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Meerut News: 25 लाख में सुनीता बनी थीं महापौर, अब 40 लाख तक कर सकते हैं खर्च

Wed, 12 Apr 2023 02:43 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Apr 2023 02:43 AM IST
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Sunita was made mayor in 25 lakhs, now can spend up to 40 lakhs
मेरठ। शहर में हरिकांत अहलूवालिया 20 लाख और सुनीता वर्मा 25 लाख रुपये खर्च करके महापौर बन गए थे जबकि इस बार निर्वाचन आयोग ने महापौर के लिए चुनाव में 40 लाख रुपये तक खर्च करने की सीमा तय की है।
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आचार संहिता लगते ही निकाय चुनाव में महापौर, वार्ड पार्षद, नगर पालिका और नगर पंचायत के प्रत्याशी बनने की राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ गली-मोहल्लों में भी उठा-पटक शुरू हो गई है। वर्ष 2012 में 20 लाख खर्च करके हरिकांत अहलूवालिया और 2017 में 25 लाख रुपये खर्च कर सुनीता वर्मा महापौर बन गई थीं। निर्वाचन आयोग ने अबकी बार महापौर प्रत्याशी के लिए खर्च सीमा 30 लाख से 40 लाख रुपये और पार्षद प्रत्याशी के लिए दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी है। इसके विपरीत चुनावी माहौल बता रहा है कि प्रत्याशी करोड़ों रुपये खर्च करने की तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन ने संभावित प्रत्याशियों पर निगरानी के लिए गोपनीय टीम गठित कर दी है।
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जिले में एक महापौर, दो नगर पालिकाएं और 13 नगर पंचायतों में चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। निकाय चुनाव में खर्च करने की धनराशि जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे प्रत्याशियों की संख्या बढ़ती जा रही है। नगर पालिका, नगर पंचायत और शहर के वार्डों में संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र के साथ-साथ नगर निगम में भी दौड़ लगा रहे हैं। संभावित प्रत्याशी लाखों में तो कोई करोड़ों रुपये खर्च करने की बात कर रहे हैं। निर्वतमान महापौर सुनीता वर्मा ने सिर्फ 25 लाख रुपये निकाय चुनाव में खर्च करने का दावा किया है। वहीं, 2012 में भाजपा नेता हरिकांत अहलूवालिया ने भी सिर्फ 20 लाख रुपया खर्च कर महापौर का सेहरा बांधने की बात कही है। अबकी बार चुनाव आयोग ने महापौर के लिए 40 लाख और पार्षद के लिए तीन लाख खर्च राशि तय की है।
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राजनीतिक दलों में दावेदारों की होड़
चुनावी बिगुल बज चुका है और आचार संहिता लगे दो दिन बीत चुके है। आम आदमी पार्टी से ऋचा सिंह को महापौर प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा, सपा-रालोद ने अभी प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। जाति समीकरण को देखते प्रत्याशी बनाने के लिए राजनीतिक दलों में उठा-पटक चल रही है। महापौर के अलावा 90 पार्षदों, दो नगर पालिकाओं, 13 नगर पंचायतों में भी राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने के लिए दावेदार अपनी-अपनी ताल ठोक रहे हैं। रविवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा आचार संहिता की घोषणा के बाद गली-मोहल्लों में बैठक होने लगी है। नामाकंन से पहले ही दावेदार वोटरों को लुभाने के लिए हर पैतरा आजमाने में लगे हैं।

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जमानत राशि और नामांकन शुल्क
महापौर प्रत्याशी सामान्य श्रेणी के लिए नामांकन शुल्क 1000 और जमानत राशि 12 हजार रुपये तय की गई है। आरक्षित वर्ग के लिए नामांकन शुल्क 500 और जमानत राशि 6000 रुपये है। नगर निगम पार्षद सामान्य के लिए 400 नामांकन शुल्क और 2500 रुपये जमानत राशि रहेगी। आरक्षित वर्ग के लिए नामांकन शुल्क 200 और जमानत राशि 1250 रुपये है। नगर पालिका अध्यक्ष सामान्य श्रेणी के लिए 500 रुपये नामांकन शुल्क और 8000 रुपये जमानत राशि देनी होगी।

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इस प्रकार रहेगी राशि

पालिकाध्यक्ष आरक्षित वर्ग के लिए 250 रुपये नामांकन शुल्क और 5000 रुपये जमानत राशि रहेगी। पालिका सदस्य सामान्य श्रेणी के लिए नामांकन 200 रुपये और जमानत राशि 2000 रुपये है। आरक्षित वर्ग के लिए 100 रुपये नामांकन शुल्क और 1000 रुपये जमानत राशि देनी होगी। नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए नामांकन शुल्क 250 रुपये और जमानत राशि 5000 रुपये है जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 125 रुपये नामांकन और 2500 रुपये जमानत राशि निर्धारित की गई है। इसी तरह सदस्य पद सामान्य के लिए 100 रुपये नामांकन शुल्क और जमानत राशि 2000 रुपये है, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए 50 रुपये नामांकन और 1000 रुपये जमानत राशि देनी होगी।

प्रत्याशियों के लिए निर्धारित खर्च राशि
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 25 से 40 वार्ड वाली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के लिए नौ लाख, 41 से 55 वार्ड वाली नगर पालिका परिषद के लिए 12 लाख, सदस्य नगर पालिका परिषद के लिए दो लाख, अध्यक्ष नगर पंचायत के लिए 2.50 लाख और सदस्य नगर पंचायत के लिए 50 हजार रुपये खर्च करने की धनराशि निर्धारित की है।


पद वर्ष 2012 वर्ष 2017 वर्ष 2023

महापौर 25 लाख 30 लाख 40 लाख

पार्षद 1.5 लाख 02 लाख 03 लाख


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राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा खर्च की धनराशि बढ़ा दी है। जमानत राशि और नामांकन शुल्क निर्धारित किया है। निर्धारित धनराशि से ज्यादा खर्च करने पर प्रत्याशी पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। उनकी निगरानी के लिए टीम बनाई जाएगी।

दीपक मीणा, डीएम
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