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Meerut News: औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप शोध करेंगे विद्यार्थी
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- सीसीएसयू का उद्योग प्रतिनिधियों के साथ हुआ समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीसीएसयू में मंगलवार को उद्योग और शिक्षा जगत के बीच दूरी कम करने की पहल हुई। उद्योग सहभागिता एवं वैश्विक संपर्क कार्यक्रम में उद्यमियों ने विश्वविद्यालय के शोध को औद्योगिक जरूरतों से जोड़ने, विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और तकनीक हस्तांतरण को बढ़ावा देने के सुझाव दिए।
इस दौरान विश्वविद्यालय और झिलमिल एंड फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र सीईटीपी सोसायटी झिलमिल दिल्ली के बीच अकादमिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए। इसके तहत जल अपशिष्ट उपचार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शोध एवं तकनीकी सहयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, शोध निदेशक प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. एमके गुप्ता, वैश्विक संपर्क कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. आरके सोनी, डॉ. शैलेंद्र जायसवाल, डॉ. प्रियंका काकड़ और डॉ. नजीर तरन्नुम सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
प्रो. आरके सोनी ने शोध कार्यों की जानकारी उद्योग प्रतिनिधियों को दी। इस दौरान रविंद्र ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों के क्षेत्र में विवि के साथ काम करने की रुचि जताई। आशुतोष अग्रवाल ने आभूषण उद्योग के लिए प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने और रत्न काटने की मशीन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। फरमानुद्दीन ने कैंची उद्योग के विकास के लिए तकनीकी सहयोग मांगा। विवि की ओर से भौतिकी विभाग की प्रयोगशाला सुविधाओं के माध्यम से सहयोग का आश्वासन दिया गया।
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अजय गुप्ता ने उद्योग-विश्वविद्यालय संवाद के लिए स्थायी केंद्र बनाने का सुझाव दिया। इसके माध्यम से हर माह बैठक कर तकनीक अपनाने, तकनीक हस्तांतरण और औद्योगिक सहयोग पर काम किया जा सकता है। अनुराग अग्रवाल ने औद्योगिक वातावरण के व्यावहारिक अनुभव पर जोर दिया। कुणाल सिंह बेरवार ने विश्वविद्यालय के पेटेंट को एक पोर्टल पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। आशीष दुबे ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को कंपनियों में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि इस प्रयास से रोजगारपरक शिक्षा और शोध को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में अजय कुमार गुप्ता, अनिल गुप्ता, आदितेंद्र जायसवाल, गिरीश कुमार, संदीप गोयल, अनुराग अग्रवाल, अनुज कुमार, सुमनेश अग्रवाल, अमित पी. शर्मा, राज कुमार बंसल आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीसीएसयू में मंगलवार को उद्योग और शिक्षा जगत के बीच दूरी कम करने की पहल हुई। उद्योग सहभागिता एवं वैश्विक संपर्क कार्यक्रम में उद्यमियों ने विश्वविद्यालय के शोध को औद्योगिक जरूरतों से जोड़ने, विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और तकनीक हस्तांतरण को बढ़ावा देने के सुझाव दिए।
इस दौरान विश्वविद्यालय और झिलमिल एंड फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र सीईटीपी सोसायटी झिलमिल दिल्ली के बीच अकादमिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए। इसके तहत जल अपशिष्ट उपचार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शोध एवं तकनीकी सहयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, शोध निदेशक प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. एमके गुप्ता, वैश्विक संपर्क कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. आरके सोनी, डॉ. शैलेंद्र जायसवाल, डॉ. प्रियंका काकड़ और डॉ. नजीर तरन्नुम सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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प्रो. आरके सोनी ने शोध कार्यों की जानकारी उद्योग प्रतिनिधियों को दी। इस दौरान रविंद्र ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों के क्षेत्र में विवि के साथ काम करने की रुचि जताई। आशुतोष अग्रवाल ने आभूषण उद्योग के लिए प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने और रत्न काटने की मशीन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। फरमानुद्दीन ने कैंची उद्योग के विकास के लिए तकनीकी सहयोग मांगा। विवि की ओर से भौतिकी विभाग की प्रयोगशाला सुविधाओं के माध्यम से सहयोग का आश्वासन दिया गया।
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अजय गुप्ता ने उद्योग-विश्वविद्यालय संवाद के लिए स्थायी केंद्र बनाने का सुझाव दिया। इसके माध्यम से हर माह बैठक कर तकनीक अपनाने, तकनीक हस्तांतरण और औद्योगिक सहयोग पर काम किया जा सकता है। अनुराग अग्रवाल ने औद्योगिक वातावरण के व्यावहारिक अनुभव पर जोर दिया। कुणाल सिंह बेरवार ने विश्वविद्यालय के पेटेंट को एक पोर्टल पर उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। आशीष दुबे ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को कंपनियों में प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि इस प्रयास से रोजगारपरक शिक्षा और शोध को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में अजय कुमार गुप्ता, अनिल गुप्ता, आदितेंद्र जायसवाल, गिरीश कुमार, संदीप गोयल, अनुराग अग्रवाल, अनुज कुमार, सुमनेश अग्रवाल, अमित पी. शर्मा, राज कुमार बंसल आदि मौजूद रहे।