कोई किन्नर भी हो सकता है। पुलिस ने घंटाघर स्थित कई मकानों में दबिश दी। पुलिस के अनुसार फाको पर पहले भी तीन बार हमले हुए थे। घंटाघर के रहीसू समेत कई लोगों का फाको की हत्या में हाथ होना बताया जा रहा है। दोनो आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे।
एलानिया मर्डर
फाको की हत्या ऐलान करने के बाद की गई। हमले से दो दिन पहले फाको के भाई के पोते ने बताया था कि कुछ लोग एक ऑटो में फाको की हत्या की बात कर रहे थे। वहीं पुलिस अभी खामोश है।