फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The export of the industry decreased by 298 crore in Meerut after the Corona period

बड़ा संकट: कोरोना काल के बाद मेरठ इंडस्ट्री को झटका, 298 करोड़ का घटा निर्यात, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Fri, 09 Sep 2022 01:27 PM IST
कपिल kapil आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 09 Sep 2022 01:27 PM IST
सार

मेरठ में व्यापारियों के सामने बड़ा संकट आ गया है। आंकड़ों के अनुसार कोरोना काल के बाद मेरठ में इंडस्ट्री को तगड़ा झटका लगा है। बताया गया कि 298 करोड़ रुपये का निर्यात घट गया है।

विज्ञापन
The export of the industry decreased by 298 crore in Meerut after the Corona period
फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala

विस्तार

विदेश व्यापार महानिदेशालय के आंकड़ों के अनुसार मेरठ का निर्यात बीते तीन वर्ष में औसतन 30 प्रतिशत तक घट गया है। वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में जहां 980.65 करोड़ रुपये के उत्पादन निर्यात हुए, वहीं यह आंकड़ा वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में 682.24 करोड़ रुपये ही रह गया। विशेषज्ञों का दावा है कि कोरोना के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक मंदी, कच्चे माल की कीमतों के साथ माल भाड़े में इजाफा और सरकार की नीतियां निर्यात को प्रभावित कर रही हैं।

विज्ञापन


चैंबर फॉर डेवलपमेंट एंड प्रमोशन ऑफ एमएसएमई के सचिव आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि निर्यात के लिए जारी की गई सूची में मेरठ के स्वर्ण आभूषण नहीं हैं। यहां खंदक में बन रहे सूती चादर और खादी के कपड़े भी सुविधाओं के अभाव में निर्यात नहीं हो पाते हैं। आईआईए मेरठ रीजन प्रथम के डिविजनल चेयरमैन अनुराग अग्रवाल ने बताया कि हमारा उत्पाद चीन के मुकाबले बहुत महंगा है। इससे भी वैश्विक बाजार में यहां बने उत्पादों की मांग पर असर पड़ा है। सरकार की तरफ से भी कोई सब्सिडी नहीं दी जाती है। आईआईए के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसका भी असर निर्यात पर पड़ता है।   
विज्ञापन


मेरठ के इन उत्पादों का होता है निर्यात
क्रिकेट बैट, टेबल टेनिस की टेबल, कैरम बोर्ड, टेनिस बॉल, प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, जिमनास्टिक उपकरण, मीट, चीनी, रेडियल टायर, क्राफ्ट पेपर, पेपर बोर्ड, कारपेट आदि। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पहली तिमाही में निर्यात का आंकड़ा 
2019-20 - 980.65 करोड़
2020-21 - 583.75 करोड़ (कोरोना काल)
2021-22 - 682.24 करोड़

यह भी पढ़ें: UP: पाकिस्तानी इब्राहिम से मोहम्मद का आतंकी कनेक्शन, पूछताछ में उगले बड़े राज, सुरक्षा एजेंसियों ने डाला डेरा

ये बोले उद्यमी....
सब्सिडी नहीं देती सरकार 

निर्यात के प्रभावित होने का सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार है। छोटी-छोटी चीजों के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सरकार की तरफ से सब्सिडी भी नहीं दी जाती है। - आयुष महाजन, मेटको स्पोर्ट्स इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड

माल भाड़े में पांच गुना इजाफा
निर्यातक के उत्पाद की कीमत बाजार तय करता है। कोविड के बाद माल भाड़े में पांच गुना इजाफा हुआ है। वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा वाले देश सस्ते दाम में वस्तु उपलब्ध कराते हैं। ऐसे में ऑर्डर नहीं मिलते। - शशांक जैन, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, वेस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स

यह भी पढ़ें: जातीय तनाव: दीपक राजपूत का मर्डर, मौके पर पहुंचे IG-SSP, गांव में चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात, देखें तस्वीरें


वैश्विक मंदी ने किया प्रभावित
कोविड के बाद बाजार अस्थिर हो गया है। वैश्विक मंदी के साथ प्रतिस्पर्धा में भारतीय उत्पाद अधिक महंगे पड़ते हैं। ऐसे में मांग लगातार घट रही है। - डॉ. रामकुमार गुप्ता, अध्यक्ष, वेस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कामर्स

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed