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जापान की कंपनी की देखरेख में स्मार्ट बनेगा शहर
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत तैयार किए जा रहे आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के छह महत्वपूर्ण कार्य जापान की कंपनी एनईसी (निप्पोन इलेक्ट्रिक कंपनी) के निर्देशन में होंगे। दरअसल, जिन कंपनियों को आईसीसीसी के तहत होने वाले कार्यों का ठेका मिला है, वे एनईसी की ही सहयोगी कंपनियां हैं। अधिकारियों ने बताया कि एनईसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी है। दुनिया भर के देशों में काम कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि कंपनी के अधिकारियों की देखरेख में संपन्न होने वाले कार्य गुणवत्तापूर्ण होंगे।
एनईसी के अधीन होंगे ये कार्य
1- आईसीसीसी
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की बिल्डिंग कई माह पहले तैयार हो चुकी है। इसके प्रथम और द्वितीय तल पर ऑफिस बनाने के लिए इन दिनों पार्टिशन चल रहा है। कहां कौन सा केबिन होगा और किस तरह से शहर को कंट्रोल किया जाएगा, यह सब एनईसी की देखरेख में हो रहा है।
2- सिटी सर्विलांस सिस्टम
सिटी सर्विलांस सिस्टम के तहत शहर भर में 960 कैमरे लगाए जाएंगे। सभी प्रमुख चौराहों पर बुलेट कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो 360 डिग्री पर काम करेंगे। इनके जरिए गाड़ियों के नंबर तक ट्रेस हो सकेंगे। साथ ही ऑनलाइन चालान भी कट जाएगा। कैमरे बिना मास्क घूम रहे लोगों को भी चिह्नित करेंगे।
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3- ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
ट्रैफिक सिस्टम कंट्रोल रूम से संचालित होगा। इसके लिए चौराहों पर यातायात पुलिस की जरूरत नहीं पड़ेगी। नया काम यह होगा कि यदि कोई नेत्रहीन या जिस व्यक्ति को कम दिखता हो, उसके लिए सेंसर और स्पीकर लगेंगे। यदि वह सड़क क्रॉस कर रहा है और सामने कोई वाहन या बाधा आ रही है तो तुरंत स्पीकर बोलकर सचेत करेगा।
4- पब्लिक एड्रेस सिस्टम एंड इमरजेंसी कॉल बॉक्स
यह नागरिकों की सुरक्षा के लिए होगा। यदि किसी व्यक्ति के साथ बाजार में लूट या अन्य घटना होती है तो वह तुरंत इमरजेंसी कॉल बॉक्स में बटन दबाकर सुरक्षा पा सकेगा। यह व्यवस्था महिलाओं के लिए अधिक मददगार साबित होगी। महिलाएं और युवतियां छेड़छाड़ की घटना पर तुरंत इसका इस्तेमाल कर सकेंगी।
5- ऑटोमेटिक ट्रैफिक वायलेशन डिटेक्शन
यदि पूरे शहर में कहीं भी कोई सड़क दुर्घटना होती है या अन्य तरह का ऐसा कार्य होता है, जो गैरकानूनी है तो उसकी सूचना ऑटोमेटिक तरीके से तुरंत पुलिस और चिकित्सा विभाग को हो जाएगी। 15 मिनट में एंबुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंचेगी।
6- स्मार्ट सिटी मोबाइल एप्लीकेशन
स्मार्ट सिटी अपने मोबाइल एप्लीकेशन तैयार करेगी। नागरिकों को अपने स्मार्ट फोन में इन एप्लीकेशन को डाउनलोड करके रखना होगा। इनका इस्तेमाल वह किसी भी समस्या की ऑनलाइन शिकायत के लिए कर सकेंगे। जिसके बाद समस्या संबंधित विभाग तक पहुंच जाएगी और समाधान होगा।
जून से पहले कार्य निपटाने का लक्ष्य
आईसीसीसी को जून से पहले यानी मई 2021 में चालू करना है। इसके लिए आईसीसीसी की बिल्डिंग में तेजी से कार्य चल रहा है। इसके अलावा 960 सीसीटीवी और ट्रैफिक सिग्नल, जनरेटर आदि सामान आ चुका है।
वर्जन
आईसीसीसी के तहत होने वाले कार्य एनईसी और जॉनसन एंड जॉनसन के पास है। जॉनसन एंड जॉनसन का भी एनईसी के साथ अनुबंध है। कोशिश यही है कि सहारनपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता के कार्य हों। कुछ ही दिनों में नागरिकों को शहर में कई बड़े सुधार नजर आएंगे।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त/सीईओ स्मार्ट सिटी सहारनपुर
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एनईसी के अधीन होंगे ये कार्य
1- आईसीसीसी
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की बिल्डिंग कई माह पहले तैयार हो चुकी है। इसके प्रथम और द्वितीय तल पर ऑफिस बनाने के लिए इन दिनों पार्टिशन चल रहा है। कहां कौन सा केबिन होगा और किस तरह से शहर को कंट्रोल किया जाएगा, यह सब एनईसी की देखरेख में हो रहा है।
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2- सिटी सर्विलांस सिस्टम
सिटी सर्विलांस सिस्टम के तहत शहर भर में 960 कैमरे लगाए जाएंगे। सभी प्रमुख चौराहों पर बुलेट कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो 360 डिग्री पर काम करेंगे। इनके जरिए गाड़ियों के नंबर तक ट्रेस हो सकेंगे। साथ ही ऑनलाइन चालान भी कट जाएगा। कैमरे बिना मास्क घूम रहे लोगों को भी चिह्नित करेंगे।
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3- ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
ट्रैफिक सिस्टम कंट्रोल रूम से संचालित होगा। इसके लिए चौराहों पर यातायात पुलिस की जरूरत नहीं पड़ेगी। नया काम यह होगा कि यदि कोई नेत्रहीन या जिस व्यक्ति को कम दिखता हो, उसके लिए सेंसर और स्पीकर लगेंगे। यदि वह सड़क क्रॉस कर रहा है और सामने कोई वाहन या बाधा आ रही है तो तुरंत स्पीकर बोलकर सचेत करेगा।
4- पब्लिक एड्रेस सिस्टम एंड इमरजेंसी कॉल बॉक्स
यह नागरिकों की सुरक्षा के लिए होगा। यदि किसी व्यक्ति के साथ बाजार में लूट या अन्य घटना होती है तो वह तुरंत इमरजेंसी कॉल बॉक्स में बटन दबाकर सुरक्षा पा सकेगा। यह व्यवस्था महिलाओं के लिए अधिक मददगार साबित होगी। महिलाएं और युवतियां छेड़छाड़ की घटना पर तुरंत इसका इस्तेमाल कर सकेंगी।
5- ऑटोमेटिक ट्रैफिक वायलेशन डिटेक्शन
यदि पूरे शहर में कहीं भी कोई सड़क दुर्घटना होती है या अन्य तरह का ऐसा कार्य होता है, जो गैरकानूनी है तो उसकी सूचना ऑटोमेटिक तरीके से तुरंत पुलिस और चिकित्सा विभाग को हो जाएगी। 15 मिनट में एंबुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंचेगी।
6- स्मार्ट सिटी मोबाइल एप्लीकेशन
स्मार्ट सिटी अपने मोबाइल एप्लीकेशन तैयार करेगी। नागरिकों को अपने स्मार्ट फोन में इन एप्लीकेशन को डाउनलोड करके रखना होगा। इनका इस्तेमाल वह किसी भी समस्या की ऑनलाइन शिकायत के लिए कर सकेंगे। जिसके बाद समस्या संबंधित विभाग तक पहुंच जाएगी और समाधान होगा।
जून से पहले कार्य निपटाने का लक्ष्य
आईसीसीसी को जून से पहले यानी मई 2021 में चालू करना है। इसके लिए आईसीसीसी की बिल्डिंग में तेजी से कार्य चल रहा है। इसके अलावा 960 सीसीटीवी और ट्रैफिक सिग्नल, जनरेटर आदि सामान आ चुका है।
वर्जन
आईसीसीसी के तहत होने वाले कार्य एनईसी और जॉनसन एंड जॉनसन के पास है। जॉनसन एंड जॉनसन का भी एनईसी के साथ अनुबंध है। कोशिश यही है कि सहारनपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता के कार्य हों। कुछ ही दिनों में नागरिकों को शहर में कई बड़े सुधार नजर आएंगे।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त/सीईओ स्मार्ट सिटी सहारनपुर