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अदालत ने बिजली चोरी के मामले में पेपर मिल प्रबंधक को भेजा जेल, आज फिर होगी सुनवाई
Tue, 03 Mar 2020 12:51 AM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: कपिल kapil
Updated Tue, 03 Mar 2020 12:51 AM IST
सार
अदालत ने बिजली चोरी के मामले में पेपर मिल के प्रबंधक अरविंद दीक्षित को जेल भेज दिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : डेमो
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में स्पेशल जज मनु कालिया ने बिजली चोरी के मामले में जारी वारंट पर गिरफ्तार होकर न्यायालय में पेश किए गए मोहित पेपर मिल के प्रबंधक अरविंद दीक्षित को जेल भेज दिया है। उनके जमानत प्रार्थना पत्र पर तीन मार्च को सुनवाई होगी।
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2007 में विद्युत निगम की ओर से मोहित पेपर मिल के विरुद्ध बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस मामले में मोहित पेपर मिल के कर्मचारी आसिफ को गिरफ्तार किया गया था। उसकी न्यायालय में जमानत हो गई थी। इस मामले में विद्युत निगम ने एक करोड़ आठ लाख रुपये की बिजली चोरी का अर्थदंड लगाया था। मोहित पेपर मिल की ओर से अर्थदंड जमा कर दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। विद्युत चोरी के मामले में गिरफ्तार आसिफ ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि बिजली चोरी से उसका कोई लेना देना नहीं है। बिजली चोरी की जो भी जिम्मेदारी बनती है, उसके लिए मिल के मालिक और प्रबंधक जिम्मेदार हैं।
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स्पेशल जज ने इस मामले में पुलिस द्वारा भेजी गई फाइनल रिपोर्ट को निरस्त कर मिल के प्रबंधक और स्वामी को कोर्ट में तलब कर लिया था। मिल की ओर से विद्युत निगम द्वारा उसके ऊपर लगाए गए एक करोड़ आठ लाख रुपये के अर्थदंड को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने विद्युत निगम द्वारा पेपर मिल पर लगाए गए अर्थदंड को गलत मानते हुए एक करोड़ आठ लाख रुपये मोहित पेपर मिल को वापस करने के आदेश दिए थे। स्पेशल जज द्वारा मिल के प्रबंधक और मालिक को तलब किए जाने के आदेश को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा तलबी आदेश पर रोक लगाते हुए स्टे जारी किया गया था। इस दौरान स्पेशल जज कोर्ट से मिल के प्रबंधक और मालिक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो गए थे। वारंट में मिल मालिक और प्रबंधक का नाम खुला हुआ नहीं था।
सोमवार को इस मामले में पुलिस मिल कर्मचारी अरविंद दीक्षित और मिल मालिक के परिवार के एक सदस्य को पकड़ लाई। इस पर काफी संख्या में उद्योगपति थाने में एकत्रित हो गए और इन्हें छोड़ने के लिए दबाव बनाने लगे। बाद में मोहित पेपर मिल की ओर से एक पत्र लिखकर थाने में दिया गया। पत्र में कहा गया कि अरविंद दीक्षित मिल के प्रबंधक हैं और संदीप जैन मिल के स्वामी हैं। इस पर पुलिस ने प्रबंधक के रूप में अरविंद दीक्षित का चालान कर दिया और मिल स्वामी के परिवार के जिस सदस्य को पकड़कर लाई थी, उसे छोड़ दिया। मिल प्रबंधक अरविंद दीक्षित को स्पेशल जज कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मिल प्रबंधक को जेल भेज दिया है और प्रबंधक की जमानत याचिका पर सुनवाई की तिथि तीन मार्च नियत की गई है।
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