पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी: मेरठ के बिसौला में चलती मिली तमंचा फैक्ट्री, छह के खिलाफ कार्रवाई
मेरठ के इंचौली में पुलिस ने तमंचा बनाने की फैक्ट्री का खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि हथियार बनाने वाले गैंग का सरगना सुल्तान है। वह 2004 में भी हथियार की फैक्ट्री चलाता पकड़ा गया था।
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मेरठ के इंचौली पुलिस ने तमंचा बनाने की फैक्ट्री का खुलासा कर दिया। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि एक आरोपी फरार चल रहा है। आरोपियों से भारी तादात में असलहा बरामद किया गया है।
सोमवार को इंचौली थाने पर आयोजित प्रेस वार्ता में सीओ सदर देहात पूनम सिरोही ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को बिसौला गांव में अवैध तमंचा बनाए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने बिसौला निवासी पिंकल पुत्र धनीराम के ट्यूबवैल पर छापेमारी की। मौके से दो आरोपियों को तमंचे बनाते रंगेहाथों पकड़ा गया। इनकी निशानदेही पर रात के समय तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिसमें नेड़ु गांव निवासी सुल्तान पुत्र मनीराम, बिसौला निवासी पिंकल पुत्र धनीराम, मौजीराम पुत्र रामलाल, खिमावती निवासी रिंकु पुत्र पप्पू जौगी व मोहित उर्फ कालू पुत्र अतेश त्यागी शामिल हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि तमंचा व अन्य बंदूकें बनाने के लिए दिल्ली से कच्चा माल लाते थे। इसके बाद बिसौला स्थित ट्यूबवैल पर मशीन व अन्य उपकरणों की मदद से तमंचा व बंदूक बनाई जाती थीं। बनने के बाद इसे आसपास के क्षेत्र में सप्लाई किया जाता था।
पहले भी जेल जा चुका है सुल्तान
पुलिस ने बताया कि हथियार बनाने वाले गैंग का सरगना सुल्तान है। वह 2004 में भी हथियार की फैक्ट्री चलाता पकड़ा गया था। फलावदा थाने से जेल भेजा गया था। फिलहाल वह ग्रुप को लीड कर रहा था। सुल्तान, पिंकल व मौजीराम कच्चा माल इकट्ठा करने व तमंचा बनाने में अहम भूमिका निभाते थे। रिंकु व मोहित सप्लाई करने व डिमांड का काम देखते थे। पिंकल के खिलाफ पूर्व में भी इंचौली थाने में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मौजीराम के खिलाफ मोदीनगर थाने व इंचौली थाने में मुकदमा दर्ज है।
4000 में तमंचा व आठ हजार में बड़ी बंदूक
आरोपियों से भारी तादात में बना व अधबना असलहा बरामद किया गया है। साथ ही इसे बनाने के उपकरण मिले हैं। इसमें विभिन्न प्रकार के 13 बने व 10 से ज्यादा अधबने तमंचे शामिल हैं। छोटे तमंचे को लगभग 4000 व बड़ी बंदूक को लगभग 8000 रुपए में बेचा जाता था।
तमंचा बनाने की फैक्ट्री का आगामी विधानसभा चुनाव से संबंध के बारे में सीओ सदर देहात ने बताया कि शुरुआती जांच में फैक्ट्री का चुनाव से कोई संबंध नहीं मिला है। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मामले में फरार आरोपी मोनू पुत्र मंगते को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।