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तालाबों की सुधरेगी स्थिति, कमेटी सौंपेगी सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:43 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रदेश में तालाबों की स्थिति सुधारने के लिए गए ‘द उत्तर प्रदेश पांड डेवलेपमेंट, प्रोटेक्शन एंड कन्जर्वेशन अथॉरिटी बिल-2017 को लेकर आयोजित की गई गोष्ठी में इस पर काफी देर तक परिचर्चा की गई। नीर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि उप्र सरकार को कमेटी के सुझाव सौंपे जाएंगे।
कमिश्नरी स्थित निर्मल हिंडन कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार एक अथॉरिटी बनाने पर विचार कर रही है, जिससे कि तालाबों को पुनर्जीवित किया जा सके। कहा कि बिल के ड्राफ्ट के संबंध में जो सुझाव आए हैं, वे सभी की सहमति से प्रस्तुत हुए हैं। ऐसे में आवश्यक है कि इन सभी सुझावों को भी ड्राफ्ट में शामिल किया जाए। कहा कि अगले दो दिनों में अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत कर दें जिससे सभी सुझावों को एकत्र करके एक संपूर्ण ड्राफ्ट सरकार को सौंपा जा सके। उन्होंने कहा कि तालाबों के संरक्षण हेतु उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसी वजह से विधानसभा चुनाव से पहले तालाब विकास प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में शामिल किया था।
परिचर्चा में सिंचाई विभाग ड्रेनेज विभाग के अधीक्षण अभियंता एचएन सिंह ने राज्य व जनपद स्तर पर बनाई जाने वाली कमेटियों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही कमेटी में विशेषज्ञों को दूसरी बार भी नियुक्त करने पर अपनी सहमति दी। रिसर्च एंड रिलीफ सोसाइटी के अध्यक्ष नवीन प्रधान ने अपने सुझाव में कहा कि नगर-निगम, प्राधिकरण, कस्बों, शहरों व जंगल के अंदर आने वाले तालाबों को ड्राफ्ट में बाहर रखने का प्रस्ताव है। साथ ही 0.5 हेक्टेयर से छोटे तालाबों को भी ड्राफ्ट से बाहर रखने का प्रस्ताव है। ये दोनों सुझाव ठीक नहीं हैं। इनको बदलने की आवश्यकता है। सेव इंडिया जन फाउंडेशन के समन्वयक राजेश शर्मा ने जनपद स्तर की कमेटी में डीएम के स्थान पर ऐसे अधिकारी को कमान देने की बात कही जोकि उसके लिए ठीक प्रकार से समय दे सके।
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नीर फाउंडेशन के निदेशक रमन कांत ने परिचर्चा में बताया कि यह ड्राफ्ट की नींव विधानसभा चुनाव से पहले पड़ गई थी। तालाबों के सुधार हेतु हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस ड्राफ्ट के माध्यम से हम अपने तालाबों को बचाने में अवश्य सफल होंगे। प्रयास होगा कि परिचर्चा के सार को 11-12 अगस्त को मेरठ में ही मुख्यमंत्री व संबंधित मंत्रियों को सौंपा जा सके। बैठक में जल विशेषज्ञ मुकेश त्यागी, हापुड़ कर्मवीर सिंह, मेरठ के किसान कुलदीप सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल सिंह, किसान अरुण कुमार, मिर्जापुर गांव के प्रधान सचिन कुमार, राजीव त्यागी, इंद्रपाल सिंह, हिंडन मित्र शुभम कौशिक, प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिला अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, तनवीर अहमद आदि मौजूद रहे।
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कमिश्नरी स्थित निर्मल हिंडन कार्यालय में आयोजित गोष्ठी में सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार एक अथॉरिटी बनाने पर विचार कर रही है, जिससे कि तालाबों को पुनर्जीवित किया जा सके। कहा कि बिल के ड्राफ्ट के संबंध में जो सुझाव आए हैं, वे सभी की सहमति से प्रस्तुत हुए हैं। ऐसे में आवश्यक है कि इन सभी सुझावों को भी ड्राफ्ट में शामिल किया जाए। कहा कि अगले दो दिनों में अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत कर दें जिससे सभी सुझावों को एकत्र करके एक संपूर्ण ड्राफ्ट सरकार को सौंपा जा सके। उन्होंने कहा कि तालाबों के संरक्षण हेतु उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसी वजह से विधानसभा चुनाव से पहले तालाब विकास प्राधिकरण के गठन के प्रस्ताव को पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में शामिल किया था।
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परिचर्चा में सिंचाई विभाग ड्रेनेज विभाग के अधीक्षण अभियंता एचएन सिंह ने राज्य व जनपद स्तर पर बनाई जाने वाली कमेटियों में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही कमेटी में विशेषज्ञों को दूसरी बार भी नियुक्त करने पर अपनी सहमति दी। रिसर्च एंड रिलीफ सोसाइटी के अध्यक्ष नवीन प्रधान ने अपने सुझाव में कहा कि नगर-निगम, प्राधिकरण, कस्बों, शहरों व जंगल के अंदर आने वाले तालाबों को ड्राफ्ट में बाहर रखने का प्रस्ताव है। साथ ही 0.5 हेक्टेयर से छोटे तालाबों को भी ड्राफ्ट से बाहर रखने का प्रस्ताव है। ये दोनों सुझाव ठीक नहीं हैं। इनको बदलने की आवश्यकता है। सेव इंडिया जन फाउंडेशन के समन्वयक राजेश शर्मा ने जनपद स्तर की कमेटी में डीएम के स्थान पर ऐसे अधिकारी को कमान देने की बात कही जोकि उसके लिए ठीक प्रकार से समय दे सके।
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नीर फाउंडेशन के निदेशक रमन कांत ने परिचर्चा में बताया कि यह ड्राफ्ट की नींव विधानसभा चुनाव से पहले पड़ गई थी। तालाबों के सुधार हेतु हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस ड्राफ्ट के माध्यम से हम अपने तालाबों को बचाने में अवश्य सफल होंगे। प्रयास होगा कि परिचर्चा के सार को 11-12 अगस्त को मेरठ में ही मुख्यमंत्री व संबंधित मंत्रियों को सौंपा जा सके। बैठक में जल विशेषज्ञ मुकेश त्यागी, हापुड़ कर्मवीर सिंह, मेरठ के किसान कुलदीप सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल सिंह, किसान अरुण कुमार, मिर्जापुर गांव के प्रधान सचिन कुमार, राजीव त्यागी, इंद्रपाल सिंह, हिंडन मित्र शुभम कौशिक, प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिला अध्यक्ष उपेंद्र सिंह, तनवीर अहमद आदि मौजूद रहे।