{"_id":"69f2717b2f157fc9260227b7","slug":"summers-wrath-avoid-spicy-food-keep-your-body-hydrated-meerut-news-c-72-1-mct1005-152528-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी का सितम: मसालेदार भोजन से तौबा करें, शरीर को रखें हाइड्रेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी का सितम: मसालेदार भोजन से तौबा करें, शरीर को रखें हाइड्रेट
विज्ञापन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बीच स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण इन दिनों डिहाइड्रेशन, थकान और पाचन संबंधी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं। ऐसे में शहर की डाइटिशियन डॉ. गुंजन ने आम जनमानस को स्वस्थ रहने के लिए खान-पान की आदतों में बदलाव करने की महत्वपूर्ण सलाह दी है। उनका कहना है कि इस मौसम में सही आहार ही शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान कर सकता है।
डॉ. गुंजन के अनुसार गर्मियों में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) सबसे बड़ी चुनौती है। इससे बचने के लिए दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा शक्कर वाले सोडा के बजाय नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों के जूस को प्राथमिकता दें। तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे फल अपनी डाइट में शामिल करें। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं।
डॉ. गुंजन ने बताया कि मसालेदार, तला-भुना और अत्यधिक ऑयली खाना शरीर में आंतरिक गर्मी को बढ़ा देता है। इससे एसिडिटी, अपच और सीने में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्मियों में बाहर के खाने से परहेज करना ही सुरक्षित है। बताया कि चाय और कॉफी (कैफीन) का अधिक सेवन शरीर में पानी की कमी को और बढ़ा देता है। इसी तरह डिब्बाबंद कोल्ड ड्रिंक्स शरीर को तात्कालिक राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में यह सेहत के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं। इनके स्थान पर घर में बने सत्तू का शरबत या बेल का जूस लेना ज्यादा फायदेमंद है।
विज्ञापन
हल्का भोजन और बेहतर पाचन
डॉ. गुंजन ने बतसश्स कि गर्मी के दिनों में पाचन तंत्र थोड़ा धीमा हो जाता है ऐसे में हल्का आहार दाल, हरी सब्जियां और सलाद को प्राथमिकता दें। भोजन में दही या रायता जरूर शामिल करें, जो पाचन को बेहतर रखने के साथ शरीर को ठंडा भी रखता है। एक बार में भारी भोजन करने के बजाय दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा खाना बेहतर रहता है। इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और ऊर्जा का स्तर बना रहता है। गर्मी के मौसम में अपनी डाइट के प्रति जागरूक रहकर न केवल हम बीमारियों से बच सकते हैं बल्कि इस तपिश के बीच खुद को तरोताजा और ऊर्जावान भी बनाए रख सकते हैं।
विशेष टिप्स
धूप में निकलने से पहले एक गिलास पानी या शरबत पीकर निकलें।
कैफीन और शराब का सेवन पूरी तरह सीमित करें।
प्राकृतिक और घर पर बने पेय पदार्थों को ही अपनाएं।
विज्ञापन
डॉ. गुंजन के अनुसार गर्मियों में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) सबसे बड़ी चुनौती है। इससे बचने के लिए दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा शक्कर वाले सोडा के बजाय नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों के जूस को प्राथमिकता दें। तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे फल अपनी डाइट में शामिल करें। इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं।
विज्ञापन
डॉ. गुंजन ने बताया कि मसालेदार, तला-भुना और अत्यधिक ऑयली खाना शरीर में आंतरिक गर्मी को बढ़ा देता है। इससे एसिडिटी, अपच और सीने में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्मियों में बाहर के खाने से परहेज करना ही सुरक्षित है। बताया कि चाय और कॉफी (कैफीन) का अधिक सेवन शरीर में पानी की कमी को और बढ़ा देता है। इसी तरह डिब्बाबंद कोल्ड ड्रिंक्स शरीर को तात्कालिक राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में यह सेहत के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं। इनके स्थान पर घर में बने सत्तू का शरबत या बेल का जूस लेना ज्यादा फायदेमंद है।
विज्ञापन
हल्का भोजन और बेहतर पाचन
डॉ. गुंजन ने बतसश्स कि गर्मी के दिनों में पाचन तंत्र थोड़ा धीमा हो जाता है ऐसे में हल्का आहार दाल, हरी सब्जियां और सलाद को प्राथमिकता दें। भोजन में दही या रायता जरूर शामिल करें, जो पाचन को बेहतर रखने के साथ शरीर को ठंडा भी रखता है। एक बार में भारी भोजन करने के बजाय दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा खाना बेहतर रहता है। इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और ऊर्जा का स्तर बना रहता है। गर्मी के मौसम में अपनी डाइट के प्रति जागरूक रहकर न केवल हम बीमारियों से बच सकते हैं बल्कि इस तपिश के बीच खुद को तरोताजा और ऊर्जावान भी बनाए रख सकते हैं।
विशेष टिप्स
धूप में निकलने से पहले एक गिलास पानी या शरबत पीकर निकलें।
कैफीन और शराब का सेवन पूरी तरह सीमित करें।
प्राकृतिक और घर पर बने पेय पदार्थों को ही अपनाएं।