शिकंजा: 300 मीटर सड़क में फंसी 10 इंजीनियरों की गर्दन, इन पर गिर सकती है गाज
ठेकेदार ने करीब 270 मीटर ही सड़क बनाई और उसे करीब 50 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो मामला शासन तक पहुंच गया।
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मेरठ टीपीनगर की गुप्ता कालोनी में 300 मीटर लंबी सड़क को 600 मी. दर्शाकर एस्टीमेट तैयार करने के मामले में नगर निगम और पीडब्लूडी इंजीनियरों की गर्दन फंस गई है। जांच कमेटी ने नगर निगम के आठ और पीडब्लूडी के दो इंजीनियरों को दोषी माना है। निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार को पर्यवेक्षण में शिथिलता का जिम्मेदार माना गया है। निगम ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इसी आधार कार्रवाई तय मानी जा रही है।
नगर निगम ने गुप्ता कॉलोनी की इस सड़क को 15वें वित्त से मिले पैसे से बनाने का निर्णय लिया था। मौके पर सड़क की लंबाई 300 मीटर है जबकि एस्टीमेट 600 मीटर का बनाते हुए 2.28 करोड़ का बजट प्रस्ताव तैयार किया गया। ठेकेदार ने करीब 270 मीटर ही सड़क बनाई और उसे करीब 50 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया था। फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो मामला शासन तक पहुंच गया।
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महापौर सुनीता वर्मा ने भी मौका-मुआयना किया। नगरायुक्त डॉ. अमितपाल शर्मा ने निगम के तीन अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी। टीम ने जांच रिपोर्ट शनिवार को नगरायुक्त को सौंप दी है। यह गोपनीय जांच रिपोर्ट सोमवार को निगम में सार्वजनिक भी हो गई। सोशल मीडिया पर जांच रिपोर्ट देख जांच कमेटी में शामिल अधिकारी भी हैरत में रह गए।
इन पर गिर सकती है गाज
निगम के अधिशासी अभियंता विकास कुरील, तत्कालीन सहायक अभियंता नानक चंद व राजेन्द्र ने बजट प्रस्ताव तैयार किया था। इनके प्रस्ताव पर तकनीकी रिपोर्ट जेई पदम सिंह ने दी। बजट प्रस्ताव और मौका-मुआयना करने वाली मंडलीय समिति ने भी 300 मीटर सड़क को 600 मीटर ही मान झूठी रिपोर्ट दे दी।
इस समिति में नगर निगम के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा, सहायक अभियंता राजवीर, केके सिंघल, पीडब्लूडी के सहायक अभियंता महेश बालियान और अधिशासी अभियंता वेदपाल सिंह शामिल थे। पर्यवेक्षण निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार ने किया। इन सभी 10 इंजीनियरों पर गाज गिर सकती है।
शासन से तय होगी कार्रवाई
अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह यादव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार की समिति ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अग्रिम कार्रवाई वहीं से होगी। -डॉ. अमितपाल शर्मा, नगरायुक्त।