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शहीद हुए मनोज के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे मंत्री संजीव बालियान, एक नौकरी देने का किया ऐलान

Wed, 26 Apr 2017 10:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 26 Apr 2017 10:56 AM IST
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Sukma Attack : jawan martyred in retaliating against Maoists, body will reach Muzaffarnagar
सुकमा हमले में शहीद हुए मनोज कुमार

छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए 26 जवानों में मुजफ्फरनगर के गांव निरगाजनी का मनोज कुमार भी शामिल है। मनोज की शहादत की खबर मिलते ही परिवार सहित पूरे गांव में कोहराम मच गया। शहीद के घर पर रिश्तेदारों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पहुंचकर परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। गांव में शहीद के पार्थिव शरीर का लोग इंतजार कर रहे हैं। 

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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार की दोपहर करीब 12.25 बजे नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। हमले में सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के 26 जवान शहीद हुए। इस हमले में मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र के निरगाजनी गांव निवासी जवान मनोज कुमार भी शहीद हो गया। सोमवार की रात करीब 11 बजे सीआरपीएफ मुख्यालय से मनोज कुमार की शहादत की सूचना उसके भाई रमेश को दी गई। मनोज के शहीद होने का पता चलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक पसर गया। आठ भाई-बहनों में तीसरे नंबर के मनोज की शहादत के बारे में जिसने भी सुना वह सिहर उठा। मां, बहनें और भाइयों की चीत्कार पूरे गांव में गूंज रही है। मनोज अविवाहित था। तीन दिन पहले मनोज की अपने भाई रमेश से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उसने अगले माह गांव के ही सीआरपीएफ के जवान राजेंद्र की शादी में घर आने की बात कही थी। 

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मां राजेश बेटे की शादी के सपने बुन रही थी

Sukma Attack : jawan martyred in retaliating against Maoists, body will reach Muzaffarnagar
सुकमा हमले में शहीद हुए मनोज कुमार

बारहवीं करने के बाद हो गया था भर्ती
वर्ष 2011 में इंटरमीडिएट करने के बाद रामपुर से सीआरपीएफ में भर्ती हुए मनोज की रामपुर, दिल्ली, श्रीनगर में तैनाती के बाद वर्ष 2012 में सुकमा में पोस्टिंग हुई थी। शहीद के मनोज के पिता कर्मचंद भी अब इस दुनिया में नहीं हैं। वर्ष 2011 में गांव में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं दबंगों ने उनके शव को साइकिल पर रखकर पूरे गांव में घुमाया था। हमले में बीचबचाव में मनोज भी घायल हुआ था। बाद में वह सीआरपीएफ में भर्ती हो गया था। 

शहीद के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी : बालियान 
शहीद के घर रिश्तेदारों, अफसरों और नेताओं की भीड़ जुटी हुई है। अफसरों के मुताबिक देर रात तक मनोज का शव घर पहुंचने की उम्मीद है। सूचना मिलने पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान भी गांव पहुंचे और शहीद के परिवार को सांत्वना दी। मंत्री ने परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की भी घोषणा की।

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