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रिसर्च : फास्ट फूड खाने से खराब हो रहे दांत
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मेरठ। दांतों की सफाई पर ध्यान न देने और अधिक फास्ट फूड खाने से लोगों के दांत खराब हो रहे हैं। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पिछले नौ महीनों के दौरान आए करीब 30 हजार दंत रोगियों का अध्ययन करने पर यह खुलासा हुआ है। इनमें 45 से 50 प्रतिशत युवा, किशोर और बच्चे हैं।
दोनों सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज दांतों में कैविटी (कीड़े लगना) और पायरिया के आए हैं। पायरिया में दांत ढीले होकर हिलने लगते हैं। मसूड़ों से मवाद और रक्त निकलने लगता है। दांतों पर कड़ी पपड़ियां जम जाती हैं और मुंह से दुर्गंध आने लगती हैं। वर्तमान में करीब 15 प्रतिशत युवा पायरिया की चपेट में हैं। रात में मुंह में लार कम बनती है करीब आठ घंटे मुंह बंद रहता है। रात में ब्रश न करने से खाने के कण दांतों में बीच में फंसें रहते हैं, जिससे सड़न के साथ बैक्टीरिया पनपते हैं। यह बैक्टीरिया एसिड छोड़ते हैं, जिससे मसूड़े कमजोर हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि दिन में व्यक्ति खाता है और पानी पीता है, बात करता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम रहता है। दंत चिकित्सकों के मुताबिक, सुबह और रात दोनों समय दांतों पर ब्रश करना चाहिए। सुबह से ज्यादा शाम को ब्रश करना ज्यादा फायदेमंद है। इससे दांत मजबूत होते हैं। इससे पायरिया और दांतों में कीड़े लगने से निजात मिलेगी।
सफाई करें, 90 प्रतिशत खतरा हो जाता है कम
जिला अस्पताल की दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका चौधरी ने बताया कि नौ माह में 10 हजार से ज्यादा मरीज आए हैं। एक साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के दांत भी सॉफ्ट ब्रश से जरूर साफ करने चाहिए। दूध पिलाने के बाद भी मुंह की ठीक से सफाई करनी चाहिए, इससे दांतों में बैक्टीरिया पनपने का खतरा करीब 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
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देहात वाले पायरिया, शहर वाले कैविटी से परेशान
मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रियाज अहमद ने बताया कि मेडिकल में 20 हजार से ज्यादा मरीज आए हैं। इनमें देहात के मरीजों में पायरिया ज्यादा निकला है। शहर के मरीजों में कैविटी की समस्या। उन्होंने बताया कि गांव में ब्रश करने का चलन कम है, इससे वह पायरिया से पीड़ित हैं।
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दोनों सरकारी अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज दांतों में कैविटी (कीड़े लगना) और पायरिया के आए हैं। पायरिया में दांत ढीले होकर हिलने लगते हैं। मसूड़ों से मवाद और रक्त निकलने लगता है। दांतों पर कड़ी पपड़ियां जम जाती हैं और मुंह से दुर्गंध आने लगती हैं। वर्तमान में करीब 15 प्रतिशत युवा पायरिया की चपेट में हैं। रात में मुंह में लार कम बनती है करीब आठ घंटे मुंह बंद रहता है। रात में ब्रश न करने से खाने के कण दांतों में बीच में फंसें रहते हैं, जिससे सड़न के साथ बैक्टीरिया पनपते हैं। यह बैक्टीरिया एसिड छोड़ते हैं, जिससे मसूड़े कमजोर हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि दिन में व्यक्ति खाता है और पानी पीता है, बात करता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम रहता है। दंत चिकित्सकों के मुताबिक, सुबह और रात दोनों समय दांतों पर ब्रश करना चाहिए। सुबह से ज्यादा शाम को ब्रश करना ज्यादा फायदेमंद है। इससे दांत मजबूत होते हैं। इससे पायरिया और दांतों में कीड़े लगने से निजात मिलेगी।
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सफाई करें, 90 प्रतिशत खतरा हो जाता है कम
जिला अस्पताल की दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अलका चौधरी ने बताया कि नौ माह में 10 हजार से ज्यादा मरीज आए हैं। एक साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के दांत भी सॉफ्ट ब्रश से जरूर साफ करने चाहिए। दूध पिलाने के बाद भी मुंह की ठीक से सफाई करनी चाहिए, इससे दांतों में बैक्टीरिया पनपने का खतरा करीब 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
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देहात वाले पायरिया, शहर वाले कैविटी से परेशान
मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रियाज अहमद ने बताया कि मेडिकल में 20 हजार से ज्यादा मरीज आए हैं। इनमें देहात के मरीजों में पायरिया ज्यादा निकला है। शहर के मरीजों में कैविटी की समस्या। उन्होंने बताया कि गांव में ब्रश करने का चलन कम है, इससे वह पायरिया से पीड़ित हैं।