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कृष्णा के स्कूल में नौनिहालों की आंखों से टपकते रहे आंसू

Thu, 13 Oct 2022 02:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 02:15 AM IST
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Tears kept dripping from the eyes of the little ones in Krishna's school
कृष्णा के स्कूल में नौनिहालों की आंखों से टपकते रहे आंसू
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मेरठ। शास्त्रीनगर में पीवीएस मॉल के पास सड़क हादसे में दुनिया छोड़ गए कृष्णा मेहता उर्फ केशव (13) को याद कर सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल के उसके सहपाठियों की आंखें नम हो गईं। शिक्षक भी भावुक हो गए। सभी ने दो मिनट का मौन रखा और यज्ञ किया।
कृष्णा स्कूल में भी सबका चहेता और मिलनसार था। प्रधानाचार्य रश्मि मिश्रा ने कहा कृष्णा का चले जाना स्कूल के लिए भी बड़ी क्षति है। उसने सत्यकाम स्कूल में कक्षा दो ही पढ़ रहा था। अब वह नौंवी कक्षा में था। स्कूल की सभी गतिविधियों में वह बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। डांस टीचर जय ने बताया कि नृत्य से जुड़े हर कार्यक्रम के लिए वह खुद आकर अपना नाम दर्ज कराता था।
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शिक्षक बनना चाहता था, कृष्ण का वेश था पसंद
स्कूल शिक्षकों ने बताया कि स्पोर्ट्स कारोबारी पंकज मेहता के बेटे कृष्णा भविष्य में शिक्षक बनना चाहता था। उसने घर में एक काल्पनिक कक्षा भी बनाई हुई थी, जहां बोर्ड और मार्कर के साथ अपने से छोटे बच्चों को पढ़ाया करता था। धार्मिक गतिविधियों में भी उसकी सहभागिता रहती थी। स्कूल में प्रतिदिन होने वाले यज्ञ में शामिल होकर वह मंत्रोच्चार करता था। अपने नाम जैसा स्वभाव रखने वाले कृष्णा को बहुत से मंत्र कंठस्थ थे। कृष्ण का श्रृंगार करना उसे अधिक प्रिय था।
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...तो न बुझता घर का चिराग
मेरठ। कृष्णा मेहता का घर पुराना के-ब्लॉक में है। मंगलवार को बृजघाट पर कृष्णा का अंतिम संस्कार किया गया था। बुधवार को हरमिलाप मंदिर में श्रद्घांजली सभा हुई। सभा में आसपास के लोगों समेत रिश्तेदार व परिचित पहुंचे। लोगों ने हादसे के लिए पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया। सभी ने कहा कि सड़क में गड्ढे न होते और पुलिस ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली पर कार्रवाई करती तो हादसा न होता। लोगों ने कहा कि पुलिस केवल वसूली में व्यस्त रहती है, ऐसे वाहन पुलिस की मिलीभगत से शहर की सड़कों पर दौड़ रहे है। संवाद
खतरनाक: बेलगाम दौड़ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली
खरदौनी निवासी ट्रैक्टर चालक खालिद को पुलिस ने किया गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पीवीएस मॉल के पास सोमवार की शाम सड़क के गड्ढे में स्कूटी का पहिया गिरने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली ने होनहार कृष्णा को कुचल दिया। इसके बावजूद न तो सड़कों के गड्ढे भरे गए और न ही ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा गया। जिस ट्रैक्टर-ट्राली से कुचलकर कृष्णा की मौत हुई उसके चालक मोहम्मद खालिद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह मूल रूप से खरदौनी गांव का रहने वाला है।
कानपुर में हादसे के बाद सरकार ने ट्रैक्टर-ट्राली और अन्य मालवाहक वाहनों पर सवारी ढोने पर प्रतिबंध लगा दिया था। ओवरलोड वाहन पहले ही प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली दौड़ रहे है। जिस ट्रैक्टर-ट्राली से कृष्णा की मौत हुई वह भी ओवरलोड था। अगर पुलिस पहले ही ऐसे वाहनों पर शिकंजा कसती तो कृष्णा की जान न जाती।
खानापूरी: ट्रैफिक पुलिस ने लगाए रिफ्लेक्टर
मेरठ। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार शाम को ट्रैक्टर-ट्राली, बैलगाड़ी और रिक्शा व अन्य वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाए। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को भी जागरूक किया। एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि रात्रि के समय वाहनों के पीछे लाइट ना होने के कारण अधिक हादसे होते है। अब सर्दी का मौसम आ रहा है, ऐसे में कोहरा पड़ने के कारण बिना लाइट के वाहन दिखाई नहीं देते है। उन्होंने कहा कि रिफ्लेक्टर लगाने का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। संवाद
सड़कों में मौत के गड्ढे... सो रहे जिम्मेदार
खुद ही बरतें सावधानी, सरकारी महकमों को नहीं परवाह
माई सिटी रिपोर्टर
शहर की सड़कों के गड्ढे जान ले रहे हैं और संबंधित महकमों के जिम्मेदार सो रहे हैं। साकेत जैसी पॉश कॉलोनी में भी सड़कों का बुरा हाल है। धनवंतरी अस्पताल के ठीक सामने कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कमिश्नर आवास से जेलचुंगी के बीच ऊर्जा भवन के सामने सड़क में गहरा गड्ढा है। इस मार्ग पर हल्के व भारी वाहन तेज गति से गुजरते हैं। ऊर्जा भवन के निकट मिले सतीश चंद शर्मा ने बताया कि गड्ढे को बचाने के चक्कर में कई बार बड़ा हादसा होने से बचा है। विक्टोरिया गार्डन कालोनी और जेल चुंगी चौराहे के पास भी यही हाल है। यहां रहने वाले अशोक शाक्य कहते हैं कि अब तो सड़क पर दोपहिया वाहन लेकर चलते समय डर लगता है।

दर्द समझो सरकार
सड़कों के गड्ढों में गिरकर जिसके परिवार के सदस्य की जान चली गई उसका दर्द भी तो समझिए सरकार। शिब्बू खान
कहां चला जाता है पैसा
शहर में कोई सड़क ऐसी नहीं जिसमें गड्ढे न हों। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए आया पैसा कहां खर्च होता है। नेहा अग्रवाल
हादसे की जिम्मेदारी तय हो
अगर सड़क के गड्ढे की वजह से किसी की मौत होती है तो संबंधित विभाग के अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। सोनू शर्मा,
शास्त्रीनगर कुटी चौराहा से एल ब्लॉक तिराहा तकभरे गड्ढे
इसी मार्ग पर 10 अक्तूबर को गड्ढे में स्कूटी गिरने से हुई थी कृष्णा की मृत्यु
फोटो समाचार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर में कुटी चौराहे से ए ब्लॉक तिराहे तक नगर निगम ने सड़क के गड्ढे भर दिए हैं। इसी मार्ग पर पीवीएस मॉल के पास स्कूटी का पहिया गड्ढे में गिरने के बाद ट्रैक्टर-ट्राली से कुचलकर कृष्णा मेहता की मृत्यु हुई थी। वहीं इस संबंध में नगर निगम निर्माण विभाग के सहायक अभियंता टीएन वर्मा का कहना है कि अन्य सड़कों के गड्ढे भी जल्द ही भरे जाएंगे। दूसरी तरफ महानगर की 188 सड़कों के टेंडर लेने से ठेकेदारों ने हाथ खड़े किए तो नगरायुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा ने इनके साथ बैठक की। नगरायुक्त ने अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और जेई को निर्देश दिए कि वह ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों निर्माण कार्यों की जांच कर रिपोर्ट दें। ताकि दीपावली से पहले सभी का भुगतान किया जा सके।
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