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Meerut News: घर से लिखकर लाई गई कॉपी ने विवि की व्यवस्था पर उठाए सवाल
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मेरठ। एनएएस कॉलेज में एलएलबी परीक्षा के दौरान घर से लिखकर लाई गई कॉपी नकल करते पकड़े गए छात्र के मामले ने विश्वविद्यालय की प्रिंटिंग प्रक्रिया पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।
गौरतलब है कि सीसीएसयू की ओर से हर वर्ष स्टेशनरी प्रिंटिंग के साथ उत्तर पुस्तिकाओं की प्रिंटिंग भी बड़ी मात्रा में कराई जाती है। विश्वविद्यालय परीक्षा के साथ-साथ उससे संबंधित कॉलेजों में होने वाली परीक्षा के लिए भी सीसीएसयू से ही उत्तर पुस्तिकाएं भेजी जाती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इसका रिकॉर्ड रखने वाला कोई नहीं है कि पिछले साल की परीक्षा में कितनी उत्तर पुस्तिकाओं का इस्तेमाल हुआ और कितनी का नहीं, जबकि हर वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं की प्रिंटिंग में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं और बची हुई उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय से लेकर कालेजों तक रद्दी की तरह पड़ी और खराब होती हैं। एनएएस कॉलेज में हुई घटना के बाद विश्वविद्यालय पर सवाल खड़ा हो रहा है। क्योंकि इससे पहले भी विश्वविद्यालय में एमबीबीएस कॉपी अदला-बदली का मामला काफी चर्चित रहा है।
इनका है कहना
कॉलेज की ओर से जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्य शिक्षकों की टीम जांच कर रही है। उत्तर पुस्तिका मौके पर ही सील कर सीसीएसयू को भेजी जा चुकी है। पुस्तिका की सिरीज का मिलान कर आगे की कार्रवाई विश्वविद्यालय की ओर से की जाएगी। -प्राचार्य मनोज अग्रवाल
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मामले की जांच रिपोर्ट जल्द ही विश्वविद्यालय को मुहैया कराई जाएगी।उत्तर पुस्तिका का सिरीज कालेज से मांगी गई है। कापी छात्र को कहां से मिली इसकी जांच की जा रही है। कालेजों को हर परीक्षा के पहले यह निर्देश दिया जाता है कि पुरानी उत्तर पुस्तिकाओं को इस्तेमाल करने के बाद ही नई उत्तर पुस्तिका का इस्तेमाल करें। - सीसीएसयू कुल सचिव धीरेंद्र कुमार
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गौरतलब है कि सीसीएसयू की ओर से हर वर्ष स्टेशनरी प्रिंटिंग के साथ उत्तर पुस्तिकाओं की प्रिंटिंग भी बड़ी मात्रा में कराई जाती है। विश्वविद्यालय परीक्षा के साथ-साथ उससे संबंधित कॉलेजों में होने वाली परीक्षा के लिए भी सीसीएसयू से ही उत्तर पुस्तिकाएं भेजी जाती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इसका रिकॉर्ड रखने वाला कोई नहीं है कि पिछले साल की परीक्षा में कितनी उत्तर पुस्तिकाओं का इस्तेमाल हुआ और कितनी का नहीं, जबकि हर वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं की प्रिंटिंग में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं और बची हुई उत्तर पुस्तिकाएं विश्वविद्यालय से लेकर कालेजों तक रद्दी की तरह पड़ी और खराब होती हैं। एनएएस कॉलेज में हुई घटना के बाद विश्वविद्यालय पर सवाल खड़ा हो रहा है। क्योंकि इससे पहले भी विश्वविद्यालय में एमबीबीएस कॉपी अदला-बदली का मामला काफी चर्चित रहा है।
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इनका है कहना
कॉलेज की ओर से जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्य शिक्षकों की टीम जांच कर रही है। उत्तर पुस्तिका मौके पर ही सील कर सीसीएसयू को भेजी जा चुकी है। पुस्तिका की सिरीज का मिलान कर आगे की कार्रवाई विश्वविद्यालय की ओर से की जाएगी। -प्राचार्य मनोज अग्रवाल
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मामले की जांच रिपोर्ट जल्द ही विश्वविद्यालय को मुहैया कराई जाएगी।उत्तर पुस्तिका का सिरीज कालेज से मांगी गई है। कापी छात्र को कहां से मिली इसकी जांच की जा रही है। कालेजों को हर परीक्षा के पहले यह निर्देश दिया जाता है कि पुरानी उत्तर पुस्तिकाओं को इस्तेमाल करने के बाद ही नई उत्तर पुस्तिका का इस्तेमाल करें। - सीसीएसयू कुल सचिव धीरेंद्र कुमार