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Meerut News: जातिसूचक शब्द बोलने से आहत छात्र सदमे में, अस्पताल में भर्ती कराया

Fri, 25 Oct 2024 03:25 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2024 03:25 AM IST
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Students hurt by using caste based words, admitted to hospital in shock
गंगानगर (मेरठ)। एक निजी स्कूल में कक्षा नौ के एक छात्र की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्र अनुसूचित जाति से है। परिजनों और अन्य लोगों का आरोप है कि दो सहपाठी जातिसूचक शब्द बोलकर छात्र पर टिप्पणी करते हैं। इससे परेशान छात्र अवसाद में आ गया। तीन दिन पहले ही उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसी मामले में बृहस्पतिवार शाम परिजन और अन्य लोग काफी संख्या में थाने पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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कसेरूबक्सर निवासी मनोज कुमार एक बैंक में काम करते हैं। मनोज के मुताबिक उनका बेटा निजी स्कूल में पढ़ता है। पिछले कुछ माह से उसकी कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्र उसे लगातार परेशान करते आ रहे हैं। वह उसे जातिसूचक शब्द कहते हैं। अक्सर पेपर की बॉल बनाकर उसके ऊपर फेंकते हैं। हाथ छूने पर हाथ धोकर आते हैं। इस कृत्य की जानकारी छात्र ने दी तो उन्होंने स्कूल प्रशासन से शिकायत की। प्रधानाचार्य ने भरोसा दिलाया कि आगे से उसके साथ ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
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इसके बावजूद सहपाठी उसे परेशान कर रहे थे। इसके चलते छात्र अवसाद में चला गया। इसके चलते छात्र को अस्पताल ले जाना पड़ा। दो दिन पूर्व वह लोग थाने पर आए तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते बृहस्पतिवार शाम लोग फिर गंगानगर थाने पहुंचे। उन्होंने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों को आश्वासन दिया गया कि शुक्रवार को सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला के समक्ष दोनों पक्षों को बुलाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर बिजेंद्र लोहरे, पूर्व पार्षद दिनेश, भीम आर्मी महानगर अध्यक्ष गौतम, बिरजू, महेश प्रधान, प्रदीप, बॉबी टॉंक, मदन आदि मौजूद रहे।
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कुछ बच्चे अपने साथ ऐसे व्यवहार को दिल से लगा लेते हैं और अपमानित महसूस करते हैं। वह भावनात्मक रूप से आहत हो जाते हैं। ऐसे में शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सभी के साथ सही व्यवहार के लिए प्रेरित करें। समय-समय पर उनकी काउंसलिंग भी करें। - डॉ. रवि राणा, मनोरोग चिकित्सक।
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