{"_id":"6849cf3f4caec5801f000234","slug":"the-dream-of-becoming-a-millionaire-overnight-even-what-was-mine-got-robbed-meerut-news-c-27-1-smrt1004-152012-2025-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"रातों रात करोड़पति बनने का सपना, वह भी लुट गया जो था अपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रातों रात करोड़पति बनने का सपना, वह भी लुट गया जो था अपना
Thu, 12 Jun 2025 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Thu, 12 Jun 2025 12:17 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर। किसी ने अपने लाखों की रकम को करोड़ में बदलने का सपना देखा तो कोई मीठी बोली का शिकार हो गया। लालचभर असंभव से दिखने वाले सपनों में सेवानिवृत्त अफसर से लेकर कॉर्पोरेट में नौकरी करने वाले तक फंस गए। पैसा तो दोगुना नहीं हुए, जो अपनी जमापुंजी थी वह भी गवां दी। कुछ मामले तो ऐसे हैं, जिसमें कर्ज लेकर पैसा लगाया और वह डूब गया।
जिले में साइबर ठगी के शिकार होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों की बात करें तो पिछले एक साल में करीब 3300 लोग ऑन रिकॉर्ड साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं। यह ऐसे लोग हैं, जिन्होंने साइबर पुलिस के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई और इनके साथ एक लाख रुपये से कम की ठगी हुई।
इसके अलावा 65 ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें एक लाख से रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी हुई। आंकड़ों पर नजर डालें तो 20 से ज्यादा मामले निवेश के नाम पर ठगी के हैं। साइबर ठगों ने रातों रात लखपति से करोड़पति बनने का सपना दिखाया। जब सारी जमापुंजी लगवा दी तो नंबर बंद कर लिया।
विज्ञापन
निवेश का लालच पड़ रहा भारी
साइबर पुलिस का कहना है कि काफी जागरुकता के बाद भी निवेश के नाम पर ठगी के मामले लगातार दिख रहे हैं। लोगों को इससे बचने के लिए जागरूक होना पड़ेगा। कोई भी तरीका रातोंरात धन दोगुना नहीं कर सकता, यदि ऐसा लालच आ रहा है तो वह ठग हो सकते हैं।
अपने शेयर, अपना एप, देखकर खुश हो रहे हैं पीड़ित
साइबर ठगी करने वाले वालों का एक तथ्य एक समान ही नजर आ रहा है। जिनके साथ निवेश के नाम पर ठगी हुई, वह सभी व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर किसी ग्रुप से जुड़े थे। वहां पर लोग ट्रेडिंग करके विशेष शेयर में पैसा लगाने और उसे बढ़ाने पर चर्चा करते हैं। असल में यह सभी ठग गिरोह ही होता है। उसे देखकर लोग लालच में आकर उनके बताए एप को डाउनलोड कर रहे हैं और उनके बताए शेयर में पैसा लगा लेते हैं। साइबर ठग इस एप को खुद संचालित करके पीड़ित का पैसा लगवाते रहते हैं और उसे बढ़ता हुआ भी दिखाते हैं।
जिले में साइबर ठगी के कुछ बड़े मामले
1.नोएडा में एक कॉर्पोरेट कंपनी में नौकरी कर रही नजीबाबाद निवासी एक युवती से एक करोड़ 15 लाख रुपये की निवेश के नाम पर ठगी
2.एक मर्चेंट नेवी के अफसर से 12 लाख रुपये की ठगी
3.एक सेवानिवृत नेवी अफसर से करीब दो करोड़ रुपये की निवेश के नाम पर ठगी
-- --
नंबर गेम
65 एफआईआर साइबर थाने में अब तक हुई दर्ज
3300 शिकायतें साइबर पुलिस के पास एक साल में पहुंची
13 करोड़ रुपये की ठगी पिछले एक साल में जिले में हुई
वर्जन
लोगों को खुद भी जागरूक होना पड़ेगा। आज की डेट में मोबाइल की कॉलर टून पर भी साइबर ठगी के लिए जागरूक किया जा रहा है। हमारे स्तर से भी जागरुकता कार्यक्रम चल रहे हैं। जागरूक रहकर ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। - संजीव वाजपेयी, एएसपी सिटी, बिजनौर
विज्ञापन
जिले में साइबर ठगी के शिकार होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों की बात करें तो पिछले एक साल में करीब 3300 लोग ऑन रिकॉर्ड साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं। यह ऐसे लोग हैं, जिन्होंने साइबर पुलिस के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई और इनके साथ एक लाख रुपये से कम की ठगी हुई।
विज्ञापन
इसके अलावा 65 ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें एक लाख से रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी हुई। आंकड़ों पर नजर डालें तो 20 से ज्यादा मामले निवेश के नाम पर ठगी के हैं। साइबर ठगों ने रातों रात लखपति से करोड़पति बनने का सपना दिखाया। जब सारी जमापुंजी लगवा दी तो नंबर बंद कर लिया।
विज्ञापन
निवेश का लालच पड़ रहा भारी
साइबर पुलिस का कहना है कि काफी जागरुकता के बाद भी निवेश के नाम पर ठगी के मामले लगातार दिख रहे हैं। लोगों को इससे बचने के लिए जागरूक होना पड़ेगा। कोई भी तरीका रातोंरात धन दोगुना नहीं कर सकता, यदि ऐसा लालच आ रहा है तो वह ठग हो सकते हैं।
अपने शेयर, अपना एप, देखकर खुश हो रहे हैं पीड़ित
साइबर ठगी करने वाले वालों का एक तथ्य एक समान ही नजर आ रहा है। जिनके साथ निवेश के नाम पर ठगी हुई, वह सभी व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर किसी ग्रुप से जुड़े थे। वहां पर लोग ट्रेडिंग करके विशेष शेयर में पैसा लगाने और उसे बढ़ाने पर चर्चा करते हैं। असल में यह सभी ठग गिरोह ही होता है। उसे देखकर लोग लालच में आकर उनके बताए एप को डाउनलोड कर रहे हैं और उनके बताए शेयर में पैसा लगा लेते हैं। साइबर ठग इस एप को खुद संचालित करके पीड़ित का पैसा लगवाते रहते हैं और उसे बढ़ता हुआ भी दिखाते हैं।
जिले में साइबर ठगी के कुछ बड़े मामले
1.नोएडा में एक कॉर्पोरेट कंपनी में नौकरी कर रही नजीबाबाद निवासी एक युवती से एक करोड़ 15 लाख रुपये की निवेश के नाम पर ठगी
2.एक मर्चेंट नेवी के अफसर से 12 लाख रुपये की ठगी
3.एक सेवानिवृत नेवी अफसर से करीब दो करोड़ रुपये की निवेश के नाम पर ठगी
नंबर गेम
65 एफआईआर साइबर थाने में अब तक हुई दर्ज
3300 शिकायतें साइबर पुलिस के पास एक साल में पहुंची
13 करोड़ रुपये की ठगी पिछले एक साल में जिले में हुई
वर्जन
लोगों को खुद भी जागरूक होना पड़ेगा। आज की डेट में मोबाइल की कॉलर टून पर भी साइबर ठगी के लिए जागरूक किया जा रहा है। हमारे स्तर से भी जागरुकता कार्यक्रम चल रहे हैं। जागरूक रहकर ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। - संजीव वाजपेयी, एएसपी सिटी, बिजनौर