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हैंडपंप रिबोर का ठेका छूटा, अब मिलेगा सभी को पानी
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हैंडपंप रिबोर का ठेका छूटा, अब मिलेगा पीने का पानी
मेरठ। महानगर में खराब पड़े हैंडपंप अब शीघ्र ही पानी देते नजर आएंगे। निगम के जलकल विभाग ने हैंडपंप रिबोर के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है। एक सप्ताह के अंदर ठेकेदार को कार्य का आदेश जारी कर दिया जाएगा। उसके बाद हैंडपंप ठीक होने शुरू हो जाएंगे।
शहर में करीब पांच हजार हैंडपंप खराब हैं। शहर के अधिकतर बाहरी इलाकों में जहां नलकूप और पेयजल पाइपलाइन नहीं है, वहां जनता पानी के लिए परेशान है। पिछले दो साल से हैंडपंपों की न तो ठीक से मरम्मत हो रही है और न ही बंद पड़े हैंडपंपों का रिबोर हो रहा है। शहर के कई इलाकों में निगम के टैंकर से जलापूर्ति हो रही है। कुछ जगहों पर पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते हैं। पिछले दिनों लोगों की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया।
इसके बाद जलकल विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की। अब विभाग ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है। शीघ्र ही ठेकेदार से काम कराया जाएगा। महाप्रबंधक गौरव का कहना है कि सभी बंद पड़े हैंडपंपों का सत्यापन करा लिया गया है। इसकी सूची ठेकेदार को सौंपी जाएगी। प्रयास है कि दो-तीन माह के अंदर ही अधिकतर हैंडपंप ठीक हो जाएं।
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मेरठ। महानगर में खराब पड़े हैंडपंप अब शीघ्र ही पानी देते नजर आएंगे। निगम के जलकल विभाग ने हैंडपंप रिबोर के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है। एक सप्ताह के अंदर ठेकेदार को कार्य का आदेश जारी कर दिया जाएगा। उसके बाद हैंडपंप ठीक होने शुरू हो जाएंगे।
शहर में करीब पांच हजार हैंडपंप खराब हैं। शहर के अधिकतर बाहरी इलाकों में जहां नलकूप और पेयजल पाइपलाइन नहीं है, वहां जनता पानी के लिए परेशान है। पिछले दो साल से हैंडपंपों की न तो ठीक से मरम्मत हो रही है और न ही बंद पड़े हैंडपंपों का रिबोर हो रहा है। शहर के कई इलाकों में निगम के टैंकर से जलापूर्ति हो रही है। कुछ जगहों पर पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते हैं। पिछले दिनों लोगों की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया।
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इसके बाद जलकल विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की। अब विभाग ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है। शीघ्र ही ठेकेदार से काम कराया जाएगा। महाप्रबंधक गौरव का कहना है कि सभी बंद पड़े हैंडपंपों का सत्यापन करा लिया गया है। इसकी सूची ठेकेदार को सौंपी जाएगी। प्रयास है कि दो-तीन माह के अंदर ही अधिकतर हैंडपंप ठीक हो जाएं।
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