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टीबी ठीक होने तक दवा का नियमित सेवन करें : सांसद
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टीबी ठीक होने तक दवा का नियमित सेवन करें : सांसद
- मेडिकल कालेज के क्षय रोग विभाग में 10 क्षय रोगियों को पोषाहार दिया
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के क्षय रोग विभाग में 10 क्षय रोगियों को पोषाहार दिया गया। इस मौके पर सांसद ने कहा कि समय से दवा का सेवन करते रहें। नियमित रूप से दवा खाने और साथ में पोषाहार का सेवन करने से टीबी की बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाएगी। सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) डॉ. जेपी शर्मा ने क्षय रोगियों और उनके साथ आए परिजनों को बताया कि क्षय रोग मुख्यतः फेफड़ों में होता है, हालांकि यह शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। फेफड़ों की टीबी एक संक्रामक रोग है, यानी रोगी के संपर्क में आने पर दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है।
फेफड़ों की टीबी रोगी के खांसने व छींकने, रोगी के खुले स्थान पर थूकने, रोगी के रुमाल, चादर व तौलिए का प्रयोग करने से फैलता है। रोगी और उनके परिजन किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है बस समय पर उपचार शुरू अति आवश्यक है। नियमित रूप से दवा खाने से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट के हेड डा. संजीव मित्तल, नेहा सक्सेना, अंजू गुप्ता, रेनू तोमर, अमीर्तुरहीम, राजू, गुरूदेव और अजय सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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- मेडिकल कालेज के क्षय रोग विभाग में 10 क्षय रोगियों को पोषाहार दिया
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के क्षय रोग विभाग में 10 क्षय रोगियों को पोषाहार दिया गया। इस मौके पर सांसद ने कहा कि समय से दवा का सेवन करते रहें। नियमित रूप से दवा खाने और साथ में पोषाहार का सेवन करने से टीबी की बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाएगी। सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) डॉ. जेपी शर्मा ने क्षय रोगियों और उनके साथ आए परिजनों को बताया कि क्षय रोग मुख्यतः फेफड़ों में होता है, हालांकि यह शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है। फेफड़ों की टीबी एक संक्रामक रोग है, यानी रोगी के संपर्क में आने पर दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है।
फेफड़ों की टीबी रोगी के खांसने व छींकने, रोगी के खुले स्थान पर थूकने, रोगी के रुमाल, चादर व तौलिए का प्रयोग करने से फैलता है। रोगी और उनके परिजन किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है बस समय पर उपचार शुरू अति आवश्यक है। नियमित रूप से दवा खाने से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट के हेड डा. संजीव मित्तल, नेहा सक्सेना, अंजू गुप्ता, रेनू तोमर, अमीर्तुरहीम, राजू, गुरूदेव और अजय सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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