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अब पशुपालकों को नहीं होगी परेशानी
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अब पशुपालकों को नहीं होगी परेशानी
दौराला। कस्बे की घनी आबादी से पशु चिकित्सालय दूर होने के कारण यहां के पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब पशु चिकित्सक को दो घंटे कस्बे में एक स्थान पर रहकर पशु के उपचार एवं योजनाओं के बारे में पशुपालकों को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत ने बताया कि कस्बे से पशु चिकित्सालय काफी दूर है। कस्बे में पशु गणना के हिसाब से लगभग 6500 पशु हैं। दूरी के चलते पशुपालक अस्पताल तक अपने पशुओं को नहीं ले जा पाते थे। न ही उन्हें पशु विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी मिल पाती थी। इसको लेकर उन्होंने नौ अक्तूबर को राज्यमंत्री मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय एवं डेयरी विभाग डॉ. संजीव बालियान को प्रार्थना पत्र सौंपा था। इस दौरान उन्होंने कस्बे में चिकित्सक के बैठने के लिए जगह का सुझाव भी दिया था। मंत्री के आदेश पर दौराला पशु चिकित्सक को कस्बे में दो घंटे पीर वाले तालाब एवं टंकी के पास बताए स्थान पर बैठकर पशुओं का उपचार करने एवं विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए निर्देश दिया गया है।
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दौराला। कस्बे की घनी आबादी से पशु चिकित्सालय दूर होने के कारण यहां के पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब पशु चिकित्सक को दो घंटे कस्बे में एक स्थान पर रहकर पशु के उपचार एवं योजनाओं के बारे में पशुपालकों को जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत ने बताया कि कस्बे से पशु चिकित्सालय काफी दूर है। कस्बे में पशु गणना के हिसाब से लगभग 6500 पशु हैं। दूरी के चलते पशुपालक अस्पताल तक अपने पशुओं को नहीं ले जा पाते थे। न ही उन्हें पशु विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी मिल पाती थी। इसको लेकर उन्होंने नौ अक्तूबर को राज्यमंत्री मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय एवं डेयरी विभाग डॉ. संजीव बालियान को प्रार्थना पत्र सौंपा था। इस दौरान उन्होंने कस्बे में चिकित्सक के बैठने के लिए जगह का सुझाव भी दिया था। मंत्री के आदेश पर दौराला पशु चिकित्सक को कस्बे में दो घंटे पीर वाले तालाब एवं टंकी के पास बताए स्थान पर बैठकर पशुओं का उपचार करने एवं विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए निर्देश दिया गया है।
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