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देश के भविष्य से खिलवाड़, टीचरों ने आठवीं तक के बच्चों से कराया नाला साफ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Thu, 23 Feb 2017 01:56 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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जनता इंटर कॉलेज बना में प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर छठी से आठवीं तक के बच्चों से झाड़ियां और नाला साफ कराया। सुबह स्कूल पहुंचते ही शिक्षकों ने मासूमों के हाथों में फावड़ा और तसला थमा दिया। परिसर के गड्ढों में मिट्टी भरवाई। पूरे दिन बच्चों की पढ़ाई नहीं हुई। मीडिया कर्मियों की नजर जब बच्चों पर पड़ी तो शिक्षकों में हड़कंप मच गया। उन्हें जल्दी से कक्षाओं में भेजा गया।
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रजपुरा ब्लॉक स्थित बना गांव के इंटर कॉलेज में कक्षा छह, सात और आठ के छात्र सुबह के समय स्कूल परिसर में सफाई कर रहे थे। कुछ छात्रों के हाथ में झाड़ू भी थी। छात्र स्कूल के मैदान में बने गड्ढों को मिट्टी से भर रहे थे। सूखे नाले में खड़ी झाड़ियों को फावड़े से काट रहे थे। इस दौरान आधा दर्जन से ज्यादा शिक्षक इन बच्चों को निर्देश दे रहे थे। वहां से गुजर रहे मीडिया कर्मियों ने जब इस नजारे को कैमरे में कैद करना शुरू किया तो शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को स्कूल के अंदर भेज दिया। इस दौरान एक शिक्षक से जब पूछा गया कि बच्चों से सफाई क्यों कराई जा रही, तो उनका कहना था कि कॉलेज को बोर्ड परीक्षा का केंद्र बनाया गया है। परीक्षा से पहले कॉलेज की सफाई कराई जा रही है। जब उनसे पूछा कि बच्चों से काम क्यों करा रहे हैं, मजदूर क्यों नहीं लगाए, तो वह चुप्पी साधकर कॉलेज के अंदर चले गए। वहीं यह भी बताया गया कि कृषि विषय की प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर यह सफाई कराई जा रही थी। प्रिंसिपल डॉ. रोहताश ने बताया कि अध्यापकों की देखरेख में ही प्रैक्टिकल परीक्षा कराई जा रही थी। इसमें कुछ गलत नहीं है। इस तरह की परीक्षा हर साल होती है।
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अनहोनी का कौन होता जिम्मेदार
छठी कक्षा के छात्र बहुत छोटे होते हैं। वे फावड़ा चलाने में सक्षम नहीं हैं। अगर किसी छात्र के हाथ या पैर में फावड़ा लग जाता तो कौन जिम्मेदार होता। इस सवाल का जवाब भी शिक्षकों के पास नहीं था।
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