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झिझांड़पुर में कैंसर का कहर
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1ए - गांव झिझांडपुर में प्रदूषित पानी दिखाता ग्रामीण। (फलावदा)
- फोटो : MAWANA
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झिझांड़पुर में कैंसर का कहर
फलावदा। क्षेत्र के गांव झिझांड़पुर में पीने का पानी दूषित होने के कारण साल भर में दर्जनों लोग की कैंसर से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक बीमारी गांव में पानी दूषित होने के कारण है। कई बार अधिकारियों से होवरहेड टैंक(टंकी) लगवाने की मांग करने के बावजूद भी कोई असर नहीं पड़ा।
फलावदा कस्बे से करीब पांच किमी. की दूरी पर झिझांड़पुर गांव है। जनसंख्या करीब 6 हजार है ग्रामीणों के मुताबिक नलों से कई सालों से दूषित पानी निकल रहा है। जिसके चलते कैंसर जैसी भयंकर बीमारी ने लोगों को कब्जे में ले लिया है। इस वर्ष करीब एक दर्जन से अधिक दूषित पानी पीने के कारण दर्जन भर ग्रामीण कैंसर जैसी बीमारी से हार गए। अभी तक गांव में दर्जनों लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है। गांव में रहने वाले बुजुर्ग धर्मपाल बताते हैं कि गांव का पानी दूषित हो गया है। दूषित पानी पीने के कारण गांव निवासी सतपाल, चतरसेन, वीरपाल, ओमबीर, शीशपाल, धर्मपाल, मदरस्सन, मुनेश पाल, सतबीर आदि की मौत दूषित पानी से हुई। वहीं ग्रामीण पिछले वर्ष धर्मपाल, मदन, फेरू, मनीष पाल, सतबीर आदि की मौत भी कैंसर की बीमारी से होने का दावा कर रहे हैं। इस बीमारी से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीण सोनू, मुनेश, राजकुमार, संजय, बिरजू, पिंटू, कविंद्र आदि ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान से लकर अधिकारियों तक पानी दूषित होने की शिकायत तथा गांव में सरकारी टंकी लगवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी इस गंभीर मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ग्राम प्रधान सुरेश का कहना है कि अधिकारियों को अवगत करा कर पानी की जांच कराई जाएगी।
पीएमओ से टीम गठित-
पीएमओ से टीम गठित कराकर पानी की जांच कराई जाएगी। अगर पानी खराब है तो टंकी लगवाई जाएगी। - अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना।
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फलावदा। क्षेत्र के गांव झिझांड़पुर में पीने का पानी दूषित होने के कारण साल भर में दर्जनों लोग की कैंसर से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक बीमारी गांव में पानी दूषित होने के कारण है। कई बार अधिकारियों से होवरहेड टैंक(टंकी) लगवाने की मांग करने के बावजूद भी कोई असर नहीं पड़ा।
फलावदा कस्बे से करीब पांच किमी. की दूरी पर झिझांड़पुर गांव है। जनसंख्या करीब 6 हजार है ग्रामीणों के मुताबिक नलों से कई सालों से दूषित पानी निकल रहा है। जिसके चलते कैंसर जैसी भयंकर बीमारी ने लोगों को कब्जे में ले लिया है। इस वर्ष करीब एक दर्जन से अधिक दूषित पानी पीने के कारण दर्जन भर ग्रामीण कैंसर जैसी बीमारी से हार गए। अभी तक गांव में दर्जनों लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है। गांव में रहने वाले बुजुर्ग धर्मपाल बताते हैं कि गांव का पानी दूषित हो गया है। दूषित पानी पीने के कारण गांव निवासी सतपाल, चतरसेन, वीरपाल, ओमबीर, शीशपाल, धर्मपाल, मदरस्सन, मुनेश पाल, सतबीर आदि की मौत दूषित पानी से हुई। वहीं ग्रामीण पिछले वर्ष धर्मपाल, मदन, फेरू, मनीष पाल, सतबीर आदि की मौत भी कैंसर की बीमारी से होने का दावा कर रहे हैं। इस बीमारी से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्रामीण सोनू, मुनेश, राजकुमार, संजय, बिरजू, पिंटू, कविंद्र आदि ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान से लकर अधिकारियों तक पानी दूषित होने की शिकायत तथा गांव में सरकारी टंकी लगवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अधिकारी इस गंभीर मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ग्राम प्रधान सुरेश का कहना है कि अधिकारियों को अवगत करा कर पानी की जांच कराई जाएगी।
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पीएमओ से टीम गठित-
पीएमओ से टीम गठित कराकर पानी की जांच कराई जाएगी। अगर पानी खराब है तो टंकी लगवाई जाएगी। - अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना।