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किसान का सांकेतिक धरना

Sat, 10 Aug 2019 02:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2019 02:24 AM IST
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symbolic dharana of kisan sangh
भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता एसडीएम को ज्ञापन देने से पहले तहसील में धरना देते हुए। - फोटो : MAWANA
मवाना। भारतीय किसान संघ मेरठ प्रांत ने तहसील में सांकेतिक धरना देकर किसान की समस्याओं के संबंध में 9 सूत्रीय ज्ञापन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नाम उपजिलाधिकारी को सौंपा।
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संघ के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तहसील परिसर में सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नाम दिए ज्ञापन में कहा कि एचटीबीटी कपास, बीटी बैंगन, सोयाबीन, अरंडी व जीएम तोरई, टमाटर, लोकी, धान, सरसों आदि के लिए मीडिया से लेकर प्रशासन तक, किसान संगठनों से लेकर संसद भवन तक हंगामा हो रहा है। यह हंगामा पहली बार नहीं है। कंपनियां बीजों के दाम में बढ़ोतरी कर किसानों का शोषण कर रही हैं। जिस कारण खेती घाटे का सौदा बन गई है। अस्थिरता के साथ किसान खेती छोड़ने या अति गरीबी वाली जिदंगी जीने को मजबूर हैं। हालांकि इन सब बीजों का मालिक किसान है।
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संघ कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जो कंपनी ऐसी हरकतें करती हैं उनको प्रतिबंधित कर काली सूची में डाला जाए। सरकारी संस्था जीईएसी इन सभी गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली है, वह चुप क्यों बैठी है। इसको भंग किया जाए। कपास में प्रयोग होने वाले खरपतवार नाशक ग्लाइफोसेट हम सबको मुफ्त कैंसर आदि भयानक रोग देने वाली है। इसे पूर्णत: प्रतिबंध किया जाए। बीज बनाना, भंडारण करना, वितरण, क्रय-विक्रय, किसानों के अधिकार में ही रहे। ऐसा कानून का आधार हो आदि नौ सूत्रीय मांग की गई है। यहां जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी, खंड प्रभारी मांगेराम, जयकुमार त्यागी, शिवनंदन त्यागी आदि काफी संख्या में थे।
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