{"_id":"5e163bd38ebc3e87ee3bc3f8","slug":"surya-narayan-hawan-for-son-meerut-news-mrt4628183197","type":"story","status":"publish","title_hn":"संतान प्राप्ति के लिए हुआ सूर्य नारायण यज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संतान प्राप्ति के लिए हुआ सूर्य नारायण यज्ञ
विज्ञापन
मेरठ----सुरजकुँड स्थित बाबा मनोहर नाथ मंदिर मे यज्ञ करते लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ।
सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहर नाथ मंदिर प्रांगण में बुधवार को 31 कुंडीय सूर्य नारायण महायज्ञ का आयोजन महामंडलेश्वर गुरु मां निलिमानंद महाराज के सानिध्य में हुआ। यज्ञ के तीसरे दिन संतान प्राप्ति और उसकी लंबी उम्र हेतु औषधियों से यज्ञ में आहुतियां दी गई। यज्ञशाला में बनाए गए 31 कुंडों में आचार्य, पुरोहितों के साथ यजमानों ने आहुतियां दी।
भगवान सूर्य नारायण की आरती के साथ यज्ञ पूजा आरंभ की गई। मंदिर प्रांगण में मिट्टी की विशाल यज्ञशाला का निर्माण किया गया है। इसमें लगभग 31 आचार्यों और पुरोहितों ने विधिविधान से यज्ञ कार्य संपूर्ण कराया। यज्ञ में संतान की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए 17 जायफल की आहुति दी गई। निलिमानंद महाराज एवं ज्योतिष आचार्य पंडित अमित कुमार शांडिल्य ने यज्ञ में जायफल के महत्व पर प्रकाश डाला। ज्योतिष आचार्य पंडित अमित कुमार शांडिल्य ने कहा कि यज्ञ में शामिल होने से मनुष्य को मानसिक शांति की अनुभूति होती है। बृहस्पतिवार को नेत्र ज्योति वृद्धि के लिए पीली सरसों की आहुति दी जाएगी।
इस मौके पर आचार्य कृष्णकांत शास्त्री, पंडित अवधेश शास्त्री, पंडित गौरव शास्त्री, पंडित अखिलेश शास्त्री, यज्ञ आचार्य घनश्याम शास्त्री, पंडित दीपक शांडिल्य, पंडित देवेंद्र शास्त्री, पंडित पवन शास्त्री, पंडित अभिषेक आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहर नाथ मंदिर प्रांगण में बुधवार को 31 कुंडीय सूर्य नारायण महायज्ञ का आयोजन महामंडलेश्वर गुरु मां निलिमानंद महाराज के सानिध्य में हुआ। यज्ञ के तीसरे दिन संतान प्राप्ति और उसकी लंबी उम्र हेतु औषधियों से यज्ञ में आहुतियां दी गई। यज्ञशाला में बनाए गए 31 कुंडों में आचार्य, पुरोहितों के साथ यजमानों ने आहुतियां दी।
भगवान सूर्य नारायण की आरती के साथ यज्ञ पूजा आरंभ की गई। मंदिर प्रांगण में मिट्टी की विशाल यज्ञशाला का निर्माण किया गया है। इसमें लगभग 31 आचार्यों और पुरोहितों ने विधिविधान से यज्ञ कार्य संपूर्ण कराया। यज्ञ में संतान की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए 17 जायफल की आहुति दी गई। निलिमानंद महाराज एवं ज्योतिष आचार्य पंडित अमित कुमार शांडिल्य ने यज्ञ में जायफल के महत्व पर प्रकाश डाला। ज्योतिष आचार्य पंडित अमित कुमार शांडिल्य ने कहा कि यज्ञ में शामिल होने से मनुष्य को मानसिक शांति की अनुभूति होती है। बृहस्पतिवार को नेत्र ज्योति वृद्धि के लिए पीली सरसों की आहुति दी जाएगी।
विज्ञापन
इस मौके पर आचार्य कृष्णकांत शास्त्री, पंडित अवधेश शास्त्री, पंडित गौरव शास्त्री, पंडित अखिलेश शास्त्री, यज्ञ आचार्य घनश्याम शास्त्री, पंडित दीपक शांडिल्य, पंडित देवेंद्र शास्त्री, पंडित पवन शास्त्री, पंडित अभिषेक आदि रहे।
विज्ञापन