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पुल की टूटी रेलिंग देखकर चला हादसे का पता
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नजीबाबाद में नहर पुल में गिरा तहसीलदार रूड़की का वाहन निकालती क्रेन।
- फोटो : NAZIBABAD
पुल की टूटी रेलिंग देखकर चला हादसे का पता
नजीबाबाद। िरुड़की की तहसीलदार सुनयना राणा, चालक और अर्दली के वाहन सहित नजीबाबाद क्षेत्र में लापता होने की जानकारी के बाद घंटों तक पुलिस उनकी तलाश करती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच सर्विलांस टीम ने जांच की तो उनके मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन गांव सरवनपुर में मिली। पुलिस तलाश करती हुई गंगनहर पुल पर पहुंची तो रेलिंग टूटी हुई मिली। इसके बाद गोताखोरों ने नहर में तलाश शुरू की तो हादसे का पता चला। रविवार सुबह तीनों के शव नहर से निकाले जा सके।
हादसे के वक्त रुड़की की तहसीलदार सुनयना राणा सरकारी वाहन से चालक सुंदर सिंह, अर्दली ओमपाल के साथ शनिवार को नैनीताल से रुड़की लौट रही थीं। बताया जा रहा है कि तहसीलदार के वाहन के आगे कुछ फासले पर हरिद्वार के एक प्रशासनिक अधिकारी का वाहन भी था। शनिवार रात लगभग 10 बजे हरिद्वार के प्रशासनिक अधिकारी ने सुनयना राणा से संपर्क किया तो उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद हरिद्वार प्रशासन ने नजीबाबाद थाने को तहसीलदार का वाहन गुम होने की सूचना दी। इस सूचना से बिजनौर जिले के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
सीओ नजीबाबाद प्रवीण कुमार सिंह, थाना प्रभारी संजय शर्मा ने पुलिस टीम के साथ तहसीलदार के वाहन को कोतवाली मार्ग पर खोजा। सुनयना राणा के मोबाइल की लोकेशन गांव सरवनपुर क्षेत्र में मिलने के बाद वाहन को खोज रही पुलिस को पूर्वी गंग नहर की रेलिंग टूटी दिखाई दी और कार के टकराने के संकेत मिले। एसडीएम बृजेश कुमार सिंह, सीओ प्रवीण कुमार सिंह, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा के नेतृत्व में नहर में गिरी बोलेरो कार को तलाशने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। सरवनपुर के ग्राम प्रधान कृष्णदेव सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी घटनास्थल पहुंचे। डीएम रमाकांत पांडेय, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह की मौजूदगी में रविवार सुबह सुनयना राणा, चालक सुंदर सिंह, अर्दली ओमपाल के शव और बोलेरो कार नहर से बाहर निकाली गई। हरिद्वार के एडीएम प्रशासन, तहसीलदार व श्यामपुर उत्तराखंड के थाना प्रभारी की उपस्थिति में तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेजा गया।
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विपरीत दिशा की रेलिंग तोड़कर गिरी कार
नजीबाबाद। गांव सरवनपुर पूर्वी गंग नहर पुल की रेलिंग तोड़कर कार के नहर में गिरने के कारणों को लेकर असमंजस की स्थिति है। कोतवाली मार्ग पर तहसीलदार का वाहन पूर्वी गंग नहर के पुल पर विपरीत दिशा में रेलिंग तोड़कर नहर में गिरा। कुछ लोगों का मानना है कि चालक के नींद आने पर हादसा हुआ, जबकि अधिकांश लोग ओवर टेक के कारण हादसा होने की आशंका जता रहे हैं। ग्राम पंचायत सरवनपुर के ग्राम प्रधान कृष्णदेव, विजयपाल सिंह, ओमवीर सिंह, राजेंद्र, जसवंत सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने वाहन बाहर निकलवाने में अपनी जान जोखिम में डालकर पुलिस प्रशासन की मदद की। नजीबाबाद-कोतवाली मार्ग पर कार को निकालने में प्रशासन को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। लगभग दो घंटे तक कोतवाली मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों का आवागमन बाधित रहा। इस दौरान करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।
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नजीबाबाद। िरुड़की की तहसीलदार सुनयना राणा, चालक और अर्दली के वाहन सहित नजीबाबाद क्षेत्र में लापता होने की जानकारी के बाद घंटों तक पुलिस उनकी तलाश करती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच सर्विलांस टीम ने जांच की तो उनके मोबाइल फोन की अंतिम लोकेशन गांव सरवनपुर में मिली। पुलिस तलाश करती हुई गंगनहर पुल पर पहुंची तो रेलिंग टूटी हुई मिली। इसके बाद गोताखोरों ने नहर में तलाश शुरू की तो हादसे का पता चला। रविवार सुबह तीनों के शव नहर से निकाले जा सके।
हादसे के वक्त रुड़की की तहसीलदार सुनयना राणा सरकारी वाहन से चालक सुंदर सिंह, अर्दली ओमपाल के साथ शनिवार को नैनीताल से रुड़की लौट रही थीं। बताया जा रहा है कि तहसीलदार के वाहन के आगे कुछ फासले पर हरिद्वार के एक प्रशासनिक अधिकारी का वाहन भी था। शनिवार रात लगभग 10 बजे हरिद्वार के प्रशासनिक अधिकारी ने सुनयना राणा से संपर्क किया तो उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद हरिद्वार प्रशासन ने नजीबाबाद थाने को तहसीलदार का वाहन गुम होने की सूचना दी। इस सूचना से बिजनौर जिले के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
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सीओ नजीबाबाद प्रवीण कुमार सिंह, थाना प्रभारी संजय शर्मा ने पुलिस टीम के साथ तहसीलदार के वाहन को कोतवाली मार्ग पर खोजा। सुनयना राणा के मोबाइल की लोकेशन गांव सरवनपुर क्षेत्र में मिलने के बाद वाहन को खोज रही पुलिस को पूर्वी गंग नहर की रेलिंग टूटी दिखाई दी और कार के टकराने के संकेत मिले। एसडीएम बृजेश कुमार सिंह, सीओ प्रवीण कुमार सिंह, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा के नेतृत्व में नहर में गिरी बोलेरो कार को तलाशने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। सरवनपुर के ग्राम प्रधान कृष्णदेव सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी घटनास्थल पहुंचे। डीएम रमाकांत पांडेय, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह की मौजूदगी में रविवार सुबह सुनयना राणा, चालक सुंदर सिंह, अर्दली ओमपाल के शव और बोलेरो कार नहर से बाहर निकाली गई। हरिद्वार के एडीएम प्रशासन, तहसीलदार व श्यामपुर उत्तराखंड के थाना प्रभारी की उपस्थिति में तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेजा गया।
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विपरीत दिशा की रेलिंग तोड़कर गिरी कार
नजीबाबाद। गांव सरवनपुर पूर्वी गंग नहर पुल की रेलिंग तोड़कर कार के नहर में गिरने के कारणों को लेकर असमंजस की स्थिति है। कोतवाली मार्ग पर तहसीलदार का वाहन पूर्वी गंग नहर के पुल पर विपरीत दिशा में रेलिंग तोड़कर नहर में गिरा। कुछ लोगों का मानना है कि चालक के नींद आने पर हादसा हुआ, जबकि अधिकांश लोग ओवर टेक के कारण हादसा होने की आशंका जता रहे हैं। ग्राम पंचायत सरवनपुर के ग्राम प्रधान कृष्णदेव, विजयपाल सिंह, ओमवीर सिंह, राजेंद्र, जसवंत सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने वाहन बाहर निकलवाने में अपनी जान जोखिम में डालकर पुलिस प्रशासन की मदद की। नजीबाबाद-कोतवाली मार्ग पर कार को निकालने में प्रशासन को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। लगभग दो घंटे तक कोतवाली मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों का आवागमन बाधित रहा। इस दौरान करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।

नजीबाबाद में डीएम और एसपी की मौजूदगी में चालक का शव ले जाते पुलिसकर्मी।- फोटो : NAZIBABAD

नजीबाबाद में तहसीलदार रूड़की का वाहन निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलवाते डीएम रमाकांत पांडेय?- फोटो : NAZIBABAD