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खामियां नहीं हुईं दूर... कैसे वापस मिलेंगी एमबीबीएस की 50 सीट

Sun, 31 Oct 2021 01:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 01:57 AM IST
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The flaws have not gone away... how to get back 50 MBBS seats
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में कम हो चुकी एमबीबीएस की 50 सीटों को फिर से वापस पाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमिशन (पूर्व नाम मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) में आवेदन किया हुआ है। हालांकि जो खामियां थीं, उनको अभी दूर नहीं किया गया है। न तो फैकल्टी पूरी हुई है और न बेड ऑक्यूपेंसी। न ही अभी बड़ी लाइब्रेरी बनकर तैयार हुई है।
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मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पहले 100 सीटें थीं। इन्हें बढ़ाकर साल 2013 में 150 कर दिया गया था। एमसीआई की टीमें तभी से मेडिकल कॉलेज को मानकों पर परख रही थीं, लेकिन हर बार बढ़ाई गई सीटों को लेकर खामियां रह जाती थीं। एनएमसी की टीम बढ़ी हुई सीटों पर एडमिशन की मानकों पर जांच करती हैं। जो सुझाव देती है, फिर निरीक्षण कर उनकी थाह लेती है। अगर फिर भी सुधार नहीं होता है तो बढ़ाई गई सीटों को कम करने पर निर्णय ले सकती है। हर बार सुधार का हलफनामा देने के कारण यह सीटें कम नहीं की जाती थीं। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन सुधार नहीं कर पाया और 2019 में एमसीआई (अब एनएमसी) के मानकों पर खरे न उतरने के कारण मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 सीटों को कम कर दिया गया था।
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यह हैं खामियां
44 फैकल्टी की कमी है।
बेडों पर मरीजों की संख्या 75 प्रतिशत होनी चाहिए, जो कम रहती है। (मेडिकल में 750 बेड हैं।)
बड़ी लाइब्रेरी नहीं है।
मानकों पर खरा उतरने की कोशिश जारी
मेडिकल प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि एनएमसी के मानकों पर खरा उतरने की कोशिश जारी है। आवेदन किया हुआ है। कोरोना काल मे बेड ऑक्यूपेंसी पूरी करना मुश्किल था, क्योंकि कोरोना इलाज का मुख्य केंद्र मेडिकल ही था। जहां तक फैकल्टी की बात है तो उसे संविदा पर चिकित्सक रखकर पूरा किया जा रहा है। वैसे तो मेडिकल के मानकों से काफी चिकित्सक कम हैं, लेकिन सीटों के हिसाब से अगर 14 चिकित्सक और आ जाएंगे तो भरपाई हो जाएगी। बड़ी लाइब्रेरी की भी जल्द ही शुरू हो जाएगी।
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