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Meerut News: हरिद्वार से दो साल पहले अगवा किशोर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मिला
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पहले खतौली फिर परतापुर में बेचा गया, रहमापुर में बंधक बनाकर कराया जा रहा था घर का काम
ढाई माह से था भर्ती, कोमा से बाहर आया तो मां का मोबाइल नंबर बताया, तब परिजन अस्पताल पहुंचे
बहसूमा क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था, एक किशोर की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगानगर/मेरठ। हरिद्वार के मायापुर क्षेत्र से दो साल पूर्व अगवा 14 वर्षीय किशोर परिजनों को गंगानगर स्थित सूर्य अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मिला है। जानकारी मिली है कि किशोर का दो बार सौदा कर पहले मुजफ्फरनगर के खतौली और फिर मेरठ के परतापुर में बेचा गया। इसके बाद उसे रहमापुर मेें बंधक बनाकर घर का काम कराया जा रहा था। किशोर सड़क हादसे में घायल होने के बाद ढाई माह से कोमा में था। होश आने पर उसके परिजन को कॉल कर बुलाया गया।
हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय महिला के मुताबिक बीते 21 दिसंबर को उनके पास एक कॉल आया। उन्होंने बताया आपका बेटा मेरठ के गंगानगर क्षेत्र स्थित सूर्य अस्पताल में भर्ती है। वह अपने देवर के साथ अस्पताल पहुंची। बेटे को पहचान कर फफक पड़ी। उसने सूर्य अस्पताल संचालक आमोद भारद्वाज को बताया कि 17 अगस्त 2022 को हरिद्वार में वह हिमालय डिपो के पास एक होटल में झाड़ू-पोछा करने गई थी। होटल के बाहर से उसके बेटे को अगवा कर लिया गया था। वह कई बार हरिद्वार में थाना कोतवाली में शिकायत करने पहुंची, पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर वापस भेज दिया।
हादसे के बाद कराया भर्ती, बिल भरने से किया इन्कार
सूर्य अस्पताल संचालक आमोद भारद्वाज के मुताबिक करीब ढाई माह पूर्व 31 अक्टूबर को बहसूमा-मवाना मार्ग स्थित रहमापुर गांव के पास बाइक सवार तीन किशोरों का अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिसमें एक किशोर की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए थे। जिनमें एक घायल हरिद्वार से अगवा किशोर था। उसे रात में भर्ती कराया गया। सिर में चोट लगने से वह कोमा में था। भर्ती कराने वाले परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी और रहमापुर निवासी ग्रामीण ने उसका नाम सोनू लिखवाया था। उन्होंने बताया था कि किशोर उनका नौकर है। आरोप है भर्ती होने के बाद एक माह तक देखने आए, बिल के लिए बोला तो उन्होंने इनकार कर दिया। 21 दिसंबर को होश में आने पर उसने अस्पताल स्टाफ को अपनी मां का मोबाइल नंबर दिया।
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कक्षा छह का छात्र था किशोर
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक किशाेर को भर्ती कराने वाले लोगों ने फोन पर किसी परिचित से बात करते हुए बताया कि था किशोर को पहले खतौली में बेचा गया, फिर परतापुर में कुछ दिन काम कराया गया। उसके बाद वह उनके यहां घर में काम कर रहा था। मां पुष्पा के मुताबिक उसके दो शादीशुदा बेटियां और दो बेटे हैं। पीड़ित किशोर कक्षा छह में पढ़ता था।
तीसरी बार किया अगवा
मां पुष्पा का आरोप है 2021 में हरिद्वार में काम करने वाले बिजनौर निवासी दो लोगों ने उसके बेटे को अगवा किया था, पुलिस में शिकायत पर वह रात में घर के बाहर छोड़ गए थे। दो माह बाद फिर से उसे अगवा कर लिया गया। तीन दिन बाद वह सहारनपुर रेलवे स्टेशन से मिला गया था। अब तीसरी बार उसका अपहरण किया गया। मां पुष्पा के मुताबिक वह आरोपियों के खिलाफ गंगानगर थाने में शिकायत करेंगी।
उधर, एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि पुलिस के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी वो गंगानगर इंस्पेक्टर को संबंधित अस्पताल में भेज कर जांच कराएंगे। पीड़ित की मां थाने पर शिकायत दे सकती है।
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ढाई माह से था भर्ती, कोमा से बाहर आया तो मां का मोबाइल नंबर बताया, तब परिजन अस्पताल पहुंचे
बहसूमा क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल हुआ था, एक किशोर की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगानगर/मेरठ। हरिद्वार के मायापुर क्षेत्र से दो साल पूर्व अगवा 14 वर्षीय किशोर परिजनों को गंगानगर स्थित सूर्य अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मिला है। जानकारी मिली है कि किशोर का दो बार सौदा कर पहले मुजफ्फरनगर के खतौली और फिर मेरठ के परतापुर में बेचा गया। इसके बाद उसे रहमापुर मेें बंधक बनाकर घर का काम कराया जा रहा था। किशोर सड़क हादसे में घायल होने के बाद ढाई माह से कोमा में था। होश आने पर उसके परिजन को कॉल कर बुलाया गया।
हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय महिला के मुताबिक बीते 21 दिसंबर को उनके पास एक कॉल आया। उन्होंने बताया आपका बेटा मेरठ के गंगानगर क्षेत्र स्थित सूर्य अस्पताल में भर्ती है। वह अपने देवर के साथ अस्पताल पहुंची। बेटे को पहचान कर फफक पड़ी। उसने सूर्य अस्पताल संचालक आमोद भारद्वाज को बताया कि 17 अगस्त 2022 को हरिद्वार में वह हिमालय डिपो के पास एक होटल में झाड़ू-पोछा करने गई थी। होटल के बाहर से उसके बेटे को अगवा कर लिया गया था। वह कई बार हरिद्वार में थाना कोतवाली में शिकायत करने पहुंची, पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर वापस भेज दिया।
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हादसे के बाद कराया भर्ती, बिल भरने से किया इन्कार
सूर्य अस्पताल संचालक आमोद भारद्वाज के मुताबिक करीब ढाई माह पूर्व 31 अक्टूबर को बहसूमा-मवाना मार्ग स्थित रहमापुर गांव के पास बाइक सवार तीन किशोरों का अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिसमें एक किशोर की मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए थे। जिनमें एक घायल हरिद्वार से अगवा किशोर था। उसे रात में भर्ती कराया गया। सिर में चोट लगने से वह कोमा में था। भर्ती कराने वाले परीक्षितगढ़ क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी और रहमापुर निवासी ग्रामीण ने उसका नाम सोनू लिखवाया था। उन्होंने बताया था कि किशोर उनका नौकर है। आरोप है भर्ती होने के बाद एक माह तक देखने आए, बिल के लिए बोला तो उन्होंने इनकार कर दिया। 21 दिसंबर को होश में आने पर उसने अस्पताल स्टाफ को अपनी मां का मोबाइल नंबर दिया।
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कक्षा छह का छात्र था किशोर
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक किशाेर को भर्ती कराने वाले लोगों ने फोन पर किसी परिचित से बात करते हुए बताया कि था किशोर को पहले खतौली में बेचा गया, फिर परतापुर में कुछ दिन काम कराया गया। उसके बाद वह उनके यहां घर में काम कर रहा था। मां पुष्पा के मुताबिक उसके दो शादीशुदा बेटियां और दो बेटे हैं। पीड़ित किशोर कक्षा छह में पढ़ता था।
तीसरी बार किया अगवा
मां पुष्पा का आरोप है 2021 में हरिद्वार में काम करने वाले बिजनौर निवासी दो लोगों ने उसके बेटे को अगवा किया था, पुलिस में शिकायत पर वह रात में घर के बाहर छोड़ गए थे। दो माह बाद फिर से उसे अगवा कर लिया गया। तीन दिन बाद वह सहारनपुर रेलवे स्टेशन से मिला गया था। अब तीसरी बार उसका अपहरण किया गया। मां पुष्पा के मुताबिक वह आरोपियों के खिलाफ गंगानगर थाने में शिकायत करेंगी।
उधर, एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि पुलिस के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। फिर भी वो गंगानगर इंस्पेक्टर को संबंधित अस्पताल में भेज कर जांच कराएंगे। पीड़ित की मां थाने पर शिकायत दे सकती है।