मेरठ मंडल की चीनी मिलों ने कर दिखाया कुछ ऐसा कमाल, कोरोना काल में भी तोड़ा रिकॉर्ड
- मेरठ जनपद की मिलों ने रचा इतिहास
- किसानों ने मजदूरों की समस्या होने के बावजूद पेराई सत्र को सफलतापूर्वक संपन्न किया
- मिलों ने पिछले साल के मुकाबले 43.51 लाख गन्ना ज्यादा पेराई की
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मेरठ मंडल की चीनी मिलों ने गन्ना पेराई सत्र 2019-20 में गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इन मिलों ने पिछले पेराई सत्र में 1568.80 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर 160.49 लाख क्विंटल चीनी उत्पादित की थी, वहीं इस सत्र में 43.51 लाख क्विंटल ज्यादा यानि 1612.20 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करके 182.97 लाख क्विंटल चीनी उत्पादित की है, जो पिछले साल से 22.48 लाख क्विंटल ज्यादा है। इस रिकॉर्ड में मेरठ जनपद की मिलों का सर्वाधिक योगदान है।
कोरोना काल में मौजूदा पेराई सत्र शुगर इंडस्ट्री और किसानों के लिए चुनौतियों से भरा था। इंडस्ट्री ने कच्चे माल की कमी होने और किसानों ने लेबर समस्या होने के बावजूद न केवल पेराई सत्र को सफलतापूर्वक संपन्न किया, बल्कि गन्ने के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान भी रच डाला।
मंडल की 16 चीनी मिलों ने किसानों का पूरा गन्ना खरीदने के बाद ही पेराई सत्र खत्म किया। हाल ही में बंद हुई बागपत शुगर मिल के बाद गन्ना विभाग ने आंकड़े जारी किए तो गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन में पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए। मिलों ने पिछले साल के मुकाबले 43.51 लाख गन्ना ज्यादा पेराई की और 22.48 लाख क्विंटल चीनी ज्यादा उत्पादित हुई।
मंडल व जिले में पेराई व उत्पादन के आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2019-20 2018-19
मेरठ मंडल गन्ना पेराई 1612.31 1568.80
चीनी उत्पादन 182.97 160.49
मेरठ जनपद गन्ना पेराई 818.12 721.17
चीनी उत्पादन 93.33 83.01
मेरठ मंडल में चीनी रिकवरी 11.35 फीसदी
मेरठ जनपद में चीनी रिकवरी 11.41 फीसदी
नोट: गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन लाख क्विंटल में है और आंकड़े गन्ना भवन से लिए गए हैं।
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मेरठ जनपद की सभी छह मिलों ने गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। आंकड़ों के मुताबिक, जनपद में पिछले साल के मुकाबले 96.95 लाख क्विंटल गन्ना ज्यादा पेराई किया गया और 10.32 लाख क्विंटल चीनी ज्यादा बनाई गई। हालांकि, चीनी रिकवरी 0.10 फीसदी कम रही।
बोले अधिकारी
कोरोना संकट काल में भी शुगर इंडस्ट्री और किसानों ने गन्ना पेराई सत्र सफलतापूर्वक पूरा किया है। किसान हित में सरकार ने मिलों को पूरा गन्ना लिए बगैर बंद नहीं होने दिया। मंडल की मिलों ने गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन में पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसके लिए किसान, शुगर इंडस्ट्री और गन्ना विभाग कर्मी बधाई के पात्र हैं। - राजेश मिश्र, उप गन्ना आयुक्त, मेरठ परिक्षेत्र
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