{"_id":"60aab7528ebc3e7fd658f1a6","slug":"survey-done-of-32-km-now-suitden-will-be-built-on-10-meters-on-delhi-meerut-expressway","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : 32 किमी का हुआ सर्वे, अब 10-10 मीटर पर बनेंगे सूटडेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : 32 किमी का हुआ सर्वे, अब 10-10 मीटर पर बनेंगे सूटडेन
Mon, 24 May 2021 01:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 24 May 2021 01:43 AM IST
सार
- बारिश के बाद मिट्टी कटान और सड़क धंसने के कारण लिया फैसला
- सबसे अधिक कटान और पानी का भराव परतापुर इंटरचेंज से दिल्ली की ओर चलने पर तीन किमी तक हुआ है
विज्ञापन
मरम्मत का काम शुरू...
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पहली बारिश में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुए मिट्टी कटान ने जीआर इंफ्रा और एनएचएआई अधिकारियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस स्थिति के कारण 32 किमी के एक्सप्रेसवे का सर्वे कराया गया है। जहां-जहां अधिक पानी जमा हुआ और मिट्टी कटान है, उस स्थान को चिह्नित किया गया है। सबसे अधिक मिट्टी कटान और पानी भराव परतापुर इंटरचेंज से दिल्ली की ओर चलने पर तीन किमी तक हुआ है। यहां सूटडेन को 20 मीटर की दूरी से हटाकर दस-दस मीटर की दूरी पर बनाया जाएगा ताकि जुलाई-अगस्त में होने वाली बारिश में दिक्कत का सामना न करना पड़े।
विज्ञापन
अमर उजाला लगातार एक्सप्रेसवे पर सामने आ रही खामियों को लेकर लगातार चेता रहा है। डासना से परतापुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रसेवे होने के कारण दोनों तरफ खेत हैं। बारिश के कारण सबसे अधिक परेशानी इसी चरण में आएगी। खेत और दलदली मिट्टी होने से यहां खिसकने का डर ज्यादा है। अगर सूटडेन सही तरीके से नहीं बनाए गए तो मानसून में वाहन चालकों को दिक्कत हो सकती है। इसलिए इंजीनियरों की टीम ने सर्वे कर सूटडेन की दूरी कम करने का फैसला लिया है। वहीं, हाइवे पेट्रोलिंग कार को भी अलर्ट पर कर दिया है। रोजाना कार को 300 किमी का चक्कर लगाना होता है। अगर किसी वाहन चालकों को कोई दिक्कत होती है तो तुरंत उस स्थान पर पहुंचकर सहायता पहुंचाई जा रही है।
विज्ञापन
अतिरिक्त बनाए गए सूटडेन और क्रेश बैरियर
जीआर इंफ्रा के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज बैरवा का कहना है कि पहले ही अतिरिक्त सूटडेन तैयार कर लिए गए थे। जिससे पहली बारिश में पता चल सके कि कहां-कहां एक्सप्रेसवे पर पानी भरा होता है। अब इन्हीं सूटडेन को लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा क्रेश बैरियर भी अतिरिक्त हैं। कई स्थानों पर वाहनों की दुर्घटना होने के कारण क्रैश बैरियर भी क्षतिग्रस्त हुए।
विज्ञापन
स्कॉर्पियो गड्ढे में फंसी, बाल बाल बचे लोग
रविवार दोपहर दिल्ली की ओर से आ रही स्कार्पियो कार मिट्टी कटान से हुए गड्ढे में जा फंसी। इसमें बैठे लोग बाल-बाल बच गए। सोलाना अंडरपास के पास दिल्ली की ओर से मेरठ आ रही स्कार्पियो गड्ढे में फंस गई। अगर क्रैश बेरियर न होता तो कार पलटी खाकर 18 मीटर नीचे चली जाती। कार सवार नितिन ने बताया कि वह गाजियाबाद में भर्ती दोस्त को ब्लड देकर आ रहा था । कार में नितिन के तीन और दोस्त थे। वहीं, सर्विस रोड पर मिट्टी आने से कीचड हो गया है। खेतों में भी पानी भर गया। रविवार को कई किसान सपा नेता पवन गुर्जर को लेकर खेतों में पहुंचे और स्थिति दिखाई। किसानों ने मानसून आने से पहले पक्की सड़क बनाने की मांग की है।