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किसानों की अधिकारियों से नोकझोंक, भुगतान की मांग

Wed, 21 Aug 2019 02:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2019 02:24 AM IST
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the farmers argued the officers, the demand of  sugrcane payment
तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत सुनते एडीएम एफ सुभाषचंद्र प्रजापति एवं ? - फोटो : SARDANA
किसानों की अधिकारियों से नोकझोंक, भुगतान की मांग
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मवाना/सरधना। मवाना तहसील समाधान में आईजी आलोक सिंह, जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, मुख्य विकास अधिकारी ईशा दुहन ने जन समस्याएं सुनीं। इस दौरान आईं 76 शिकायतों में से मात्र 16 का ही निस्तारण हो सका। वहीं गुन्ना भुगतान को लेकर किसानों की अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई। वहीं सरधना में समाधान दिवस में 80 शिकायतें आईं। जिसमें से एक भी शिकायत का निस्ताण नहीं हो सका।
तहसील समाधान दिवस में पहुंचे डीएम अनिल ढींगरा, सीडीओ ईशा दुहन, आईजी आलोक सिंह, एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव व सीओ उमेशनाथ मिश्रा ने फरियादियों की शिकायतों को सुना। किसान मजदूर उत्थान मोर्चा ने किसानों के गन्ने का संपूर्ण भुगतान होने तक आरसी नहीं काटे जाने, किसान का सारा रिकार्ड समिति के पास होने के बावजूद भी शपथ पत्र भरवाए जाने से रोकने, बिजली विभाग द्वारा किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने से रोकने की मांग की। मवाना निवासी कपिल शर्मा ने सिनेमा हॉल के आगे लगे ट्रांसफार्मर को हटवाने, गांव झुनझुनी के लोगों ने राशन कार्ड होने के बावजूद भी राशन डीलर पर तेल नहीं देने, किसान एकता संघर्ष समिति द्वारा गन्ने का भुगतान कराने की मांग की। कुल 76 समस्याओं में से राजस्व विभाग की 32, पुलिस की 13, विकास कार्य 8 व शिक्षा विभाग की एक के अलावा 22 समस्याएं आईं। इसमें से मात्र 16 का ही निस्तारण हो सका। डीएम अनिल ढींगरा ने अधीनस्थ विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए शेष समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के आदेश दिए।
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पेंडिग 24 शिकायतों में 14 का किया निस्तारण
सरधना। तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम एफ सुभाष चंद प्रजापति, एसडीएम अमित कुमार भारतीय व तहसीलदार अवनीश कुमार द्वारा लोगों की जन समस्याओं को सुना गया। इस दौरान 80 शिकायर्तें आइं। इसमें से एक का भी निस्ताण नहीं हो सका। पेडिंग 24 शिकायतों में से 14 का निस्तारण कर दिया गया।
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कालंद गांव के ग्रामीणों ने गांव के बाहरी छोर पर सड़क किनारे कूड़ा डाले जाने की शिकायत की। इमरान, जावेद, शनि, विपिन कुमार, सुशील कुमार आदि शामिल रहे। मुल्हैड़ा गांव निवासी संजय दत्त पुत्र विरेंद्रपाल ने चकरोड को कब्जा मुक्त कराने की मांग की। सलेमपुर के ग्रामीणों ने पंचायती कुएं से अवैध कब्जे, चिंदौडी टप्पा लावड़ निवासी लोगों ने तालाब की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की। मेहरमती गणेशपुर के लोगों ने खस्ताहाल सड़क बनवाने की मांग की। उधर, भारतीय किसान यूनियन द्वारा दौराला नगर पंचायत द्वारा बनाई दुकानों के आवंटन में धांधली की शिकायत का आरोप लगाकर हंगामा किया। नवाब सिंह अहलावत, ओमवीर सिंह, जीत सिंह, इंद्रपाल, रविंद्र कुमार, इस्लामुद्दीन, श्रीपाल, धर्मबीर आदि शामिल रहे। एडीएम एफ सुभाषचंद प्रजापति ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिकायतों का निस्तारण करने के लिए एडीएम एफ व एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देशित किया।

ग्रामीणों ने गंदगी को लेकर किया हंगामा
मवाना। गांव गेसूपुर जुनेबी के महिला पुरुषों ने तहसील दिवस पर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि खाली जगह पर यदि कूड़ा डाला जाता है तो गांव में विवाद के हालात हो सकते हैं। वहीं गांव वालों का कहना था कि गंदगी के कारण उनके बच्चे बीमार हो रहे हैं। तीन बच्चों को गांव वाले साथ लेकर आए थे। जिनको डीएम ने सीएमओ को आदेश देकर सीएचसी में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों ने गांव में 6 सौ 7 सौ गज जमीन खाली पड़ी है। इसमें गांव के लोग बारात घर बनाना चाहते हैं। यहां कूड़ा साफ कर बारात घर की नींव भरवा दी गई थी, लेकिन गांव के कुछ लोग दोबारा से गोबर डालने की कोशिश कर रहे हैं। यदि दोबारा कूड़ा डाला गया तो विवाद हो सकता है। ग्रामीण गंदगी के कारण बीमार हुए बच्चों करण, आर्य व तुषार को लेकर पहुंचे थे। जिस पर डीएम ने सीएमओ को बच्चों को भर्ती कराने का आदेश दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर ने बताया कि बच्चों को तीन साल पहले पैरालाइसिस हुआ था। गंदगी भी इसका कारण हो सकती है। बच्चों को दवाई देकर भेज दिया गया है। वहीं डीएम ने बीडीओ को जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए। वहीं स्टेट बैंक व सिंडिकेट बैंक में आधार कार्ड नहीं बनाए जाने की शिकायत डीएम से की। डीएम ने एलडीएम संजय कुमार को जांच के लिए भेजा। बैंक में पहुंचे एलडीएम को शाखा प्रबंधक ने बताया कि पूर्व के आपरेटर के निलंबन के कारण आधार कार्ड बनाने का कार्य प्रभावित था। लेकिन 19 अगस्त से नए आपरेटर के आने पर कार्य चल रहा है।
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