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देहात से ज्यादा शहर में कर रहा हमला

Mon, 02 Sep 2019 02:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 02 Sep 2019 02:12 AM IST
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swine flu dengorus in city
डेंगू मच्छर।
स्वाइन फ्लू का कहर, देहात से ज्यादा चपेट में शहर
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मेरठ। जिले में स्वाइन फ्लू का प्रहार जारी है। स्वाइन फ्लू का प्रकोप देहात से ज्यादा शहरी क्षेत्र में है। करीब तीन साल के दौरान मिले 800 मरीजों पर की गई स्टडी में यह खुलासा हुआ है। इनमें करीब 82 प्रतिशत शहरी क्षेत्र के हैं और 18 प्रतिशत देहात क्षेत्र के। शहरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा हमला दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में है।
सबसे ज्यादा खतरा हाइरिस्क जोन वालों को है। हाई रिस्क जोन में वृद्ध, बीमार, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग आते हैं। इस दौरान स्वाइन फ्लू से पीड़ित 26 लोगों की मौत हुई है, ये सभी हाई रिस्क जोन वाले थे। मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के 599 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें से 391 मरीज मेरठ के हैं। इनमें 5 लोगों की मौत हुई है। साल 2018 में 24 मरीज मिले थे। इससे पहले साल 2017 में स्वाइन फ्लू के मेरठ में 395 मरीज मिले थे, जिनमें 21 लोगों की मौत हो गई थी। 2017 से लेकर अगस्त 2019 तक स्वाइन फ्लू के मेरठ में 810 मरीज मिले हैं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा अवलोकन (ओवरव्यू) रिपोर्ट 800 मरीजों का है।
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यह है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू इन्फलुएंजा टाइप-ए वायरस से फैलने वाली बीमारी है, जो मूलत: शूकरों से मनुष्य जाति में फैलती थी, लेकिन अब मनुष्य से मनुष्य में फैल रही है। सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द, रक्तचाप में गिरावट, थूक और बलगम में खून और नाखून नीले पड़ने लगें तो तुरंत स्वाइन फ्लू की जांच कराएं। ऐसी स्थिति में तुरंत स्वाइन फ्लू की दवाई ऑसल्टामिविर की आवश्यकता है।
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वर्जन...
शिष्टाचर से रोकें स्वाइन फ्लू
स्टडी में पता चला है कि 46 मरीजों को एक-दूसरे से स्वाइन फ्लू फैला था। काफी मरीज ऐसे थे, जो बाहर घूमकर आए थे और इसके बाद उन्हें स्वाइन फ्लू हुआ। साफ-सफाई का ध्यान रखने और खांसने-छींकने और थूकने के शिष्टाचार पर लोग अमल करें तो काफी हद तक इसे रोका जा सकता है। -डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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