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छोटा परिवार-सुख का आधार पर सजी उर्दू अदब की महफिल
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छोटा परिवार-सुख का आधार पर सजी उर्दू अदब की महफिल
मेरठ। किठौर क्षेत्र के कायस्थ बड्ढा में शनिवार रात छोटा परिवार-सुख का आधार थीम पर ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन हुआ। उर्दू अकादमी की जानिब से आयोजित मुशायरे में प्रसिद्ध शायरों ने कलाम पेश किया तो पंडाल तालियों से गूंज उठा। मुंबई मालेगांव निवासी अल्ताफ जिया के कलाम तन्हाई में जब-जब तेरी यादों से मिला हूं ने जमकर वाहवाही बटोरी। उर्दू अदब की इस महफिल का लोगों ने सुबह साढे़ चार बजे तक आनंद लिया।
मुशायरे की अध्यक्षता इस्लामिक स्कॉलर मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी ने की। मुख्यातिथि समाज एवं राष्ट्रचिंतक मनु गौड़, जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी, अल्पसंख्यक आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गय्यूर-उल-हसन रिजवी, उप्र सिंचाई मंत्री बलदेव सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्य वक्ता समाज एवं राष्ट्र चिंतक मनु गौड़ ने कहा जनसंख्या नियंत्रित करना देश के लिए अब नई चुनौती बन गया है। उन्होंने देशहित में जनसंख्या को कंट्रोल करने लिए लोगों से समर्थन मांगा। जनसंख्या नियंत्रण का मुद्दा हिंदू-मुसलमान का बनाया जा रहा है, जबकि देशहित सर्वोपरि है, जिसमें कोई धर्म या जाति भेदभाव का मतलब नहीं है।
जेडीयू नेता केसी त्यागी ने मुशायरे के अच्छे इंतजाम को लेकर उर्दू अकादमी सदस्य कुंवर बासित अली की सराहना की। कहा देश कि एकता और अखंडता के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद अहम रोल अदा करते हैं।
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इसके बाद हिलाल बदायूंनी की निजामत में शायरों ने कलाम पेश किए। मशहूर शायर अलताफ जिया के जोशीले अंदाज ने श्रोताओं को उछलने पर मजबूर कर दिया। शायर नदीम शाद ने कभी-कभी बाखुदा ये सनीहा नहीं होने देंगे, हम अपने जीते जी तुझको खुदा नहीं होंने देंगे, सुनाई। शायर अजहर इकबाल ने अपनी मिट्टी पे ही आजार समझते हैं मुझे, इस चमनजार में सब खार समझते हैं मुझे, कलाम पेेश किया। मशहूर शायर शरफ नानपारवी, डा. मुकर्रम अदना इश्काबादी, सैफ बाबर, अफजल मंगलौरी, निगहत अमरोही, नाजिया सहरी, राधिका मित्तल, दानिश गजल, साजिद सरधनवी, वसीम राजपुरी, यूनुस वफा जैसे शायरों ने कलाम पेश किया।
ये लोग रहे मौजूद
उर्दू अकादमी सदस्य डॉ. असलम जमशेदपुरी, सरफराज अली, जमात उलमा हिंद राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शोएब कासमी, कायस्थ बड्ढा के प्रधानपति हाजी हामिद अली, भाजपा जिला अल्पसंख्यक अध्यक्ष दिलशाद चौहान, डा. वारिस अली, अंजुम निजामी, डा. ताहिर अली, मौ. यासीन, साजिद अली, मौ. इमरान, मौ. हाशिम, मुजाहिद साजो, नईम तोमर, कुंवर इब्राहिम बासित, दानिश अनवर रहे।
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मेरठ। किठौर क्षेत्र के कायस्थ बड्ढा में शनिवार रात छोटा परिवार-सुख का आधार थीम पर ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन हुआ। उर्दू अकादमी की जानिब से आयोजित मुशायरे में प्रसिद्ध शायरों ने कलाम पेश किया तो पंडाल तालियों से गूंज उठा। मुंबई मालेगांव निवासी अल्ताफ जिया के कलाम तन्हाई में जब-जब तेरी यादों से मिला हूं ने जमकर वाहवाही बटोरी। उर्दू अदब की इस महफिल का लोगों ने सुबह साढे़ चार बजे तक आनंद लिया।
मुशायरे की अध्यक्षता इस्लामिक स्कॉलर मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी ने की। मुख्यातिथि समाज एवं राष्ट्रचिंतक मनु गौड़, जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी, अल्पसंख्यक आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गय्यूर-उल-हसन रिजवी, उप्र सिंचाई मंत्री बलदेव सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्य वक्ता समाज एवं राष्ट्र चिंतक मनु गौड़ ने कहा जनसंख्या नियंत्रित करना देश के लिए अब नई चुनौती बन गया है। उन्होंने देशहित में जनसंख्या को कंट्रोल करने लिए लोगों से समर्थन मांगा। जनसंख्या नियंत्रण का मुद्दा हिंदू-मुसलमान का बनाया जा रहा है, जबकि देशहित सर्वोपरि है, जिसमें कोई धर्म या जाति भेदभाव का मतलब नहीं है।
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जेडीयू नेता केसी त्यागी ने मुशायरे के अच्छे इंतजाम को लेकर उर्दू अकादमी सदस्य कुंवर बासित अली की सराहना की। कहा देश कि एकता और अखंडता के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद अहम रोल अदा करते हैं।
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इसके बाद हिलाल बदायूंनी की निजामत में शायरों ने कलाम पेश किए। मशहूर शायर अलताफ जिया के जोशीले अंदाज ने श्रोताओं को उछलने पर मजबूर कर दिया। शायर नदीम शाद ने कभी-कभी बाखुदा ये सनीहा नहीं होने देंगे, हम अपने जीते जी तुझको खुदा नहीं होंने देंगे, सुनाई। शायर अजहर इकबाल ने अपनी मिट्टी पे ही आजार समझते हैं मुझे, इस चमनजार में सब खार समझते हैं मुझे, कलाम पेेश किया। मशहूर शायर शरफ नानपारवी, डा. मुकर्रम अदना इश्काबादी, सैफ बाबर, अफजल मंगलौरी, निगहत अमरोही, नाजिया सहरी, राधिका मित्तल, दानिश गजल, साजिद सरधनवी, वसीम राजपुरी, यूनुस वफा जैसे शायरों ने कलाम पेश किया।
ये लोग रहे मौजूद
उर्दू अकादमी सदस्य डॉ. असलम जमशेदपुरी, सरफराज अली, जमात उलमा हिंद राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शोएब कासमी, कायस्थ बड्ढा के प्रधानपति हाजी हामिद अली, भाजपा जिला अल्पसंख्यक अध्यक्ष दिलशाद चौहान, डा. वारिस अली, अंजुम निजामी, डा. ताहिर अली, मौ. यासीन, साजिद अली, मौ. इमरान, मौ. हाशिम, मुजाहिद साजो, नईम तोमर, कुंवर इब्राहिम बासित, दानिश अनवर रहे।