यूपी: रिश्वत मांगने पर बड़े बाबू सस्पेंड, एसई ने कई कर्मचारियों को दी हिदायत
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यूपी के बागपत में रिश्वत मांगने और ठेकेदार का लाखों रुपये का भुगतान बिना वजह रोकने की शिकायत पर जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद एसई ने अधिशासी अभियंता द्वितीय की संस्तुति पर एक्सईएन द्वितीय कार्यालय पर तैनात बडे़ बाबू को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया, जबकि एक अन्य कर्मचारी का कार्यालय से स्थानांतरण किया। एसई ने अन्य कर्मचारियों को हिदायत दी है कि यदि रिश्वतखोरी की शिकायत मिलेगी तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बड़ौत के बावली गांव निवासी विकास विद्युत निगम में ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले एसई रामबीर सिंह को एक्सईएन द्वितीय कार्यालय में तैनात बडे़ बाबू अरुण पर बिना वजह किए गए कार्यों का लगभग 2.41 लाख रुपये का भुगतान रोकने व भुगतान देने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत की। एसई ने प्रकरण को गंभीरता से लेकर इसकी जांच अधिशासी अभियंता द्वितीय यादवेंद्र को सौंपी। जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इस पर अधिशासी अभियंता ने बडे़ बाबू अरुण के खिलाफ सस्पेंड करने की कार्रवाई की संस्तुति एसई को भेजी।
इस पर एसई रामबीर सिंह ने बडे़ बाबू अरुण को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा कार्यालय में लेखाधिकारी के खिलाफ आई शिकायतों को देखते हुए एसई ने उन्हें फटकार लगाते हुए उनका स्थानांतरण खेकड़ा कर दिया है। बडे़ बाबू अरुण ने आरोपों को निराधार बताया।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता द्वितीय यादवेंद्र ने कहा ठेकेदार विकास ने बडे़ बाबू अरुण पर रिश्वतखोरी और भुगतान रोकने का आरोप लगाया। इससे पूर्व उन्होंने भी स्वयं कई बार बडे़ बाबू को किसी ठेकेदार का बिना वजह भुगतान न रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन बडे़ बाबू अरुण अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। जांच में उन पर लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए। इस पर बड़े बाबू को सस्पेंड करने की संस्तुति की थी। उधर एसई रामबीर सिंह का कहना था कि यदि किसी कर्मचारी की इस तरह की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ भी इसी प्रकार की कार्रवाई होगी।
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