फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   The 25 crore currency will go to the Malkhana, office Seal of Builder

मालखाने में जाएगी 25 करोड़ की पुरानी करेंसी, बिल्डर का ऑफिस सील

Tue, 02 Jan 2018 02:49 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 02 Jan 2018 02:49 PM IST
विज्ञापन
The 25 crore currency will go to the Malkhana, office Seal of Builder
25 करोड़ के पुराने नोट - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में पकड़ी गई 25 करोड़ की पुरानी करेंसी अब परतापुर थाने के मालखाने में रद्दी की तरह रखी जाएगी। आरबीआई समेत अन्य विभागों ने इस करेंसी को सुपुर्दगी में लेने से साफ इंकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि सन 2017 में बने नए एक्ट के तहत पुलिस अपनी तरफ से मुकदमा लिखवाएगी। मेरठ पुलिस ने ईडी, आरबीआई, इनकम टैक्स समेत कई विभागों को इसकी रिपोर्ट भेज दी है। 

विज्ञापन


एसएसपी मंजिल सैनी दहल के मुताबिक नोटबंदी के बाद पुराने नोटों के एक्सचेंज होने की लिमिट पूरी होने के बाद इसी तरह गोमतीनगर लखनऊ में 25 लाख की पुरानी करेंसी पकड़ी गई थी। गोमती नगर थाना पुलिस ने इस नए एक्ट के तहत केस दर्ज कर पुरानी करेंसी को थाने के मालखाने में रखा था। इसी तरह अब मेरठ पुलिस भी इन 25 करोड़ की पुरानी करेंसी को परतापुर थाने के मालखाने में रखेगी। 
विज्ञापन


एसएसपी ने बताया कि इस एक्ट में किसी का कोई भी रिमांड बनने का प्रावधान नहीं है। यह एक्ट सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम) में भी नहीं चढ़ा हुआ है। जबकि अब उत्तर प्रदेश में सभी मुकदमे सीसीटीएनएस के जरिए दर्ज हो रहे हैं। 25 करोड़ की पुरानी करेंसी बरामद करने की जानकारी उन्होंने आरबीआई, आयकर विभाग व ईडी को दी है। आयकर विभाग ने इस मामले की जांच की। बिल्डर संजीव मित्तल को नोटिस दे दिया है। लेकिन किसी भी विभाग ने पुरानी करेंसी अपनी सुपुर्दगी में लेने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें : मेरठ: 24 बोरों में 25 करोड़ के पुराने नोट, देखिए- प्रॉपर्टी डीलर के घर की Live तस्वीरें

तीन दिन से पहरे पर बैठी पुलिस

The 25 crore currency will go to the Malkhana, office Seal of Builder
25 करोड़ के पुराने नोट पकड़े - फोटो : अमर उजाला

25 करोड़ की पुरानी करेंसी की सुरक्षा और बिल्डर की कोठी पर परतापुर पुलिस लगातार पहरा दे रही है। बिल्डर के ऑफिस पर भी सील लगी है। परतापुर पुलिस के अनुसार थाने से एक दरोगा व दो सिपाही 24 घंटे राजकमल एन्कलेव में लगे हैं। कॉलोनी के लोग भी पुलिस से दिनभर पूछते रहते हैं कि बिल्डर पर कौन सी कार्रवाई होगी। लेकिन पुलिस के पास उनके सवालों का जवाब नहीं है। 

दो इंस्पेक्टर, दावे अलग-अलग 
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा का कहना है कि इस मामले में बिल्डर पर 125 फीसदी जुर्माना लग सकता है। आयकर विभाग और आरबीआई इस मामले में बड़ी कार्रवाई करेगी। इंस्पेक्टर परतापुर रघुराज सिंह का कहना है कि पुरानी करेंसी के मामले में कोर्ट का निर्णय मंगलवार तक आ सकता है। उसके बाद ही अगली कार्रवाई होगी। करेंसी को ट्रेजरी में रखा जाएगा। दूसरे विभाग इस मामले में कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। 

क्या है यह अध्यादेश
यह एक्ट द स्पेसिफाइड बैंक नोट्स सेसेशन ऑफ लाएबिलिटीज ऑर्डिनेंस में रखा गया है। नोटों को लेकर आरबीआई व सरकार की जिम्मेदारी को खत्म करने के लिए आरबीआई एक्ट में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। अब सरकार बैन हो चुके नोटों को लेकर किसी तरह की मुकदमेबाजी से बच जाएगी। अध्यादेश के मुताबिक यदि किसी शख्स के पास दस से ज्यादा पुराने नोट पाए गए तो उस पर जेल व जुर्माने की कार्रवाई होगी। 30 दिसंबर के बाद पुराने नोट आरबीआई में जमा कराने पर घोषणा पत्र भी देना होगा। नोटबंदी के बाद पुरानी करेंसी एक्सचेंज करने के लिए 31 मार्च 2017 तक का समय दिया गया था। सरकार ने साफ कहा था कि उसके बाद पुराने 1000 और 500 के नोट किसी पर मिले तो जुर्माना देना पडे़गा। जुर्माना 10 हजार रुपये से लेकर मौजूदा कैश का पांच गुना तक लग सकता है। अगर पुराने नोटों में लेनदेन किया है तो जुर्माना भी लग सकता है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed