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Meerut News: गर्मी की छुट्टियां खत्म, विद्यालयों में लौटी रौनक
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- लंबे अंतराल के बाद विद्यालय पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने किया विशेष स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना/सरूरपुर।। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद मंगलवार को सरधना क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में फिर से चहल-पहल लौट आई। लंबे अंतराल के बाद विद्यालय पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने विशेष स्वागत किया। कई स्कूलों में पुष्पवर्षा, तिलक और स्वागत गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों का अभिनंदन किया गया।
सरधना ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों के स्वागत की तैयारियों में जुटे रहे। छुट्टियों के बाद अपने मित्रों और शिक्षकों से मिलकर बच्चे भी काफी प्रसन्न नजर आए। प्राथमिक विद्यालय इस्लामाबाद में प्रधानाध्यापक जाकिर मलिक तथा अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किए गए कार्यों और अनुभवों के बारे में चर्चा की। प्राथमिक विद्यालय सलावा में शिक्षिका गीता सचदेवा ने बच्चों को नए सत्र के लिए प्रेरित करते हुए नियमित अध्ययन और अनुशासन का महत्व बताया।
सरूरपुर क्षेत्र के गांव जसड़ सुल्तानगर, मैनापूठी, सरूरपुर खुर्द, पांचली बुजुर्ग, भूनी, गोटका, डाहर, कक्केपुर, कस्बा हर्रा, खिवाई, करनावल में स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। विद्यालय पहुंचने पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया तथा उन्हें फूल देकर नए सत्र की शुभकामनाएं दीं।
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पहले दिन एक ही छात्रा पहुंची
मवाना। नगर के दो स्कूलों में से एक स्कूल में एक ही बच्चा पहुंचा। वहीं अन्य स्कूलों में भी बच्चों की संख्या पहले दिन काफी कम रही। पीएमश्री यूपीएस विद्यालय में 202 छात्र-छात्राओं में से मात्र कक्षा पांच की एक ही छात्रा पहुंची। प्रधानाचार्या नसीमा ने बताया कि सभी बच्चों को मैसेज किया गया था, लेकिन मात्र एक ही छात्रा आई। दो शिक्षक और एक शिक्षामित्र उपस्थित रहे। छात्रा का तिलक कर स्वागत किया गया। प्राथमिक विद्यालय नंबर 9 अशोक विहार में 30 छात्र-छात्राओं में पहले दिन एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। यहां पर एकमात्र शिक्षक नफीस अहमद हैं जो उपस्थित रहे। गांव खेड़ी मनिहार स्थित प्राथमिक विद्यालय में 70 छात्र-छात्राओं में से एक विद्यार्थी नहीं पहुंचा। प्रधानाचार्या सुहास मलिक ने बताया कि दो दिन पहले ही सभी छात्रों को सूचित कर दिया था, लेकिन कोई नहीं आया। यहां चार शिक्षक और दो शिक्षामित्र उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय सनौता में ग्रीष्मावकाश के पश्चात विद्यालय पुनः खुलने पर छात्र-छात्राओं का फूलमाला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रधानाध्यापक मुनीर अहमद ने बताया कि 109 में से 45 छात्र उपस्थित रहे। सभी पांच शिक्षक उपस्थित रहे।
तिलक-आरती से हुआ नौनिहालों का स्वागत
बहसूमा। गर्मी की छुट्टियों के बाद मंगलवार को बेसिक स्कूल खुले तो माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। पहले दिन स्कूल पहुंचे नन्हे-मुन्नों का अध्यापकों ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और फूल देकर स्वागत किया। पहले दिन बच्चों का डर भगाने और स्कूल से जोड़ने के लिए अध्यापकों की भूमिका सबसे अहम रही। माखनगर स्थित प्रधानाध्यापक रेनू सिंह ने बच्चों को तिलक लगाकर स्वागत किया। 105 पंजीकृत छात्रों में पहले दिन 60 बच्चे ही उपस्थित हुए। स्कूल में पांच अध्यापक-अध्यापिका तैनात हैं। वहीं मोहम्मदपुर शकिस्त स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव शर्मा ने बच्चों का फूल बरसाकर स्वागत किया। स्कूल में 64 पंजीकृत छात्रों में से पहले दिन 46 बच्चे ही पहुंचे। सैफपुर फिरोजपुर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक डिंपल शर्मा ने बताया कि विद्यालय में पहले दिन 74 बच्चों में से 35 छात्र ही उपस्थित हुए।
फूल देकर व मुंह मीठा कराकर किया स्वागत
परीक्षितगढ़। नगर के पीएम श्री प्राइमरी स्कूल में पहले दिन पहुंचे बच्चों का शिक्षक व शिक्षिकाओं ने अलग-अलग अंदाज में स्वागत किया। किसी ने फूल बरसाए तो किसी ने आरती व तिलक कर, गुब्बारे चॉकलेट के साथ बच्चों का स्वागत किया। विद्यालय के मुख्य द्वार को गुब्बाराें आदि से भी सजाया गया। मध्याह्न भोजन में मिष्ठान व फल खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया गया। महीने भर बाद स्कूल पहुंचे बच्चे भी खुश चेहरे के साथ नजर आए। कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका गीता रानी ने बताया स्कूल में 145 बच्चे पढ़ रहे हैं। पहले दिन 25 बच्चे स्कूल पहुंचे। इस दौरान शिक्षिका दीपिका धारीवाल, रेखा यादव, सीमा, शिक्षक वसीम अहमद मौजूद रहे।
पहले दिन स्कूलों में संख्या कम रही
फलावदा। कस्बा स्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पहले दिन बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। प्राइमरी पाठशाला में करीब 10 छात्र ही पहुंचे, जबकि दूसरे प्राथमिक विद्यालय में केवल पांच बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई। नए सत्र के पहले दिन विद्यालय में बच्चों के स्वागत के लिए मिष्ठान वितरित किया गया। शिक्षकों ने उपस्थित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय की प्रधान अध्यापक भावना ने बताया कि अभी क्षेत्र के इंटर कॉलेजों में अवकाश चल रहा है। इस कारण अधिकांश अभिभावकों ने छोटे बच्चों को भी स्कूल नहीं भेजा।
तिलक और फूलमालाओं से हुआ छात्रों का स्वागत
हस्तिनापुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद मंगलवार को परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए उत्साह के साथ शैक्षिक गतिविधियां शुरू हुईं। शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा कर और फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। प्राथमिक विद्यालय जलालपुर मकबूलपुर के प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पहले दिन कक्षा एक से पांच तक के करीब आठ छात्र विद्यालय पहुंचे। उच्च प्राथमिक विद्यालय तारापुर के प्रधानाध्यापक सतपाल सिंह ने बताया कि उनके विद्यालय में लगभग दस छात्र उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका तृप्ति ने बताया कि पहले दिन छह छात्र-छात्राएं स्कूल आए, जिनका शिक्षकों ने तिलक लगाकर स्वागत किया।
खंड शिक्षा अधिकारी कमलराज ने बताया कि नए सत्र की शुरुआत को उत्सव के रूप में मनाने का उद्देश्य बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह बढ़ाना और उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई से जोड़ना है। आने वाले दिनों में विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
तिलक लगाकर स्वागत, मीठे में मिली खीर
लावड़। विकास खंड दौराला के प्राइमरी और प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। भराला गांव स्थित प्राइमरी पाठशाला की इंचार्ज शशि कौशिक ने बताया कि स्कूल के प्रथम दिन लगभग 55 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। कई बच्चे अनुपस्थित रहे। उनके अभिभावकों से जानकारी ली गई तो पता चला कि वह अपनी रिश्तेदारी में घूमने गए हैं। कुछ बच्चे अपने बड़े बहन-भाइयों के स्कूल नहीं खुलने के कारण नहीं आए। बताया कि बच्चों के लिए मीठे में खीर बनवाई गई। लावड़ स्थित प्राइमरी पाठशाला नंबर दो में पंजीकृत 150 बच्चों में से 16 उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना/सरूरपुर।। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद मंगलवार को सरधना क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में फिर से चहल-पहल लौट आई। लंबे अंतराल के बाद विद्यालय पहुंचे बच्चों का शिक्षकों ने विशेष स्वागत किया। कई स्कूलों में पुष्पवर्षा, तिलक और स्वागत गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों का अभिनंदन किया गया।
सरधना ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों के स्वागत की तैयारियों में जुटे रहे। छुट्टियों के बाद अपने मित्रों और शिक्षकों से मिलकर बच्चे भी काफी प्रसन्न नजर आए। प्राथमिक विद्यालय इस्लामाबाद में प्रधानाध्यापक जाकिर मलिक तथा अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किए गए कार्यों और अनुभवों के बारे में चर्चा की। प्राथमिक विद्यालय सलावा में शिक्षिका गीता सचदेवा ने बच्चों को नए सत्र के लिए प्रेरित करते हुए नियमित अध्ययन और अनुशासन का महत्व बताया।
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सरूरपुर क्षेत्र के गांव जसड़ सुल्तानगर, मैनापूठी, सरूरपुर खुर्द, पांचली बुजुर्ग, भूनी, गोटका, डाहर, कक्केपुर, कस्बा हर्रा, खिवाई, करनावल में स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। विद्यालय पहुंचने पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों का तिलक लगाकर अभिनंदन किया तथा उन्हें फूल देकर नए सत्र की शुभकामनाएं दीं।
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पहले दिन एक ही छात्रा पहुंची
मवाना। नगर के दो स्कूलों में से एक स्कूल में एक ही बच्चा पहुंचा। वहीं अन्य स्कूलों में भी बच्चों की संख्या पहले दिन काफी कम रही। पीएमश्री यूपीएस विद्यालय में 202 छात्र-छात्राओं में से मात्र कक्षा पांच की एक ही छात्रा पहुंची। प्रधानाचार्या नसीमा ने बताया कि सभी बच्चों को मैसेज किया गया था, लेकिन मात्र एक ही छात्रा आई। दो शिक्षक और एक शिक्षामित्र उपस्थित रहे। छात्रा का तिलक कर स्वागत किया गया। प्राथमिक विद्यालय नंबर 9 अशोक विहार में 30 छात्र-छात्राओं में पहले दिन एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। यहां पर एकमात्र शिक्षक नफीस अहमद हैं जो उपस्थित रहे। गांव खेड़ी मनिहार स्थित प्राथमिक विद्यालय में 70 छात्र-छात्राओं में से एक विद्यार्थी नहीं पहुंचा। प्रधानाचार्या सुहास मलिक ने बताया कि दो दिन पहले ही सभी छात्रों को सूचित कर दिया था, लेकिन कोई नहीं आया। यहां चार शिक्षक और दो शिक्षामित्र उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय सनौता में ग्रीष्मावकाश के पश्चात विद्यालय पुनः खुलने पर छात्र-छात्राओं का फूलमाला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रधानाध्यापक मुनीर अहमद ने बताया कि 109 में से 45 छात्र उपस्थित रहे। सभी पांच शिक्षक उपस्थित रहे।
तिलक-आरती से हुआ नौनिहालों का स्वागत
बहसूमा। गर्मी की छुट्टियों के बाद मंगलवार को बेसिक स्कूल खुले तो माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। पहले दिन स्कूल पहुंचे नन्हे-मुन्नों का अध्यापकों ने तिलक लगाकर, आरती उतारकर और फूल देकर स्वागत किया। पहले दिन बच्चों का डर भगाने और स्कूल से जोड़ने के लिए अध्यापकों की भूमिका सबसे अहम रही। माखनगर स्थित प्रधानाध्यापक रेनू सिंह ने बच्चों को तिलक लगाकर स्वागत किया। 105 पंजीकृत छात्रों में पहले दिन 60 बच्चे ही उपस्थित हुए। स्कूल में पांच अध्यापक-अध्यापिका तैनात हैं। वहीं मोहम्मदपुर शकिस्त स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव शर्मा ने बच्चों का फूल बरसाकर स्वागत किया। स्कूल में 64 पंजीकृत छात्रों में से पहले दिन 46 बच्चे ही पहुंचे। सैफपुर फिरोजपुर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक डिंपल शर्मा ने बताया कि विद्यालय में पहले दिन 74 बच्चों में से 35 छात्र ही उपस्थित हुए।
फूल देकर व मुंह मीठा कराकर किया स्वागत
परीक्षितगढ़। नगर के पीएम श्री प्राइमरी स्कूल में पहले दिन पहुंचे बच्चों का शिक्षक व शिक्षिकाओं ने अलग-अलग अंदाज में स्वागत किया। किसी ने फूल बरसाए तो किसी ने आरती व तिलक कर, गुब्बारे चॉकलेट के साथ बच्चों का स्वागत किया। विद्यालय के मुख्य द्वार को गुब्बाराें आदि से भी सजाया गया। मध्याह्न भोजन में मिष्ठान व फल खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया गया। महीने भर बाद स्कूल पहुंचे बच्चे भी खुश चेहरे के साथ नजर आए। कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका गीता रानी ने बताया स्कूल में 145 बच्चे पढ़ रहे हैं। पहले दिन 25 बच्चे स्कूल पहुंचे। इस दौरान शिक्षिका दीपिका धारीवाल, रेखा यादव, सीमा, शिक्षक वसीम अहमद मौजूद रहे।
पहले दिन स्कूलों में संख्या कम रही
फलावदा। कस्बा स्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पहले दिन बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। प्राइमरी पाठशाला में करीब 10 छात्र ही पहुंचे, जबकि दूसरे प्राथमिक विद्यालय में केवल पांच बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई। नए सत्र के पहले दिन विद्यालय में बच्चों के स्वागत के लिए मिष्ठान वितरित किया गया। शिक्षकों ने उपस्थित विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय की प्रधान अध्यापक भावना ने बताया कि अभी क्षेत्र के इंटर कॉलेजों में अवकाश चल रहा है। इस कारण अधिकांश अभिभावकों ने छोटे बच्चों को भी स्कूल नहीं भेजा।
तिलक और फूलमालाओं से हुआ छात्रों का स्वागत
हस्तिनापुर। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद मंगलवार को परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए उत्साह के साथ शैक्षिक गतिविधियां शुरू हुईं। शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा कर और फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। प्राथमिक विद्यालय जलालपुर मकबूलपुर के प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पहले दिन कक्षा एक से पांच तक के करीब आठ छात्र विद्यालय पहुंचे। उच्च प्राथमिक विद्यालय तारापुर के प्रधानाध्यापक सतपाल सिंह ने बताया कि उनके विद्यालय में लगभग दस छात्र उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका तृप्ति ने बताया कि पहले दिन छह छात्र-छात्राएं स्कूल आए, जिनका शिक्षकों ने तिलक लगाकर स्वागत किया।
खंड शिक्षा अधिकारी कमलराज ने बताया कि नए सत्र की शुरुआत को उत्सव के रूप में मनाने का उद्देश्य बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह बढ़ाना और उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई से जोड़ना है। आने वाले दिनों में विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
तिलक लगाकर स्वागत, मीठे में मिली खीर
लावड़। विकास खंड दौराला के प्राइमरी और प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। भराला गांव स्थित प्राइमरी पाठशाला की इंचार्ज शशि कौशिक ने बताया कि स्कूल के प्रथम दिन लगभग 55 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। कई बच्चे अनुपस्थित रहे। उनके अभिभावकों से जानकारी ली गई तो पता चला कि वह अपनी रिश्तेदारी में घूमने गए हैं। कुछ बच्चे अपने बड़े बहन-भाइयों के स्कूल नहीं खुलने के कारण नहीं आए। बताया कि बच्चों के लिए मीठे में खीर बनवाई गई। लावड़ स्थित प्राइमरी पाठशाला नंबर दो में पंजीकृत 150 बच्चों में से 16 उपस्थित रहे।