फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The cold has increased due to strong winds in December and crops may be affected due to frost

UP: दिसंबर के मौसम ने चौंकाया, तेज हवा से कंप-कंपाने लगे लोग, अभी और बढ़ेगी मुश्किल, इन फसलों पर पड़ेगा असर

Wed, 14 Dec 2022 11:21 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 14 Dec 2022 11:21 PM IST
सार

UP News : दिसंबर के मौसम ने सभी को चौंका दिया है। वहीं तेज हवा चलने से लोग कंप-कंपाने लगे है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में लोगों को पाला देखने को मिल सकता है, जिसका असर फसलों पर भी पड़ेगा।

विज्ञापन
The cold has increased due to strong winds in December and crops may be affected due to frost
ठंड। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

दो दिन से दिसंबर में फरवरी जैसा मौसम है। सहारनपुर में बुधवार को दिन भर 25.8 किलोमीटर प्रति की रफ्तार से हवा चलती रही। वहीं मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पाला पड़ सकता है। उधर, मुजफ्फरनगर में भी कंप-कंपा देने वाली ठंड का असर देखने को मिला। 

विज्ञापन


ऐसे में आगामी दिनों पाला पड़ने की संभावना है। सहारनपुर में बुधवार को न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज हवा से वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार हुआ है। एक्यूआई, जो चार दिन पहले तक 240 तक था वह बुधवार को 80 पर आ गया। 
विज्ञापन


मौसम वेधशाला के प्रभारी अमीर आलम का कहना है कि दिसंबर में ऐसी तेज हवा कम ही चलती है। इन दिनों जो तेज हवा चल रही है, जिनके बाद पाला पड़ने की संभावना है, ठंड और बढ़ सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा का कहना है कि तेज हवा चलने के बाद पाला पड़ने की उम्मीद बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि पाला उन फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिनमें नमी नहीं होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर में छह डिग्री तापमान, फसलों की पहरेदारी कर रहे किसान 
मुजफ्फरनगर में ठंड लोगों को कंपकंपाने लगी है। न्यूनतम तापमान छह डिग्री नीचे तक गिर गया है। मगर, किसानों के सामने इस ठंड में भी अपनी फसलों को निराश्रित पशुओं से बचाने की जद्दोजहद चल रही है। हालात यह है कि फसल बचाने के लिए किसान रात में खेतों पर पहरा देने को मजबूर है। कई किसानों ने तो मचान तक बना रखी है। कहना है कि पशु एक साथ बड़ी संख्या में खेतों में घुसकर उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे निजात दिलाई जाए।

शाम ढलते ही आवारा पशु किसानों की गेहूं, सरसों, ईंख और चारे की फसलों को चट करने के लिए पहुंच जाते हैं। ठंड के बावजूद किसान रातभर जागकर फसलों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं। फसलों को बचाने के लिए किसान समूह में एकत्र होकर लाठी-डंडे लेकर खेतों में पहुंचते हैं। रात के समय अलाव जलाकर ठंड से बचने के प्रयास किए जाते हैं। इस दौरान बीच-बीच में पशुओं को भगाने के लिए शोर-शराबा करने की मजबूरी भी किसानों के सामने हैं।

सरकार अपनी जिम्मेदारी समझें
किसान संदीप सोम का कहना है कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। किसानों की क्या खता है। पशु आधी से ज्यादा फसल को चौपट कर देते हैं। ऐसे में किसान क्या करें।

यह भी पढ़ें: अनोखा मामला: नहीं मिली मुर्दे की खाट, घर-घर तलाश रही पुलिस, परिजनों को सता रहा ये डर

घट गई है किसानों की आय
किसान कृष्णपाल सिंह का कहना है कि किसानों की आय घट रही है। फसलों में नुकसान बढ़ गया है। प्रशासन अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पशुओं का गोशाला में ले जाने का इंतजाम करें।

आधी फसल भी नहीं पहुंच रही घर
किसान सुभाष सोम का कहना है कि आधी फसल भी घर नहीं पहुंच रही है। आवारा पशु किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गए हैं। किसानों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

यह भी पढ़ें: UP: होटल में छापा पड़ते ही मचा हड़कंप, कमरे से बरामद हुई ऐसी चीज, अफसर भी रह गए हैरान, देखें तस्वीरें

दोराहे पर खड़े हैं किसान
किसान श्रीओम का कहना है कि किसान दोराहे पर खड़े हुए हैं। प्रशासन हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। आवारा पशु मुसीबत बन गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed