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कुछ कदम का फासला दे गया जिंदगी भर का दर्द
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नीरा वर्मा के ससुर से जानकारी करते नायब तहसीलदार। (मवाना)
- मां वैष्णो देवी मार्ग पर हुए हादसे में मरी नीरा का गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना (मेरठ)। मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा गई नीरा और उनके पति अमित के बीच रास्ते में कुछ कदमों का फासला जिंदगी भर के लिए दर्द दे गया। भूस्खलन की चपेट में आकर मरी नीरा का शव बृहस्पतिवार सुबह एंबुलेंस से मवाना पहुंचा। शव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में नीरा का जुड्डी श्मशान पर अंतिम संस्कार किया गया।
मोहल्ला तिहाई निवासी अमित वर्मा अपनी पत्नी नीरा वर्मा और 10 वर्षीय बेटी विधि वर्मा को साथ लेकर खेकड़ा बागपत निवासी साढू मयंक गोयल और साली चांदनी के साथ दिल्ली से ट्रेन में सवार होकर सोमवार को माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा गए थे। अमित वर्मा ने बताया कि मंगलवार की सुबह उन्होंने मां के दर्शन के लिए पैदल यात्रा शुरू की। शाम 3:00 बजे के आसपास अर्धकुंवारी से कुछ दूर पहले पहुंचे थे। वह और उसकी बेटी साथ थे। आगे साढू और साढू की मां चल रही थी। पत्नी नीरा व साली चांदनी पीछे लगभग 10 कदम की दूरी पर थे।
अचानक आसमान में बिजली कड़की और इसके साथ ही मलबा मार्ग पर लगे टीन शेड पर आ गिरा। मलबे में नीरा व चांदनी पूरी तरह से दब गई। वह और उसकी बेटी भी मलबे की चपेट में आए। उन्होंने भागकर जान बचाई। लेकिन नीरा और चांदनी नहीं बच सकी। हादसे की सूचना पर दो घंटे बाद पुलिस पहुंची तो राहत कार्य पूरी तरह से शुरु हो सका। मलबे में काफी लोग दब गए थे, जिनको निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन घंटे बाद दोनों के शव अस्पताल में मिले।
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बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे नीरा का शव एंबुलेंस से मवाना पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। नीरा के मायके के लोगों के अपराह्न 2:00 बजे पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में जुड्डी श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया। नगर पालिका चेयरमैन अखिल कौशिक, नायब तहसीलदार हितेष सैनी, विनय वर्मा, गोपाल अग्रवाल, अशोक वर्मा, सतीश सैनी आदि ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
बहन के कहने पर जाने के लिए तैयार हुई थी नीरा
अमित वर्मा ने बताया कि वह पहले कई बार वैष्णो देवी के दर्शन कर चुका था, लेकिन पत्नी नीरा पहली बार मां के दर्शन के लिए गई थी। साली चांदनी ने काफी जिद की थी, इसके बाद नीरा चलने के लिए तैयार हुई थी। वहीं, 10 वर्षीय बेटी विधि वर्मा का रोकर बुरा हाल है। वह रोते हुए कह रही है कि मां के बिना अब कैसे होगा। उसको ढांढस बंधाने वालों की आंखों में भी आंसू आ जाते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना (मेरठ)। मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा गई नीरा और उनके पति अमित के बीच रास्ते में कुछ कदमों का फासला जिंदगी भर के लिए दर्द दे गया। भूस्खलन की चपेट में आकर मरी नीरा का शव बृहस्पतिवार सुबह एंबुलेंस से मवाना पहुंचा। शव पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में नीरा का जुड्डी श्मशान पर अंतिम संस्कार किया गया।
मोहल्ला तिहाई निवासी अमित वर्मा अपनी पत्नी नीरा वर्मा और 10 वर्षीय बेटी विधि वर्मा को साथ लेकर खेकड़ा बागपत निवासी साढू मयंक गोयल और साली चांदनी के साथ दिल्ली से ट्रेन में सवार होकर सोमवार को माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा गए थे। अमित वर्मा ने बताया कि मंगलवार की सुबह उन्होंने मां के दर्शन के लिए पैदल यात्रा शुरू की। शाम 3:00 बजे के आसपास अर्धकुंवारी से कुछ दूर पहले पहुंचे थे। वह और उसकी बेटी साथ थे। आगे साढू और साढू की मां चल रही थी। पत्नी नीरा व साली चांदनी पीछे लगभग 10 कदम की दूरी पर थे।
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अचानक आसमान में बिजली कड़की और इसके साथ ही मलबा मार्ग पर लगे टीन शेड पर आ गिरा। मलबे में नीरा व चांदनी पूरी तरह से दब गई। वह और उसकी बेटी भी मलबे की चपेट में आए। उन्होंने भागकर जान बचाई। लेकिन नीरा और चांदनी नहीं बच सकी। हादसे की सूचना पर दो घंटे बाद पुलिस पहुंची तो राहत कार्य पूरी तरह से शुरु हो सका। मलबे में काफी लोग दब गए थे, जिनको निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन घंटे बाद दोनों के शव अस्पताल में मिले।
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बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे नीरा का शव एंबुलेंस से मवाना पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। नीरा के मायके के लोगों के अपराह्न 2:00 बजे पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में जुड्डी श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया। नगर पालिका चेयरमैन अखिल कौशिक, नायब तहसीलदार हितेष सैनी, विनय वर्मा, गोपाल अग्रवाल, अशोक वर्मा, सतीश सैनी आदि ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
बहन के कहने पर जाने के लिए तैयार हुई थी नीरा
अमित वर्मा ने बताया कि वह पहले कई बार वैष्णो देवी के दर्शन कर चुका था, लेकिन पत्नी नीरा पहली बार मां के दर्शन के लिए गई थी। साली चांदनी ने काफी जिद की थी, इसके बाद नीरा चलने के लिए तैयार हुई थी। वहीं, 10 वर्षीय बेटी विधि वर्मा का रोकर बुरा हाल है। वह रोते हुए कह रही है कि मां के बिना अब कैसे होगा। उसको ढांढस बंधाने वालों की आंखों में भी आंसू आ जाते हैं।

नीरा वर्मा के ससुर से जानकारी करते नायब तहसीलदार। (मवाना)

नीरा वर्मा के ससुर से जानकारी करते नायब तहसीलदार। (मवाना)

नीरा वर्मा के ससुर से जानकारी करते नायब तहसीलदार। (मवाना)

नीरा वर्मा के ससुर से जानकारी करते नायब तहसीलदार। (मवाना)

नीरा वर्मा के ससुर से जानकारी करते नायब तहसीलदार। (मवाना)

नीरा वर्मा के ससुर से जानकारी करते नायब तहसीलदार। (मवाना)

नीरा वर्मा के ससुर से जानकारी करते नायब तहसीलदार। (मवाना)