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दो सगी बहनों समेत तीन महिलाओं को तीन तलाक
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तीन तलाक मामले मे एसएसपी से मिलने आयी लिसाडी गेट की इसरत
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मेरठ। भावनपुर और लिसाड़ीगेट क्षेत्र में सोमवार को तीन तलाक के तीन अलग अलग मामले सामने आए। दो सगी बहनों ने तलाक दिए जाने की शिकायत एसएसपी ऑफिस पहुंचकर दर्ज कराई। वहीं दूसरा मामला लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र का है।
भावनपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर निवासी बहनें अंजुम व तबस्सुम की शादी 11 अप्रैल 2016 को ब्रह्मपुरी क्षेत्र के पूर्वा इलाही बख्श, जाटव गेट निवासी दो सगे भाइयों से हुई थी। बहनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के प्रताड़ित करने लगे। जबकि परिजनों ने शादी में तीस लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बाद भी ससुराली स्विफ्ट कार और पांच लाख की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि उन्हें बंधक बनाकर पीटा जाता था। कई बार हत्या का प्रयास किया गया। नौ जून 2017 को ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया। इसके बाद से वे मायके में हैं। बीती 18 अगस्त को अंजुम का पति सरताज और तबस्सुम का पति फराज परिजनों के साथ अब्दुल्लापुर पहुंचे। पूर्व में दर्ज मुकदमे में समझौता करने का दबाव डाला। उनकी मां ने समझौते का विरोध किया तो उनके पतियों ने उन्हें तीन तलाक दे दिया। पीड़ित बहनों ने ससुरालियों से जान का खतरा जताया है। एसपी क्राइम रामअर्ज का कहना है कि भावनपुर एसओ को जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
शादी के आठ साल बाद तीन तलाक
लिसाड़ीगेट के मजीदनगर निवासी नजराना पुत्री बाबू की शादी आठ साल पहले रईस निवासी बुढ़ाना के साथ हुई थी। महिला चार बच्चे व पति के साथ लिसाड़ीगेट के समरगार्डन में रह रही है। महिला का आरोप है कि पति मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता है। रविवार रात को पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। सोमवार को पीड़िता लिसाड़ीगेट थाने पहुंची और पति के खिलाफ तहरीर दी। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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भावनपुर क्षेत्र के अब्दुल्लापुर निवासी बहनें अंजुम व तबस्सुम की शादी 11 अप्रैल 2016 को ब्रह्मपुरी क्षेत्र के पूर्वा इलाही बख्श, जाटव गेट निवासी दो सगे भाइयों से हुई थी। बहनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के प्रताड़ित करने लगे। जबकि परिजनों ने शादी में तीस लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बाद भी ससुराली स्विफ्ट कार और पांच लाख की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि उन्हें बंधक बनाकर पीटा जाता था। कई बार हत्या का प्रयास किया गया। नौ जून 2017 को ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया। इसके बाद से वे मायके में हैं। बीती 18 अगस्त को अंजुम का पति सरताज और तबस्सुम का पति फराज परिजनों के साथ अब्दुल्लापुर पहुंचे। पूर्व में दर्ज मुकदमे में समझौता करने का दबाव डाला। उनकी मां ने समझौते का विरोध किया तो उनके पतियों ने उन्हें तीन तलाक दे दिया। पीड़ित बहनों ने ससुरालियों से जान का खतरा जताया है। एसपी क्राइम रामअर्ज का कहना है कि भावनपुर एसओ को जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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शादी के आठ साल बाद तीन तलाक
लिसाड़ीगेट के मजीदनगर निवासी नजराना पुत्री बाबू की शादी आठ साल पहले रईस निवासी बुढ़ाना के साथ हुई थी। महिला चार बच्चे व पति के साथ लिसाड़ीगेट के समरगार्डन में रह रही है। महिला का आरोप है कि पति मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता है। रविवार रात को पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। सोमवार को पीड़िता लिसाड़ीगेट थाने पहुंची और पति के खिलाफ तहरीर दी। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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