विज्ञापन
विज्ञापन

आंखें नहीं देख पा रही साफ, वर्दी का सपना हुआ खाक

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 17 Apr 2019 03:11 AM IST
मेरठ
मेरठ - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें

विज्ञापन
विज्ञापन
कमजोर आंखें कई युवाओं का वर्दी पहनने का सपना तोड़ रहीं हैं। यूपी पुलिस सिपाही और एसआई भर्ती में यह अभ्यर्थी लिखित परीक्षा पास करने और दौड़, लंबाई और नापतौल पूरी होने बाद मेडिकल प्रकिया तक पहुंचे हैं, लेकिन नजर कमजोर होने के कारण कई अभ्यार्थी बाहर हो गए।
एसआई भर्ती के लिए मेरठ मंडल के मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ और गौतमबुद्घनगर जिलों के अभ्यर्थियों का पुलिस लाइन में मेडिकल चल रहा है। यहां सात डॉक्टरों का पैनल मेडिकल कर रहा है। वहीं सिपाही भर्ती में मेरठ जिले के अभ्यर्थियों के मेडिकल के लिए अलग से सात डॉक्टरों का पैनल है। पैनल में शामिल नेत्र रोत्र विशेषज्ञ का कहना है कि औसतन सात से आठ प्रतिशत अभ्यर्थी नजर कमजोर होने के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।
यह है स्थिति
13 अप्रैल को सिपाही भर्ती में 98 में से नौ अभ्यर्थी नजर की कमजोरी के चलते बाहर हुए। 14 अप्रैल को 138 में से 11 अभ्यर्थी भी कमजोर नजर के कारण बाहर हुए। 15 अप्रैल को 148 में से पांच अभ्यार्थी जबकि 15 अप्रैल को एसआई भर्ती के मेडिकल में 75 में से 8 अभ्यर्थाी भी इसी वजह से बाहर हुए।

औसतन 20 से 28 साल उम्र के अभ्यार्थी
सिपाही अभ्यर्थी की उम्र भी औसतन 20 साल से लेकर 28 साल के बीच की है। जबकि भर्ती की तैयारी करने वाले अधिकांश अभ्यर्थी कंप्यूटर पर भी अधिक काम नहीं करते। यह भी सामने आया कि अधिकांश अभ्यर्थी ग्रामीण क्षेत्र से हैं, लेकिन इनके खानपान में कमी आई है। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जी के अलावा विटामिन ए, सी और ई की कमी से नजर कमजोर हो रही हैं। इसके अलावा दूध की गुणवत्ता भी पहले जैसी नहीं रहीं। डॉक्टरों का यह भी कहना है जो छात्र सात से आठ घंटे की पढ़ाई करते हैं उन्हें चश्मे की आवश्कता पड़ रही है।

ऐसे किया जाता है आई परीक्षण
नेत्र परीक्षण अधिकारी कहते हैं नियमावली के अनुसार ही परीक्षण किया जाता है। इस दौरान एक कुर्सी पर अभ्यर्थी को बैठाया जाता है। नेत्र रोत्र विशेषज्ञ अभ्यर्थी की आंख को बारीकी से और लाइट के माध्यम से देखते हैं। अभ्यर्थी की आंखों से छह मीटर की दूरी पर एक फ्लैग लगाया जाता है। इस फ्लैक्स पर काले रंग में अक्षर लिखे होते हैं। प्रत्येक लाइन में अक्षरों का साइज अलग अलग होता है। सबसे नीचे की लाइन में अक्षरों का साइज 6/6 होता है। इससे ऊपर की लाइन में अक्षरों का साइज मोटा होता ओर 6/9 का होता है। उससे और भी ऊपर की तरफ 6/12 होता है। अभ्यर्थी को सबसे पहले छोटे अक्षरों वाली लाइन के प्रत्येक अक्षर पढ़ने को कहा जाता है, प्रत्येक आंख से यदि 6/6 के अक्षर पढ़ दिए तो आंख सही है। यदि छोटे अक्षर नहीं पढ़ा, तो उससे मोटाई का अक्षर पढ़ने को कहा जाता है। यदि किसी भी एक आंख से 6/6 या दोनों आंखों से 6/9 का अक्षर भी पढ़ दिया तो नजर सही बताते हैं।
 

खानपान की कमी भी
पुलिस भर्ती प्रक्रिया में औसतन आठ प्रतिशत अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनकी नजर कमजोर हैं। पुरूष अभ्यर्थ्यों के साथ महिला अभ्यार्थी भी इनमें शामिल हैं। युवाओं में खानपान की कमी, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप के अलावा एलईडी लाइट या दूधिया रोशनी आंखों के लिए नुकसानदायक हैं।  - डॉ विकास चौधरी, भर्ती प्रक्रिया के पैनल में शामिल नेत्र रोग विशेषज्ञ

युवाओं के लिए बड़ी समस्या
 पुलिस भर्ती में अभ्यर्थी कदकाठी से मजबूत होते हैं। लिखित परीक्षा और दौड, लंबाई व नापतौल में पास होने के बाद मेरिट में आने के बाद मेडिकल किया जाता है। कमजोर नजर युवाओं के लिए समस्या हैं। पहले कोई छात्र ही मिलता था जिसे चश्मा लगाकार पढ़ाई करनी पड़ती थी, लेकिन आब 20 से 30 प्रतिशत छात्र चश्मा लगाते हैं।  - संजीव देशवाल, भर्ती पैनल के सीओ

Recommended

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
UP Board 2019

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

क्या आप इसका उपयुक्त समाधान नहीं खोज पा रहे हैं? ज्योतिष शास्त्र द्वारा अपने प्रश्न का उत्तर जानिए
ज्योतिष समाधान

क्या आप इसका उपयुक्त समाधान नहीं खोज पा रहे हैं? ज्योतिष शास्त्र द्वारा अपने प्रश्न का उत्तर जानिए

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव में किस सीट पर बदल रहे समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Meerut

खेतों में खड़ा करोड़ों का गन्ना और बंद होने लगीं मिलें

गन्ना पेराई सत्र 2018-19 के समापन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। नो केन में बुलंदशहर की वेव शुगर मिल बंद हो चुकी है। अगले दो दिन में बजाज ग्रुप की किनौनी व सिंभावली ग्रुप की बृजनाथपुर शुगर मिल बंद हो जाएगी।

24 अप्रैल 2019

विज्ञापन

अलीगढ़ के रोडवेज दफ्तर में छलके जाम, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अलीगढ़ डिपो में कर्मचारियों के शराब पीने का वीडियो हुआ वायरल। देखें वीडियो।

21 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election