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राशन दुकानों के निलंबन में घिरा आपूर्ति विभाग
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मेरठ। देहात क्षेत्र की 63 राशन दुकानों के निलंबन में आपूर्ति विभाग पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा है। कोटेदारों ने एसडीएम को इस संबंध में दिए पत्र में कहा है कि जांच शुरू होने से आरोप साबित होने तक कोटेदारों को शामिल ही नहीं किया गया। मामले में सीधे रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
ग्राम मोहिउद्दीनपुर में राज प्रसाद को 28 अप्रैल, 2018 को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित हुई थी। दुकान पहले चरनो देवी के नाम थी, जिन्होंने दुकान छोड़ दी था। वहीं पास के ग्राम बहादरपुर में श्रीपाल की भी दुकान है। आपूर्ति विभाग दोनों दुकानों को राज प्रसाद की दुकान की पुरानी मालिक चरनो देवी के नाम पर चालान बनाकर 159.15 क्विंटल गेहूं उपलब्ध कराता रहा। राज प्रसाद के हिस्से में 114.48 क्विंटल गेहूं आया, जबकि श्रीपाल को उसी चालान से 49.67 क्विंटल गेहूं मिला। 8 मई, 2018 को राज प्रसाद ने अपना पहला राशन बांटा। अब आपूर्ति विभाग ने 63 दुकानों के खिलाफ वितरण में गड़बड़ी पर एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें राजप्रसाद का भी नाम तो है जबकि श्रीपाल का नहीं।
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रजिस्टर में हर माह का विवरण दर्ज
राज प्रसाद का कहना है कि उनके स्टॉक रजिस्टर में हर माह का विवरण है। पर्यवेक्षक की मौजूदगी में राशन बांटा गया। जितने राशन कार्ड दुकान से जुड़े थे, उन सभी को राशन बांटा है। कटी हुई यूनिट का राशन भी बांट दिया गया लेकिन जब उनके पास कटी यूनिट का विवरण ही नहीं था तो वह राशन कार्ड लाने वाले व्यक्ति को राशन देने से कैसे मना कर सकते थे? अगस्त 2018 में मशीन से राशन बांटना शुरू हुआ था।
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--कोट---
सभी से मांगा है जवाब
फूड सेल की जांच के बाद सभी 63 कोटेदारों पर एफआईआर दर्ज हुई हैं। सभी से जवाब मांगा गया है, जिसमें कोटेदार भ्रम पैदा कर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
- नीरज सिंह, डीएसओ
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ग्राम मोहिउद्दीनपुर में राज प्रसाद को 28 अप्रैल, 2018 को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित हुई थी। दुकान पहले चरनो देवी के नाम थी, जिन्होंने दुकान छोड़ दी था। वहीं पास के ग्राम बहादरपुर में श्रीपाल की भी दुकान है। आपूर्ति विभाग दोनों दुकानों को राज प्रसाद की दुकान की पुरानी मालिक चरनो देवी के नाम पर चालान बनाकर 159.15 क्विंटल गेहूं उपलब्ध कराता रहा। राज प्रसाद के हिस्से में 114.48 क्विंटल गेहूं आया, जबकि श्रीपाल को उसी चालान से 49.67 क्विंटल गेहूं मिला। 8 मई, 2018 को राज प्रसाद ने अपना पहला राशन बांटा। अब आपूर्ति विभाग ने 63 दुकानों के खिलाफ वितरण में गड़बड़ी पर एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें राजप्रसाद का भी नाम तो है जबकि श्रीपाल का नहीं।
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रजिस्टर में हर माह का विवरण दर्ज
राज प्रसाद का कहना है कि उनके स्टॉक रजिस्टर में हर माह का विवरण है। पर्यवेक्षक की मौजूदगी में राशन बांटा गया। जितने राशन कार्ड दुकान से जुड़े थे, उन सभी को राशन बांटा है। कटी हुई यूनिट का राशन भी बांट दिया गया लेकिन जब उनके पास कटी यूनिट का विवरण ही नहीं था तो वह राशन कार्ड लाने वाले व्यक्ति को राशन देने से कैसे मना कर सकते थे? अगस्त 2018 में मशीन से राशन बांटना शुरू हुआ था।
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सभी से मांगा है जवाब
फूड सेल की जांच के बाद सभी 63 कोटेदारों पर एफआईआर दर्ज हुई हैं। सभी से जवाब मांगा गया है, जिसमें कोटेदार भ्रम पैदा कर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
- नीरज सिंह, डीएसओ